रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी सतीश कुमार ने नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर ‘रेल जन संवाद’ कार्यक्रम के दौरान यात्रियों से बातचीत की। दिल्ली मंडल के 23 से अधिक प्रमुख स्टेशनों पर भी यात्रियों से सुझाव लिए गए। नई दिल्ली स्टेशन के 20 स्वच्छाग्राहियों को सम्मानित किया गया और स्वच्छता की शपथ दिलाई गई।
रेलवे स्टेशन पर सफर की जल्दबाजी, ट्रेनों का इंतजार और यात्रियों की रोजमर्रा की परेशानियां—इन सबके बीच रेलवे प्रशासन ने लोगों की बात सीधे सुनने की पहल की है। दिल्ली मंडल, उत्तर रेलवे की ओर से आयोजित ‘रेल जन संवाद’ कार्यक्रम के तहत रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री सतीश कुमार ने नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर यात्रियों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने यात्रियों की समस्याओं, सुझावों और अपेक्षाओं को समझने के साथ स्टेशन की स्वच्छता और यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी दी।
यात्रियों के बीच पहुंचे रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष, सुनी समस्याएं
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम का उद्देश्य रेलवे प्रशासन और यात्रियों के बीच सीधा संवाद स्थापित करना था। श्री सतीश कुमार ने यात्रियों और आम नागरिकों से बातचीत कर स्टेशन की व्यवस्थाओं को लेकर उनकी प्रतिक्रियाएं जानीं। इस अवसर पर श्री राजेश कुमार पाण्डेय, श्री पुष्पेश रमण त्रिपाठी तथा रेलवे बोर्ड और उत्तर रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
अक्सर यात्रियों को स्टेशन पर सफाई, सुविधाओं के रखरखाव और बेहतर यात्रा अनुभव से जुड़े मुद्दों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में ‘रेल जन संवाद’ के माध्यम से यात्रियों को अपनी बात सीधे अधिकारियों तक पहुंचाने का अवसर दिया गया। अधिकारियों ने यात्रियों की बातें ध्यानपूर्वक सुनीं और उन्हें अपनी समस्याओं तथा सुझावों को साझा करने के लिए प्रोत्साहित किया।

रेलवे प्रशासन की इस पहल का मकसद केवल शिकायतें सुनना नहीं, बल्कि यात्रियों की जरूरतों को समझते हुए सेवाओं में लगातार सुधार की दिशा में काम करना है।
सफाई से लेकर यात्री सुविधाओं तक, इन मुद्दों पर रहा जोर
कार्यक्रम के दौरान श्री सतीश कुमार ने भारतीय रेल की ओर से स्टेशनों पर स्वच्छता बढ़ाने, सफाई व्यवस्था को मजबूत करने और यात्री सुविधाओं में सुधार के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने स्वच्छ, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा अनुभव उपलब्ध कराने के महत्व पर जोर दिया।
स्टेशन की साफ-सफाई बनाए रखना किसी एक विभाग या कर्मचारी की जिम्मेदारी नहीं है। यात्रियों की भागीदारी भी इसमें अहम भूमिका निभाती है। इसी संदेश को आगे बढ़ाते हुए लोगों को स्टेशन की स्वच्छता और अन्य सुविधाओं से जुड़ी अपनी प्रतिक्रियाएं देने के लिए प्रेरित किया गया।
हालांकि, कार्यक्रम के दौरान यात्रियों के सुझावों पर किन-किन बिंदुओं पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी, इस संबंध में विस्तृत निर्णयों की जानकारी साझा नहीं की गई। ऐसे में इस पहल का वास्तविक असर आगे होने वाले सुधारों और शिकायतों के समाधान से सामने आएगा।
20 स्वच्छाग्राहियों को सम्मान, स्वच्छता की दिलाई गई शपथ
‘रेल जन संवाद’ कार्यक्रम में स्वच्छता को लेकर जनभागीदारी बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया गया। रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने वहां मौजूद अधिकारियों, कर्मचारियों और यात्रियों को स्वच्छता की शपथ दिलाई।
इस अवसर पर नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के 20 स्वच्छाग्राहियों को स्वच्छता के क्षेत्र में सराहनीय कार्य करने के लिए सम्मानित किया गया। उनके योगदान को सम्मानित करने का उद्देश्य स्टेशन परिसर को साफ रखने में जुटे लोगों के प्रयासों को पहचान देना और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करना था।
इसके साथ ही स्टेशन परिसर में स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया। इस माध्यम से यात्रियों को साफ-सफाई बनाए रखने और सार्वजनिक स्थानों को स्वच्छ रखने में अपनी भूमिका निभाने का संदेश दिया गया।

दिल्ली मंडल के 23 से अधिक प्रमुख स्टेशनों पर भी हुआ आयोजन
यह कार्यक्रम केवल नई दिल्ली रेलवे स्टेशन तक सीमित नहीं रहा। दिल्ली मंडल, उत्तर रेलवे ने मंडल के अन्य प्रमुख स्टेशनों पर भी ‘रेल जन संवाद’ आयोजित किया। इनमें हजरत निजामुद्दीन, आनंद विहार टर्मिनल, दिल्ली जंक्शन, दिल्ली सराय रोहिल्ला, दिल्ली कैंट, फरीदाबाद, गुरुग्राम, गाजियाबाद, शकूरबस्ती, मेरठ सिटी, दिल्ली शाहदरा, कुरुक्षेत्र, रोहतक, करनाल, पानीपत, शामली, मुजफ्फरनगर, मेरठ कैंट, जींद जंक्शन, जाखल, सोनीपत और नरवाना रेलवे स्टेशन शामिल हैं।
इन स्टेशनों पर दिल्ली मंडल के अधिकारियों ने यात्रियों से बातचीत की और स्टेशन की स्वच्छता, यात्री सुविधाओं तथा अन्य संबंधित विषयों पर उनके सुझाव और प्रतिक्रियाएं प्राप्त कीं। इस पहल के जरिए रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की भागीदारी बढ़ाने और उनकी समस्याओं को समझने का प्रयास किया।
अब सवाल—संवाद के बाद कितना बदलेगा स्टेशन का अनुभव?
‘रेल जन संवाद’ का उद्देश्य स्पष्ट है—यात्रियों की बात सुनी जाए, उनकी जरूरतों को समझा जाए और रेलवे सुविधाओं में निरंतर सुधार किया जाए। लेकिन किसी भी जनसंवाद की सफलता केवल बातचीत तक सीमित नहीं रहती। उसका असली महत्व तब सामने आता है, जब यात्रियों की शिकायतों पर कार्रवाई हो और स्टेशन की व्यवस्थाओं में दिखाई देने वाला बदलाव आए।
स्वच्छता, बेहतर सुविधाएं और यात्री संतुष्टि किसी भी प्रमुख रेलवे स्टेशन की पहचान हैं। ऐसे में अब यात्रियों की निगाह इस बात पर रहेगी कि इस संवाद से मिले सुझावों को किस तरह अमल में लाया जाता है। रेलवे प्रशासन और यात्रियों की साझा जिम्मेदारी से ही स्वच्छ, व्यवस्थित और यात्री-अनुकूल स्टेशन का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
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