उत्तर प्रदेश में वरिष्ठ IPS अधिकारियों के तबादलों का सिलसिला जारी है। शासन ने डीके ठाकुर को पुलिस महानिदेशक एवं महासमादेष्टा, होमगार्ड की जिम्मेदारी सौंपी है, जबकि अशोक कुमार सिंह को पुलिस महानिदेशक, नागरिक सुरक्षा बनाया गया है। इससे पहले 7 अक्टूबर को 20 IPS अधिकारियों के तबादले हुए थे, जिनमें 12 जिलों के पुलिस कप्तान भी शामिल थे।
उत्तर प्रदेश के पुलिस महकमे में एक बार फिर वरिष्ठ अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है। शासन ने दो सीनियर IPS अधिकारियों को नई तैनाती देते हुए प्रशासनिक फेरबदल के आदेश जारी किए हैं। इस बदलाव में 1994 बैच के IPS अधिकारी ध्रुव कांत (डीके) ठाकुर और 1995 बैच के IPS अधिकारी अशोक कुमार सिंह के नाम शामिल हैं।
नई व्यवस्था के तहत डीके ठाकुर अब पुलिस महानिदेशक एवं महासमादेष्टा, होमगार्ड के पद पर अपनी जिम्मेदारी संभालेंगे। वहीं, अशोक कुमार सिंह को पुलिस महानिदेशक, नागरिक सुरक्षा बनाया गया है। दोनों अधिकारियों की तैनाती में बदलाव ऐसे समय हुआ है, जब इसी महीने प्रदेश में बड़े स्तर पर IPS अधिकारियों के तबादले किए जा चुके हैं।
डीके ठाकुर के पास अब केवल होमगार्ड की जिम्मेदारी
1994 बैच के वरिष्ठ IPS अधिकारी डीके ठाकुर अभी तक पुलिस महानिदेशक एवं महासमादेष्टा, होमगार्ड के पद पर तैनात थे। इसके साथ ही वह पुलिस महानिदेशक, नागरिक सुरक्षा का अतिरिक्त प्रभार भी संभाल रहे थे।
शासन के नए आदेश के बाद उनके कार्यभार में बदलाव किया गया है। अब वह केवल पुलिस महानिदेशक एवं महासमादेष्टा, होमगार्ड की जिम्मेदारी संभालेंगे। नागरिक सुरक्षा विभाग का अतिरिक्त प्रभार उनसे लेकर दूसरे वरिष्ठ अधिकारी को सौंप दिया गया है।
इस बदलाव के साथ ही होमगार्ड और नागरिक सुरक्षा विभागों की जिम्मेदारियां अलग-अलग अधिकारियों के बीच स्पष्ट हो गई हैं। प्रशासनिक दृष्टि से इसे अतिरिक्त प्रभार की व्यवस्था में बदलाव के तौर पर देखा जा सकता है।
अशोक कुमार सिंह को मिली नागरिक सुरक्षा की कमान
1995 बैच के IPS अधिकारी अशोक कुमार सिंह को पुलिस महानिदेशक, नागरिक सुरक्षा के पद पर नई तैनाती दी गई है। इससे पहले वह उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड में महानिदेशक एवं सदस्य सचिव के पद पर कार्यरत थे।
अब उन्हें इस जिम्मेदारी से हटाकर नागरिक सुरक्षा विभाग की कमान सौंपी गई है। इस तरह उनके कार्यक्षेत्र में भी महत्वपूर्ण बदलाव हुआ है।
नागरिक सुरक्षा विभाग की जिम्मेदारी मिलने के बाद अशोक कुमार सिंह इस विभाग से जुड़े प्रशासनिक कार्यों का नेतृत्व करेंगे। वहीं, पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड में उनके स्थान पर किस अधिकारी को जिम्मेदारी दी जाएगी, इस संबंध में उपलब्ध जानकारी में कोई नाम सामने नहीं आया है।
7 अक्टूबर को भी हुआ था बड़ा फेरबदल, 20 IPS अधिकारियों के तबादले
उत्तर प्रदेश में वरिष्ठ अधिकारियों की नई तैनाती का यह घटनाक्रम अक्टूबर महीने में हुए बड़े प्रशासनिक फेरबदल के बाद सामने आया है। इससे पहले 7 अक्टूबर को शासन ने 20 IPS अधिकारियों के तबादले किए थे। उस दौरान प्रदेश के 12 जिलों के पुलिस कप्तानों को भी बदल दिया गया था।
उस फेरबदल में कई जिलों की पुलिस कमान नए अधिकारियों को सौंपी गई थी। इनमें सूरज कुमार राय को मुजफ्फरनगर का SSP बनाया गया था। आलोक राज नारायण को मथुरा का SP, विनय कुमार सिंह को गाजीपुर का SP, इरज राजा को बलिया का SP और सर्वेश कुमार मिश्रा को मऊ का SP नियुक्त किया गया था।
इसके अलावा यशवीर सिंह को जौनपुर का SP और ओमवीर सिंह को बस्ती का SP बनाया गया था। रवीना त्यागी को बाराबंकी, पूर्णेंदु सिंह को बागपत, मधुबन सिंह को हापुड़ और सुरेश चन्द्र रावत को जालौन का SP नियुक्त किया गया था।
इन नियुक्तियों के जरिए कई जिलों में पुलिस नेतृत्व की जिम्मेदारी बदली गई थी।
पुलिस कमिश्नरेट में भी बदले गए थे अधिकारी
7 अक्टूबर को हुए तबादलों में केवल जिलों के पुलिस कप्तान ही नहीं बदले गए थे, बल्कि पुलिस कमिश्नरेट में भी अधिकारियों की तैनाती में बदलाव किया गया था।
IPS अधिकारी कुंवर ज्ञानेंद्र सिंह को DCP प्रयागराज बनाया गया था, जबकि अर्पित विजयवर्गीय को DCP लखनऊ की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इसके अलावा भी कई अधिकारियों को अलग-अलग पदों पर तैनात किया गया था।
इस तरह अक्टूबर महीने में प्रदेश के पुलिस प्रशासन में कई स्तरों पर बदलाव देखने को मिले हैं। अब दो वरिष्ठ IPS अधिकारियों की नई तैनाती ने एक बार फिर पुलिस महकमे में प्रशासनिक फेरबदल को चर्चा में ला दिया है।
क्या आगे भी होंगे तबादले?
पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के तबादले शासन की सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा होते हैं। इनका उद्देश्य जरूरत के अनुसार अधिकारियों की जिम्मेदारियों और तैनाती में बदलाव करना होता है।
फिलहाल डीके ठाकुर को होमगार्ड की जिम्मेदारी और अशोक कुमार सिंह को नागरिक सुरक्षा विभाग की कमान सौंपने के आदेश सामने आए हैं। हालांकि, आने वाले दिनों में प्रदेश में और अधिकारियों के तबादले होंगे या नहीं, इसे लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।
ऐसे में अब नजर इस बात पर रहेगी कि उत्तर प्रदेश शासन आने वाले दिनों में पुलिस प्रशासन के स्तर पर कोई और बदलाव करता है या मौजूदा फेरबदल तक ही यह प्रक्रिया सीमित रहती है।
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