गौतमबुद्ध नगर में 18 अक्टूबर 2026 को आबकारी विभाग ने विशेष प्रवर्तन अभियान के तहत शराब की दुकानों और बार का औचक निरीक्षण किया। विक्रेताओं को निर्धारित मूल्य पर POS मशीन से स्कैन करके बिक्री करने, ब्रांड प्रदर्शित करने और CCTV रिकॉर्डिंग रियल टाइम में चालू रखने के निर्देश दिए गए।
गौतमबुद्ध नगर में शराब की दुकानों पर नियमों के पालन और बिक्री व्यवस्था की निगरानी को लेकर आबकारी विभाग ने सख्ती दिखाई है। आबकारी आयुक्त, उत्तर प्रदेश के आदेश पर जिलाधिकारी गौतमबुद्ध नगर और पुलिस आयुक्त गौतमबुद्ध नगर के निर्देशन में जिले में विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया गया। इसी अभियान के तहत 18 अक्टूबर 2026 को जनपदीय आबकारी टीमों ने विभिन्न प्रकार की मदिरा दुकानों और बार का आकस्मिक निरीक्षण किया।
इस कार्रवाई का उद्देश्य दुकानों पर निर्धारित नियमों के अनुसार मदिरा की बिक्री सुनिश्चित करना, विक्रेताओं को जरूरी निर्देश देना और बिक्री प्रक्रिया की निगरानी करना रहा। निरीक्षण के दौरान विभागीय टीमों ने दुकानों पर ब्रांड प्रदर्शित करने, POS मशीन के माध्यम से स्कैन कर निर्धारित मूल्य पर बिक्री करने और CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग चालू रखने पर विशेष जोर दिया।
जिला आबकारी अधिकारी गौतमबुद्ध नगर के पर्यवेक्षण में चलाए गए इस अभियान के दौरान विभाग ने स्पष्ट किया कि दुकानों पर बिक्री की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए और निर्धारित व्यवस्था का पालन किया जाना चाहिए।

देशी शराब से लेकर प्रीमियम रिटेल शॉप और बार तक जांच
विशेष प्रवर्तन अभियान के अंतर्गत आबकारी टीमों ने जनपद में संचालित विभिन्न श्रेणियों के अनुज्ञापनों का औचक निरीक्षण किया। इनमें देशी शराब की दुकानें, कम्पोजिट शॉप, मॉडल शॉप, प्रीमियम रिटेल शॉप और बार शामिल रहे।
अलग-अलग श्रेणियों की दुकानों का निरीक्षण कर विभाग ने बिक्री से संबंधित व्यवस्थाओं पर ध्यान दिया। अनुज्ञापियों यानी लाइसेंसधारकों और विक्रेताओं को निर्देशित किया गया कि मदिरा के विभिन्न ब्रांड स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किए जाएं। इससे ग्राहकों को उपलब्ध ब्रांडों की जानकारी मिल सके और बिक्री प्रक्रिया व्यवस्थित बनी रहे।
विभाग ने POS मशीन से स्कैन करने के बाद निर्धारित मूल्य पर मदिरा बेचने के निर्देश भी दिए। इसका उद्देश्य बिक्री को निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप रखना और ग्राहकों से मूल्य संबंधी नियमों का पालन सुनिश्चित करना है।
हालांकि, विभाग की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि निरीक्षण के दौरान किसी दुकान पर अनियमितता मिली या किसी अनुज्ञापी के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की गई।

कैंटीनों की गहन जांच, गोपनीय टेस्ट परचेज भी
आबकारी विभाग की टीमों ने निरीक्षण के दौरान कैंटीनों की भी गहनता से जांच की। इसके अतिरिक्त मदिरा दुकानों पर गोपनीय टेस्ट परचेज यानी सामान्य ग्राहक की तरह खरीदारी कर बिक्री प्रक्रिया को परखने की व्यवस्था अपनाई गई।
टेस्ट परचेज के जरिए यह जांचने में मदद मिल सकती है कि दुकानों पर वास्तविक बिक्री के दौरान निर्धारित नियमों का पालन किया जा रहा है या नहीं। हालांकि, उपलब्ध विभागीय जानकारी में टेस्ट परचेज के दौरान किसी विशेष दुकान पर नियमों के उल्लंघन की पुष्टि या उसके परिणामों का विवरण नहीं दिया गया है।
इस तरह की जांच का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि दुकान पर प्रदर्शित निर्देशों और वास्तविक बिक्री प्रक्रिया में अंतर होने की स्थिति में सामान्य ग्राहक को परेशानी हो सकती है। ऐसे में निरीक्षण और गोपनीय जांच के माध्यम से विभाग बिक्री व्यवस्था पर निगरानी रखने की कोशिश कर रहा है।
CCTV की रियल टाइम रिकॉर्डिंग चालू रखने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान आबकारी टीमों ने मदिरा दुकानों पर लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग को लेकर भी निर्देश दिए। सभी दुकानों पर CCTV रिकॉर्डिंग रियल टाइम में संचालित रखने के लिए कहा गया।

CCTV निगरानी से दुकानों की गतिविधियों पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर संबंधित घटनाओं की रिकॉर्डिंग की जांच करने में मदद मिल सकती है। इसलिए कैमरों का चालू रहना और रिकॉर्डिंग का नियमित रूप से होना निगरानी व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
विभाग ने लाइसेंसधारकों और विक्रेताओं को निर्देशों का पालन करने को कहा। अभियान के दौरान ब्रांड डिस्प्ले, POS मशीन से स्कैनिंग, निर्धारित मूल्य पर बिक्री और CCTV रिकॉर्डिंग जैसे बिंदुओं पर जोर दिया गया।
आगे भी जारी रहेगा नियमों के पालन पर जोर?
गौतमबुद्ध नगर में चलाया गया यह विशेष प्रवर्तन अभियान आबकारी व्यवस्था की निगरानी के प्रयासों का हिस्सा है। देशी शराब की दुकानों से लेकर प्रीमियम रिटेल शॉप, मॉडल शॉप, कम्पोजिट शॉप, बार और कैंटीनों की जांच के जरिए विभाग ने बिक्री प्रक्रिया पर ध्यान केंद्रित किया।
फिलहाल, 18 अक्टूबर को किए गए निरीक्षण के संबंध में विभागीय जानकारी में किसी दुकान को सील करने, चालान करने, जुर्माना लगाने या लाइसेंस के खिलाफ कार्रवाई का उल्लेख नहीं है। इसलिए इसे औचक निरीक्षण और नियमों के अनुपालन के लिए दिए गए निर्देशों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
अब निगरानी का अहम पहलू यह होगा कि दुकानों पर POS मशीन से स्कैन कर निर्धारित मूल्य पर बिक्री, ब्रांडों का स्पष्ट प्रदर्शन और CCTV की रियल टाइम रिकॉर्डिंग के निर्देशों का कितना पालन होता है। विभागीय अभियान का प्रभाव तभी दिखाई देगा, जब निर्देशों का पालन नियमित रूप से सुनिश्चित किया जाए।
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