गौतमबुद्धनगर में नोएडा, दादरी और जेवर विधानसभा क्षेत्रों के मतदेय स्थलों के पुनर्गठन पर राजनीतिक दलों के साथ बैठक हुई। जिले में 2,024 से घटाकर 1,925 मतदेय स्थल प्रस्तावित हैं। आपत्तियां 23 अक्टूबर तक दी जा सकती हैं, जबकि अंतिम सूची 26 अक्टूबर को तैयार होगी।
आगामी निर्वाचन प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए गौतमबुद्धनगर जिले में मतदान केंद्रों और मतदेय स्थलों के पुनर्गठन की कवायद तेज हो गई है। इस बदलाव के बाद जिले में मतदेय स्थलों की संख्या मौजूदा 2,024 से घटकर 1,925 प्रस्तावित है, जबकि मतदान केंद्रों की संख्या 743 से बढ़कर 763 करने की योजना है। नोएडा, दादरी और जेवर विधानसभा क्षेत्रों में प्रस्तावित बदलावों पर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा की गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मतदाताओं की सुविधा, मतदान स्थलों तक पहुंच और आवश्यक सुविधाओं को ध्यान में रखकर यह प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
बुधवार, 21 अक्टूबर को कलेक्ट्रेट सभागार में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व तथा उप जिला निर्वाचन अधिकारी अजीत कुमार सिंह की अध्यक्षता में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित हुई। बैठक में भारत निर्वाचन आयोग और मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश, लखनऊ के निर्देशों के क्रम में मतदेय स्थलों के संभाजन, पुनर्निर्धारण और नए मतदेय स्थल स्थापित करने से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।
1,200 मतदाताओं के आधार पर होगा बूथों का पुनर्गठन
बैठक में बताया गया कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश की ओर से मतदेय स्थलों का संभाजन 1,200 मतदाताओं के आधार पर करने के निर्देश प्राप्त हुए हैं। इसी के अनुसार जिले के मौजूदा मतदेय स्थलों का भौतिक सत्यापन और पुनर्निर्धारण किया जा रहा है। जहां जरूरत होगी, वहां नए मतदेय स्थल स्थापित करने की कार्रवाई भी की जाएगी।
प्रशासन के मुताबिक, इस प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाताओं को मतदान के दौरान अनावश्यक परेशानी से बचाना और बूथों की व्यवस्था को अधिक सुविधाजनक बनाना है। खासकर तेजी से विकसित हो रहे शहरी इलाकों में मतदाताओं की बढ़ती संख्या और आवासीय विस्तार को देखते हुए मतदान स्थलों की उपयुक्तता का आकलन किया जा रहा है।

23 अक्टूबर तक दे सकते हैं सुझाव और आपत्तियां
मतदेय स्थलों के पुनर्गठन की प्रक्रिया के तहत 16 से 18 अक्टूबर 2026 तक भौतिक सत्यापन और पुनर्निर्धारण का काम किया गया। इसके बाद 19 अक्टूबर को आपत्तियों और सुझावों के लिए मतदेय स्थलों की प्रारूप सूची प्रकाशित की गई। यह सूची मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को भी उपलब्ध कराई गई है।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी अजीत कुमार सिंह ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से अपील की कि वे प्रस्तावित मतदेय स्थलों के संबंध में अपने सुझाव और आपत्तियां 23 अक्टूबर 2026 तक संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों या जिला निर्वाचन कार्यालय को लिखित रूप में उपलब्ध करा दें। प्राप्त आपत्तियों और सुझावों पर नियमानुसार विचार करके उनका निस्तारण किया जाएगा।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 26 अक्टूबर को मतदेय स्थलों की अंतिम सूची तैयार की जाएगी। इसके बाद 27 अक्टूबर 2026 को सभी आवश्यक संलग्नकों सहित प्रस्ताव अनुमोदन के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय, उत्तर प्रदेश को भेजा जाएगा।
नोएडा, दादरी और जेवर में क्या बदलेगा?
बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, तीनों विधानसभा क्षेत्रों में मतदान केंद्रों और मतदेय स्थलों की मौजूदा तथा प्रस्तावित स्थिति इस प्रकार है:
| विधानसभा क्षेत्र | वर्तमान मतदान केंद्र | प्रस्तावित मतदान केंद्र | वर्तमान मतदेय स्थल | प्रस्तावित मतदेय स्थल |
|---|
| 61-नोएडा | 233 | 232 | 811 | 784 |
| 62-दादरी | 303 | 327 | 794 | 746 |
| 63-जेवर | 207 | 204 | 419 | 395 |
| कुल | 743 | 763 | 2,024 | 1,925 |
इन आंकड़ों के मुताबिक, नोएडा विधानसभा क्षेत्र में मतदान केंद्रों की संख्या 233 से घटकर 232 और मतदेय स्थलों की संख्या 811 से घटकर 784 प्रस्तावित है। दादरी में मतदान केंद्रों की संख्या 303 से बढ़कर 327 करने का प्रस्ताव है, जबकि मतदेय स्थल 794 से घटकर 746 हो सकते हैं। जेवर में मतदान केंद्रों की संख्या 207 से घटकर 204 और मतदेय स्थलों की संख्या 419 से घटकर 395 प्रस्तावित है।
कुल मिलाकर जिले में 20 मतदान केंद्र बढ़ाने और 99 मतदेय स्थल कम करने का प्रस्ताव है। हालांकि, ये आंकड़े प्रस्तावित पुनर्गठन से संबंधित हैं। अंतिम व्यवस्था निर्धारित प्रक्रिया और सक्षम प्राधिकारी के अनुमोदन के बाद ही स्पष्ट होगी।

बहुमंजिला सोसाइटियों और दिव्यांग मतदाताओं पर विशेष ध्यान
बैठक में अजीत कुमार सिंह ने सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को निर्देश दिए कि मतदाता सूची का शत-प्रतिशत भौतिक सत्यापन करने के बाद ही मतदेय स्थलों का संभाजन किया जाए। शहरी क्षेत्रों में बहुमंजिला इमारतों, ग्रुप हाउसिंग सोसाइटियों और नई विकसित आवासीय कॉलोनियों में मतदाताओं की सुविधा के अनुसार बूथ स्थापित करने पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।
इसके साथ ही पुराने और जर्जर भवनों में संचालित मतदेय स्थलों को उपयुक्त स्थायी भवनों में स्थानांतरित करने, दिव्यांग और अशक्त मतदाताओं के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा बूथों की दूरी और वहां तक पहुंच को ध्यान में रखने के निर्देश भी दिए गए।
अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि प्रत्येक मतदेय स्थल पर आवश्यक न्यूनतम सुविधाएं उपलब्ध हों और पुनर्गठन की पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता के साथ निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पूरी की जाए।
बैठक में राजनीतिक दलों और अधिकारियों की मौजूदगी
बैठक में भारतीय जनता पार्टी की ओर से जिला महामंत्री धर्मेंद्र कोरी, बहुजन समाज पार्टी के जिला अध्यक्ष लखमी सिंह और विधानसभा प्रभारी ओम प्रकाश सिंह, समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव गजेंद्र सिंह यादव, कांग्रेस के उपाध्यक्ष नीरज लोहिया तथा सीपीआई (एम) के सेक्रेटरी अरुण प्रताप सिंह और सौम्या वत्स उपस्थित रहे।
इसके अलावा डिप्टी कलेक्टर एवं प्रभारी सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी अरुण कुमार, दादरी के उप जिलाधिकारी अभिनेंद्र सिंह, जेवर के उप जिलाधिकारी दुर्गेश सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए।
अब प्रशासन के सामने तय समयसीमा में सुझावों और आपत्तियों का निस्तारण कर अंतिम सूची तैयार करने की जिम्मेदारी है। मतदाताओं के लिए सबसे अहम बात यह होगी कि पुनर्गठन के बाद उनका मतदान स्थल कहां निर्धारित होता है और वहां पहुंचने के लिए कितनी सुविधा उपलब्ध रहती है।
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