ग्रेटर नोएडा के सुथ्याना गांव में अवैध निर्माण के खिलाफ प्राधिकरण ने बुलडोजर कार्रवाई की। करीब 9500 वर्ग मीटर अधिग्रहित जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है। प्राधिकरण के मुताबिक इस जमीन की अनुमानित कीमत करीब 19 करोड़ रुपये है। आरोप है कि कॉलोनाइजर यहां घर बनाकर अवैध कॉलोनी बसाने की तैयारी में थे।
ग्रेटर नोएडा में जमीन पर कब्जा कर अवैध कॉलोनी बसाने की कोशिशों के खिलाफ ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने एक बार फिर कार्रवाई की है। सोमवार को सुथ्याना गांव में प्राधिकरण की टीम बुलडोजर लेकर पहुंची और अधिग्रहित जमीन पर किए जा रहे अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई में लगभग 9500 वर्ग मीटर जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया है। प्राधिकरण ने इस जमीन की अनुमानित कीमत करीब 19 करोड़ रुपये बताई है।
प्राधिकरण के मुताबिक, जिस जमीन पर अवैध निर्माण किया जा रहा था, वह ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण द्वारा पहले ही अधिग्रहित की जा चुकी है और उस पर प्राधिकरण का कब्जा भी प्राप्त है। इसके बावजूद कुछ कॉलोनाइजर इस जमीन पर निर्माण कर कब्जा जमाने की कोशिश कर रहे थे। बताया गया है कि यहां मकान बनाकर अवैध कॉलोनी बसाने की तैयारी थी। समय रहते कार्रवाई करते हुए प्राधिकरण की टीम ने निर्माण को ध्वस्त कर जमीन को अपने कब्जे में सुरक्षित कराया।

इन पांच खसरा नंबरों की जमीन पर हो रहा था अवैध निर्माण
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के महाप्रबंधक एके सिंह ने कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया कि सुथ्याना गांव के खसरा संख्या 798, 810, 815, 816 और 817 की लगभग 9500 वर्ग मीटर अधिग्रहित जमीन पर कॉलोनाइजर अवैध निर्माण कर कब्जाने की कोशिश कर रहे थे।
मामले की जानकारी मिलने के बाद प्राधिकरण के परियोजना विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। वरिष्ठ प्रबंधक राजेश निम के नेतृत्व में प्रबंधक स्वतंत्र वर्मा और वर्क सर्किल-4 की पूरी टीम ने ध्वस्तीकरण अभियान चलाया। टीम ने मौके पर मौजूद अवैध निर्माण को बुलडोजर की मदद से ध्वस्त कर दिया। इसके साथ ही करीब 9500 वर्ग मीटर जमीन को अतिक्रमण से मुक्त करा लिया गया।
प्राधिकरण के आकलन के अनुसार, मुक्त कराई गई जमीन की अनुमानित कीमत लगभग 19 करोड़ रुपये है। यानी जिस जमीन पर अवैध तरीके से कब्जा करने की कोशिश की जा रही थी, उसकी कीमत करोड़ों में आंकी गई है।

सीईओ एनजी रवि कुमार के निर्देश पर कार्रवाई
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार ने अधिसूचित क्षेत्र में अवैध निर्माण और अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इन्हीं निर्देशों के तहत प्राधिकरण की टीम लगातार अलग-अलग क्षेत्रों में अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान चला रही है।
प्राधिकरण का कहना है कि अधिसूचित क्षेत्र में किसी भी व्यक्ति को बिना अनुमति अवैध निर्माण करने की इजाजत नहीं है। अधिग्रहित जमीन पर कब्जा करने या वहां अवैध कॉलोनी विकसित करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जमीन खरीदने से पहले प्राधिकरण से जानकारी लेने की अपील
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ सुमित यादव ने आम लोगों को जमीन खरीदते समय सावधानी बरतने की सलाह दी है।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि ग्रेटर नोएडा के अधिसूचित क्षेत्र में किसी भी व्यक्ति को अवैध निर्माण करने की अनुमति नहीं है। ऐसे में किसी भी स्थान पर जमीन खरीदने से पहले खरीदारों को प्राधिकरण से संपर्क कर जमीन की पूरी जानकारी अवश्य प्राप्त करनी चाहिए।
उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अवैध कॉलोनियों के झांसे में आकर अपनी मेहनत की कमाई न फंसाएं। जमीन के दस्तावेज, स्वामित्व और संबंधित क्षेत्र की स्थिति की जांच किए बिना खरीदारी करना भविष्य में परेशानी का कारण बन सकता है।
19 करोड़ की जमीन मुक्त, लेकिन निगरानी भी जरूरी
सुथ्याना में हुई कार्रवाई से प्राधिकरण ने अधिग्रहित जमीन पर हो रहे अवैध निर्माण को हटाकर करीब 9500 वर्ग मीटर क्षेत्र को कब्जामुक्त कराया है। हालांकि, ऐसी कार्रवाइयों के साथ यह भी महत्वपूर्ण है कि मुक्त कराई गई जमीन पर दोबारा अतिक्रमण न हो और क्षेत्र में लगातार निगरानी बनी रहे।
फिलहाल प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि अधिसूचित क्षेत्र में अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। अब देखना होगा कि सुथ्याना में मुक्त कराई गई इस जमीन को सुरक्षित रखने के लिए आगे क्या निगरानी व्यवस्था अपनाई जाती है।
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