नोएडा प्राधिकरण CEO ने सफाई, GRAP, सड़क रिसर्फेसिंग, बकाया वसूली और न्यू नोएडा भूमि अधिग्रहण की समीक्षा की। सेक्टर-145 में दीपावली से 5 प्रतिशत आबादी भूखंडों का कब्जा देने की तैयारी।
त्योहारों से पहले शहर की सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने से लेकर बढ़ते वायु प्रदूषण पर लगाम लगाने और लंबे समय से बकाया रकम की वसूली तक, नोएडा प्राधिकरण ने कई मोर्चों पर काम तेज करने की तैयारी की है। 15 अक्टूबर को प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में शहर की व्यवस्थाओं, निर्माण परियोजनाओं, अवैध कब्जों और न्यू नोएडा के भूमि अधिग्रहण की स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि त्योहारों के दौरान सफाई, सड़क मरम्मत और रोशनी की व्यवस्था समय से पूरी की जाए। वहीं, आगामी ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) को ध्यान में रखते हुए 31 अक्टूबर तक सभी सड़कों की रिसर्फेसिंग कराने का लक्ष्य रखा गया। प्राधिकरण ने ₹1 करोड़ से अधिक के ऐसे बकायेदारों से वसूली भी 1 नवंबर तक पूरी करने के निर्देश दिए हैं, जिनके मामले किसी न्यायालय में लंबित नहीं हैं।
बैठक में अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी वंदना त्रिपाठी, विशेष कार्याधिकारी क्रांतिशेखर सिंह, महिमा, इंदुप्रकाश सिंह, एन.के. सिंह और संतोष कुमार सहित सिविल, विद्युत-यांत्रिक, नियोजन और उद्यान विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। विभिन्न वर्क सर्किलों और जल तथा विद्युत-यांत्रिक खंडों के वरिष्ठ प्रबंधकों और प्रबंधकों ने भी हिस्सा लिया।
त्योहारों से पहले सफाई, रोशनी और कृत्रिम तालाबों की तैयारी
त्योहारों के मद्देनजर प्राधिकरण का जोर शहर के प्रमुख बाजारों, सार्वजनिक स्थलों और आवासीय क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था बेहतर करने पर है। CEO ने अधिकारियों को सड़कों की मरम्मत, पर्याप्त लाइटिंग और साफ-सफाई के काम समय से पूरा करने के निर्देश दिए। मूर्ति विसर्जन और अर्घ्य के लिए उपयुक्त स्थानों पर कृत्रिम तालाब तैयार करने को भी कहा गया है।
डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए गांवों में अतिरिक्त वाहन खरीदकर तैनात करने की योजना है। प्राधिकरण के अनुसार, कचरा उठाने वाले वाहनों के बेड़े में 70 प्रतिशत इलेक्ट्रिक वाहन (EV) और 30 प्रतिशत सीएनजी वाहन शामिल करने की दिशा में कार्रवाई चल रही है। इसके लिए अनुमान तैयार कर भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) को परीक्षण के लिए भेजा जा चुका है।
सफाई व्यवस्था की निगरानी को लेकर भी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए। वर्क सर्किलों के अवर अभियंताओं को सुबह 8 बजे तक और प्रबंधकों को सुबह 9 बजे तक अपने-अपने क्षेत्रों में पहुंचकर निरीक्षण करना होगा। निरीक्षण के दौरान संबंधित कर्मचारियों को अपनी लाइव लोकेशन साझा करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
इसके अलावा, सफाई कार्यों में लगे ठेकेदारों के साथ बैठक कर प्रमुख बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर विशेष सफाई अभियान चलाने को कहा गया। शहर में अव्यवस्थित रूप से फैले कबाड़ियों को हटाने और अवैध वेंडरों के खिलाफ कार्रवाई तेज करने के निर्देश भी दिए गए हैं। जब्त ठेलियों, खोखों और कार्ट को रखने के लिए प्रत्येक वर्क सर्किल में एक-एक स्टोर की व्यवस्था करने को कहा गया है।

प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए 31 अक्टूबर तक का लक्ष्य
सर्दियों में GRAP लागू होने से पहले ही वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने की तैयारी शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत 31 अक्टूबर तक शहर की सभी सड़कों की रिसर्फेसिंग कराने का लक्ष्य तय किया गया है। भवनों में रूफटॉप स्प्रिंकलर लगाने के लिए एडवाइजरी जारी करने और शहर के विभिन्न स्थानों पर एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) प्रदर्शित करने की व्यवस्था करने को भी कहा गया है।
इन निर्देशों का उद्देश्य प्रदूषण नियंत्रण से जुड़ी तैयारियों को समय रहते आगे बढ़ाना है। हालांकि, निर्धारित समयसीमा में सभी काम पूरे होते हैं या नहीं, यह संबंधित विभागों की कार्यप्रगति पर निर्भर करेगा।
भंगेल एलिवेटेड रोड से लेकर चिल्ला बॉर्डर परियोजना तक समीक्षा
बैठक में शहर की प्रमुख सड़क और एलिवेटेड रोड परियोजनाओं की प्रगति पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को भंगेल एलिवेटेड रोड के नीचे सड़क, नाली, पुलिया और सेंट्रल वर्ज का निर्माण जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए गए।
चिल्ला बॉर्डर से महामाया फ्लाईओवर तक निर्माणाधीन एलिवेटेड रोड के पूरा होने के बाद उसके अंतिम छोर पर जाम की समस्या न बने, इसके लिए अभी से योजना तैयार करने को कहा गया। यानी परियोजना के निर्माण के साथ ही उसके आसपास यातायात प्रबंधन की व्यवस्था पर भी ध्यान देना होगा।
यमुना के समानांतर पुस्ता मार्ग को लेकर भी चर्चा हुई। इस मार्ग का निर्माण उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग द्वारा किया जाना है। प्राधिकरण ने संबंधित विभाग से आवश्यक पत्राचार कर आगे की कार्रवाई जल्द पूरी करने और पुस्ता मार्ग के अतिरिक्त हिस्से में हरित विकास तथा सौंदर्यीकरण के काम कराने के निर्देश दिए।
वहीं, चिल्ला से यमुना पुस्ता तक प्रस्तावित एलिवेटेड रोड परियोजना के संबंध में बैठक में बताया गया कि इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) को मंजूरी मिल चुकी है और सैद्धांतिक स्वीकृति भी प्राप्त हो गई है। प्राधिकरण के अनुसार, अगले एक से दो सप्ताह में परियोजना के लिए निविदाएं आमंत्रित किए जाने की संभावना है।
88 स्थानों पर EV चार्जिंग स्टेशन, 77 नए स्थानों की भी तलाश
नोएडा में इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए चार्जिंग सुविधाओं के विस्तार की योजना भी समीक्षा का हिस्सा रही। बैठक में बताया गया कि 88 स्थानों पर EV चार्जिंग स्टेशन की स्थापना के लिए कार्यादेश जारी हो चुका है। इसके अलावा 77 अन्य स्थानों को चिन्हित करने के निर्देश दिए गए हैं, जहां भविष्य में चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जा सकें।
उद्यान विभाग को शहर के पार्कों में बने ओपन जिम का नियमित रखरखाव सुनिश्चित करने और जरूरत के अनुसार इनकी संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए गए। बच्चों के खेलने के लिए कुछ स्थानों पर पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत गेम और स्पोर्ट्स जोन विकसित करने की योजना पर भी काम करने को कहा गया।
₹1 करोड़ से अधिक के बकाये पर 1 नवंबर तक वसूली का निर्देश
प्राधिकरण की विभिन्न संपत्तियों पर बकाया रकम की वसूली को लेकर भी अधिकारियों को समयसीमा दी गई है। निर्देश के मुताबिक, जिन बकायेदारों पर ₹1 करोड़ से अधिक की राशि बकाया है और जिनका कोई मामला न्यायालय में लंबित नहीं है, उनसे 1 नवंबर तक वसूली पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।

यदि निर्धारित समय में वसूली नहीं होती है, तो संबंधित बकायेदार के खिलाफ न्यायालय में याचिका दायर करने, कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाने और रिकवरी आदेश जारी कराने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे मामलों को आर्थिक अपराध शाखा (EOW) को भेजने की बात भी कही गई है।
इंजीनियरिंग विभागों की समीक्षा के दौरान बताया गया कि स्वीकृत अनुमानों के मुकाबले 90 प्रतिशत से अधिक कार्यों के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। CEO ने शेष प्रक्रिया जल्द पूरी कराकर निर्माण कार्य शुरू कराने को कहा। जिन परियोजनाओं में सिविल के साथ बिजली, जल या सीवर का काम भी शामिल है, उनके लिए एकीकृत अनुमान तैयार करने और निगरानी के लिए संबंधित विभाग के अभियंता को जिम्मेदारी देने के निर्देश दिए गए।
सेक्टर-145 में 5 प्रतिशत आबादी भूखंडों पर दीपावली से कब्जे की तैयारी
सेक्टर-145 में 5 प्रतिशत आबादी श्रेणी के तहत आवंटित भूखंडों का कब्जा देने की प्रक्रिया दीपावली से शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। यह कदम उन आवंटियों के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है, जो लंबे समय से अपने भूखंडों का कब्जा मिलने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
प्राधिकरण ने अधिसूचित और अधिग्रहित भूमि पर अवैध निर्माण के खिलाफ भी प्रभावी कार्रवाई करने को कहा है। बैठक में सलारपुर, भंगेल, गेझा, शाहपुर गोवर्धनपुर और हाजीपुर गांवों के कुछ खसरा नंबरों पर अवैध निर्माण चिह्नित किए जाने की जानकारी दी गई।
निर्देशों के अनुसार, संबंधित भूमि पर बने अवैध निर्माण के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया पूरी कर सीलिंग की कार्रवाई की जाए। साथ ही, संबंधित सब-रजिस्ट्रार को जानकारी भेजी जाए, ताकि चिह्नित खसरा नंबरों पर बने भवनों के पट्टा दस्तावेजों का किसी अन्य के पक्ष में निष्पादन न हो सके। यह कार्रवाई नियमानुसार कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद की जानी है।
न्यू नोएडा के लिए 281 किसानों ने दी सहमति
दादरी-नोएडा-गाजियाबाद इन्वेस्टमेंट रीजन, जिसे न्यू नोएडा के नाम से विकसित किया जा रहा है, में भूमि अधिग्रहण की प्रगति भी बैठक के प्रमुख मुद्दों में शामिल रही।
प्राधिकरण की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, न्यू नोएडा में भूमि अर्जन के लिए दरें निर्धारित की जा चुकी हैं। पिछले सप्ताह क्षेत्र के ग्राम प्रधानों के साथ बैठक भी हुई थी। अब तक 281 काश्तकार आपसी सहमति के आधार पर अपनी भूमि देने के लिए सहमति पत्र और संबंधित दस्तावेज जमा करा चुके हैं।
CEO ने भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जल्द शुरू करने के निर्देश दिए। आने वाले समय में इस परियोजना की प्रगति इस बात पर निर्भर करेगी कि सहमति देने वाले किसानों की प्रक्रिया कितनी तेजी से आगे बढ़ती है और अन्य संबंधित औपचारिकताएं कब तक पूरी होती हैं।
शौचालयों और वेंडिंग जोन पर भी प्राधिकरण का ध्यान
शहर में बने सार्वजनिक शौचालयों और यूरिनल की स्थिति की समीक्षा करते हुए संबंधित वरिष्ठ प्रबंधकों को प्रमाणपत्र देने के निर्देश दिए गए कि उनके कार्यक्षेत्र में सभी शौचालय पूरी तरह अनुरक्षित और संचालित हैं।
साथ ही, शौचालयों के संचालन के लिए तैनात विज्ञापन एजेंसियों को केवल शौचालय या यूरिनल के ऊपर ही विज्ञापन लगाने की अनुमति सुनिश्चित करने को कहा गया। अव्यवस्थित वेंडिंग पर कार्रवाई के साथ-साथ जब्त सामान के भंडारण की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए।
कुल मिलाकर, 15 अक्टूबर की समीक्षा बैठक में नोएडा प्राधिकरण ने सफाई, प्रदूषण नियंत्रण, यातायात, निर्माण कार्य, बकाया वसूली और भूमि प्रबंधन से जुड़े कई अहम लक्ष्य निर्धारित किए हैं। अब इन निर्देशों का वास्तविक असर तय समयसीमा में होने वाली कार्रवाई और शहर के निवासियों को मिलने वाली सुविधाओं से स्पष्ट होगा।
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