उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने गोरखपुर में अंतरराज्यीय अवैध शराब तस्करी के कथित नेटवर्क पर कार्रवाई करते हुए एक ट्रक से 323 पेटी व्हिस्की बरामद की हैं। ट्रक पर ‘डाक पार्सल’ लिखा था, जबकि पुलिस के मुताबिक शराब को पंजाब से बिहार ले जाया जा रहा था। मामले में राजस्थान निवासी चालक थानाराम को गिरफ्तार किया गया है।
एक ट्रक सड़क पर दौड़ रहा हो और उस पर बड़े अक्षरों में ‘डाक पार्सल’ लिखा हो, तो पहली नजर में किसी को शक भी नहीं होगा कि उसके भीतर क्या छिपा है। लेकिन उत्तर प्रदेश एसटीएफ की नजर इस ट्रक पर पड़ी तो इसकी तलाशी में ऐसा सामान मिला, जिसने कथित अंतरराज्यीय शराब तस्करी के नेटवर्क की एक अहम कड़ी सामने ला दी। ट्रक के भीतर एक-दो नहीं, बल्कि 323 पेटी व्हिस्की रखी हुई थीं। शुरुआती पूछताछ में चालक ने शराब को पंजाब से बिहार ले जाने की बात बताई।
एसटीएफ उत्तर प्रदेश ने 2 नवंबर 2026 को जनपद गोरखपुर के खोराबार थाना क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए राजस्थान निवासी ट्रक चालक को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान थानाराम पुत्र चुतरा राम, निवासी कमढाई गोदारो की ढाणी, जिला बाड़मेर, राजस्थान के रूप में हुई है।
तड़के 4:30 बजे पेट्रोल पंप के पास हुई कार्रवाई
एसटीएफ के मुताबिक, अंतरराज्यीय स्तर पर अवैध शराब की तस्करी करने वाले गिरोह के सक्रिय होने की सूचनाएं मिल रही थीं। इस पर एसटीएफ की विभिन्न टीमों और फील्ड इकाइयों को कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे।
इसी क्रम में पुलिस उपाधीक्षक धर्मेश कुमार शाही, एसटीएफ लखनऊ के पर्यवेक्षण और निरीक्षक सत्य प्रकाश सिंह के नेतृत्व में एसटीएफ फील्ड इकाई गोरखपुर की टीम अभिसूचना जुटा रही थी। इसी दौरान टीम को जानकारी मिली कि गणेश ढाबा, पेट्रोल पंप के पास ट्रक नंबर BR01GC2369 खड़ा है, जिसमें भारी मात्रा में अवैध शराब छिपाकर रखी गई है।
सूचना को गंभीरता से लेते हुए उप निरीक्षक विनायक सिंह, उप निरीक्षक यशवंत सिंह, उप निरीक्षक अभिषेक कुमार सिंह और हेड कांस्टेबल अशोक कुमार सिंह की टीम मौके पर पहुंची। ट्रक की तलाशी लेने पर उसमें बड़ी मात्रा में शराब बरामद हुई। इसके बाद ट्रक को कब्जे में लेकर चालक को गिरफ्तार कर लिया गया।
यह कार्रवाई 2 नवंबर 2026 को सुबह करीब 4:30 बजे रामनगर कड़जहाँ, गोपालगंज से लखनऊ हाईवे पर पेट्रोल पंप के पास, थाना खोराबार क्षेत्र, जनपद गोरखपुर में की गई।

323 पेटी में छिपी थी व्हिस्की की बड़ी खेप
एसटीएफ ने ट्रक से कुल 323 पेटी शराब बरामद होने की जानकारी दी है। बरामद शराब में दो ब्रांड शामिल हैं।
पार्टी स्पेशल ब्रांड व्हिस्की:
750 एमएल की 104 पेटी
180 एमएल की 115 पेटी
375 एमएल की 45 पेटी
स्टार गोल्ड ब्रांड व्हिस्की:
इसके अलावा मौके से दो फर्जी अथवा कूटरचित बिल्टी, एक ट्रक नंबर BR01GC2369 और एक मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है।
अंबाला से बिहार तक था शराब पहुंचाने का कथित प्लान
एसटीएफ की पूछताछ में गिरफ्तार चालक थानाराम ने बताया कि वह ट्रक में अवैध शराब लोड करके ताजपुरा, अंबाला, पंजाब से ला रहा था। इस खेप को बिहार पहुंचाना था। चालक के मुताबिक, बिहार पहुंचने के बाद अनिल जी बायतू उसे बताते कि ट्रक को आगे किस स्थान पर ले जाना है।
उसने पूछताछ में यह भी बताया कि रास्ते के खाने-पीने और अन्य खर्चों को छोड़कर उसे हर चक्कर के लिए 10 हजार रुपये मिलते थे। यानी शराब की खेप पहुंचाने के बदले उसे प्रति चक्कर भुगतान किया जाता था।
एसटीएफ के अनुसार, शराब को बिहार ले जाने के लिए फर्जी और कूटरचित ई-वे बिल तैयार किया गया था। यह बिल जिरकपुर, पंजाब से भागलपुर, बिहार तक का बनाया गया था। ट्रक पर ‘डाक पार्सल’ लिखा गया था, ताकि रास्ते में जांच या आवाजाही के दौरान किसी को शक न हो। हालांकि, इस कथित नेटवर्क में अनिल जी बायतू की भूमिका और अन्य लोगों की संलिप्तता की पुष्टि आगे की जांच में होनी बाकी है।
खोराबार थाने में मुकदमा दर्ज, स्थानीय पुलिस करेगी आगे की कार्रवाई
एसटीएफ की कार्रवाई के बाद गिरफ्तार अभियुक्त के विरुद्ध थाना खोराबार, जनपद गोरखपुर में मुकदमा संख्या 526/2026 दर्ज किया गया है। इसमें भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 319(2), 336(3), 338, 339, 61(2) और 3(5) के साथ आबकारी अधिनियम की धारा 60/72 लगाई गई हैं।
एसटीएफ के मुताबिक, मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई स्थानीय पुलिस द्वारा की जा रही है।
अब जांच का अहम सवाल यह है कि पंजाब से बिहार तक शराब पहुंचाने के इस कथित नेटवर्क में चालक के अलावा और कौन-कौन लोग शामिल हैं? अनिल जी बायतू की भूमिका क्या थी और फर्जी ई-वे बिल तैयार करने में किन लोगों ने मदद की? 323 पेटी शराब की बरामदगी के बाद इन सवालों के जवाब तलाशना जांच एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण होगा।
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