गाजियाबाद के जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मांदड़ की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित महात्मा गांधी सभागार में राजस्व विभाग की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में सरकारी जमीन से अवैध कब्जे हटाने, भू-माफिया के खिलाफ कार्रवाई, जनशिकायतों के निस्तारण और विभिन्न विभागों के कामकाज की समीक्षा की गई।
सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे, भू-माफिया के खिलाफ कार्रवाई, राजस्व वसूली और आम जनता की शिकायतों का निस्तारण प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में शामिल है। इन्हीं मुद्दों को लेकर गाजियाबाद के जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मांदड़ की अध्यक्षता में राजस्व विभाग की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। कलेक्ट्रेट स्थित महात्मा गांधी सभागार में हुई इस बैठक में सितंबर 2026 के दौरान किए गए कार्यों और विभिन्न विभागों की प्रगति की समीक्षा की गई।
बैठक में राजस्व से जुड़े विषयों के साथ जनहित के मुद्दों पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों के सामने कर-करेत्तर राजस्व, दैवीय आपदा प्रबंधन, एंटी भू-माफिया अभियान और जनशिकायतों के निस्तारण जैसे महत्वपूर्ण विषय रखे गए। इसके अतिरिक्त सरकारी संपत्तियों को अवैध कब्जों से मुक्त कराने और प्रशासनिक कार्यों को प्रभावी बनाने से जुड़े मामलों की भी समीक्षा की गई।
भू-माफिया और सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे पर नजर
बैठक का एक प्रमुख विषय एंटी भू-माफिया अभियान के अंतर्गत की गई कार्रवाई रहा। सरकारी संपत्तियों पर अवैध कब्जे हटाने और संबंधित मामलों में प्रशासनिक कार्रवाई की प्रगति की समीक्षा की गई।
सरकारी जमीनों को अतिक्रमण से मुक्त रखना और राजस्व संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण है। ऐसे मामलों में संबंधित विभागों की कार्रवाई और लंबित प्रकरणों की स्थिति पर निगरानी जरूरी मानी जाती है।
हालांकि, बैठक के संबंध में जारी विवरण में अवैध कब्जों के खिलाफ की गई कार्रवाई की सटीक संख्या, मुक्त कराई गई जमीन का क्षेत्रफल या दर्ज मुकदमों का विस्तृत आंकड़ा उपलब्ध नहीं कराया गया है।

राजस्व वसूली और स्वामित्व योजना की प्रगति पर चर्चा
बैठक में कर-करेत्तर राजस्व की स्थिति की समीक्षा की गई। इसके साथ ही स्वामित्व योजना के क्रियान्वयन और ऑनलाइन खसरा कम्प्यूटरीकरण की प्रगति पर भी चर्चा हुई।
राजस्व अभिलेखों का डिजिटलीकरण भूमि संबंधी जानकारी को व्यवस्थित रखने और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सुगम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। वहीं, स्वामित्व योजना के माध्यम से संपत्ति संबंधी अभिलेखों के कार्यों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।
प्रशासनिक समीक्षा के दौरान इन योजनाओं की प्रगति और संबंधित कार्यों को निर्धारित समय में पूरा करने की आवश्यकता पर ध्यान दिया गया।
मिशन शक्ति के तहत महिलाओं के पक्ष में पट्टों की समीक्षा
बैठक में मिशन शक्ति के अंतर्गत महिलाओं के पक्ष में स्वीकृत पट्टों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। इस विषय का संबंध महिलाओं के अधिकारों और संपत्ति से जुड़े मामलों में उनकी भागीदारी को बढ़ावा देने से है।
इसके अलावा दैवीय आपदा से संबंधित कार्यों और मॉकड्रिल की कार्ययोजना पर भी चर्चा हुई। आपदा की स्थिति में प्रशासनिक तैयारी, संबंधित विभागों के बीच समन्वय और राहत कार्यों की व्यवस्था महत्वपूर्ण होती है।
जनशिकायतों और राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े मामलों पर भी चर्चा
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में जनशिकायतों के निस्तारण की स्थिति की समीक्षा की गई। इसके साथ राष्ट्रीय राजमार्ग से संबंधित मामलों, अधिकारियों द्वारा किए गए निरीक्षण, सरकारी कार्यालयों की भौतिक स्थिति और अभिनव कार्यों पर भी चर्चा हुई।
जनशिकायतों का समय पर निस्तारण आम नागरिकों को राहत पहुंचाने और प्रशासन के प्रति विश्वास बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है। भूमि विवाद, राजस्व अभिलेख और अन्य प्रशासनिक मामलों में शिकायतों की स्थिति पर निगरानी रखने से लंबित प्रकरणों की पहचान करने में मदद मिलती है।
बैठक में जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों और ऑडिट आपत्तियों के निस्तारण की भी समीक्षा की गई।

खनन, खाद्य एवं औषधि प्रशासन और न्यायिक कार्यों की समीक्षा
राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक में खाद्य एवं औषधि प्रशासन के कार्यों और महीने के दौरान किए गए प्रवर्तन कार्यों पर भी चर्चा हुई। इसके अतिरिक्त खनन गतिविधियों तथा टास्क फोर्स से संबंधित कार्यों की समीक्षा की गई।
उपजिलाधिकारी, तहसीलदार और नायब तहसीलदार के न्यायिक कार्यों की प्रगति भी बैठक के एजेंडे में शामिल रही। राजस्व न्यायालयों में मामलों की सुनवाई और लंबित प्रकरणों से जुड़े कार्यों को प्रभावी एवं समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया गया।
इस बैठक में सभी अपर जिलाधिकारी, उपजिलाधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार और संबंधित विभागों के अधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
प्रशासनिक जवाबदेही और समयबद्ध कार्रवाई पर जोर
सितंबर महीने के राजस्व कार्यों की समीक्षा के जरिए प्रशासन ने राजस्व वसूली, सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा, जनशिकायतों, प्रवर्तन कार्यों और न्यायिक मामलों जैसे विषयों पर ध्यान केंद्रित किया।
अब इन समीक्षा बिंदुओं पर संबंधित विभागों की आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। सरकारी जमीन से अवैध कब्जे हटाने, जनशिकायतों का समाधान करने और राजस्व संबंधी कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने में प्रगति का आकलन वास्तविक कार्रवाई और उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर किया जा सकेगा।
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