उत्तर प्रदेश STF ने महाराष्ट्र के ठाणे में दर्ज हत्या के एक मामले में वांछित दो आरोपियों को प्रयागराज के नैनी क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, संतोष कनौजिया और अमित सिंह पर स्थानीय ब्लॉक प्रमुख/कॉरपोरेटर के चुनाव को लेकर पुरानी रंजिश में एक व्यक्ति की गोली मारकर और चापड़ से हमला कर हत्या करने का आरोप है। दोनों को 9 अक्टूबर की शाम गिरफ्तार किया गया। महाराष्ट्र पुलिस अब उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर ठाणे ले जाने की प्रक्रिया में जुटी है।
महाराष्ट्र के ठाणे में हुई हत्या के एक मामले में फरार चल रहे दो आरोपियों को उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने प्रयागराज से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, संतोष कनौजिया और अमित सिंह महाराष्ट्र के कापुरबावड़ी थाने में दर्ज हत्या और आर्म्स एक्ट के मुकदमे में वांछित थे। दोनों को शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026 की शाम करीब 7:30 बजे नैनी थाना क्षेत्र स्थित अरैल सेल्फी प्वाइंट के पास से पकड़ा गया।
इस कार्रवाई को यूपी STF की प्रयागराज फील्ड इकाई और महाराष्ट्र के ठाणे शहर की क्राइम ब्रांच ने संयुक्त रूप से अंजाम दिया। पुलिस के मुताबिक, महाराष्ट्र में कथित वारदात के बाद दोनों आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए प्रयागराज आ गए थे।
29 सितंबर को ठाणे में हुई थी हत्या
STF की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, महाराष्ट्र के ठाणे जिले के चितणसर मानपाड़ा इलाके में 29 सितंबर 2026 को एक व्यक्ति की हत्या की गई थी। पुलिस के मुताबिक, इस वारदात के पीछे स्थानीय ब्लॉक प्रमुख/कॉरपोरेटर के चुनाव को लेकर पुरानी रंजिश होने की बात सामने आई है।
आरोप है कि हमलावरों ने पहले तमंचे से गोली चलाई और फिर चापड़ से गर्दन पर वार कर व्यक्ति की हत्या कर दी। घटना के संबंध में ठाणे के कापुरबावड़ी थाने में मुकदमा संख्या 472/2026 दर्ज किया गया।
इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1), 3(5) और 61 के साथ आर्म्स एक्ट की धाराएं 3, 25 और 27 लगाई गई हैं। संतोष कनौजिया और अमित सिंह इस मामले में वांछित थे।
हत्या की घटना और आरोपियों की कथित भूमिका से संबंधित ये विवरण पुलिस द्वारा दी गई जानकारी पर आधारित हैं। मामले में अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही निकलेगा।
महाराष्ट्र पुलिस ने मांगी थी यूपी STF से मदद
दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए महाराष्ट्र पुलिस ने उत्तर प्रदेश STF से सहयोग मांगा था। इसके बाद प्रयागराज फील्ड इकाई ने आरोपियों के बारे में जानकारी जुटाने और उनकी संभावित लोकेशन का पता लगाने की कार्रवाई शुरू की।
STF के अनुसार, पुलिस उपाधीक्षक शैलेश प्रताप सिंह के पर्यवेक्षण और निरीक्षक जय प्रकाश राय के नेतृत्व में टीम ने अभिसूचना संकलन किया। इसी क्रम में 9 अक्टूबर को संयुक्त टीम ने नैनी क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
संयुक्त टीम में यूपी STF की ओर से उपनिरीक्षक विनय तिवारी, उपनिरीक्षक मोहम्मद हबीब अहमद सिद्दीकी, मुख्य आरक्षी पंकज तिवारी और आरक्षी चालक अखण्ड प्रताप पाण्डेय शामिल थे।
वहीं, महाराष्ट्र के ठाणे शहर की क्राइम ब्रांच से एपीआई भूषण कापणीस, एपीआई शरद पाटिल, हेड कांस्टेबल विजय काटकर, हेड कांस्टेबल हरशद तारी और कांस्टेबल मिनीनाथ शिकारी संयुक्त कार्रवाई में शामिल रहे।
गिरफ्तारी से बचने के लिए प्रयागराज आने का दावा
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कथित हत्या की घटना और उसके बाद प्रयागराज आने के संबंध में जानकारी दी। STF की ओर से जारी विवरण में कहा गया है कि इस मामले में तीन अन्य साथियों की गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी थी, जबकि संतोष कनौजिया और अमित सिंह फरार चल रहे थे।
पुलिस का दावा है कि गिरफ्तारी से बचने के लिए दोनों महाराष्ट्र से निकलकर प्रयागराज आ गए थे। हालांकि, उनके प्रयागराज पहुंचने के बाद वे कहां ठहरे और कितने समय से वहां मौजूद थे, इसकी विस्तृत जानकारी जारी बयान में नहीं दी गई है।
कौन हैं गिरफ्तार आरोपी?
STF की ओर से जारी विवरण में दोनों आरोपियों का पता इस प्रकार बताया गया है:
संतोष कनौजिया: पुत्र मेहीलाल, निवासी ग्राम गहनी, पोस्ट आयर, थाना चोलापुर, जिला वाराणसी। वर्तमान पता दुर्गानगर, हनुमान चॉल के सामने, चितणसर मानपाड़ा, ठाणे, महाराष्ट्र।
अमित सिंह: पुत्र जय किशन सिंह, निवासी ग्राम बबियाव, थाना चोलापुर, जिला वाराणसी। वर्तमान पता आजादनगर चॉल, गोल्डन नेस्ट के बगल, भाइंदर पूर्व, मुंबई।
संतोष कनौजिया का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी आया सामने
STF के अनुसार, संतोष कनौजिया का महाराष्ट्र के ठाणे जिले के कापुरबावड़ी थाने में पहले के दो मामलों में भी नाम दर्ज है।
उपलब्ध रिकॉर्ड के मुताबिक, पहला मामला संख्या 1319/2022 भारतीय दंड संहिता की धाराओं 504 और 506 के तहत दर्ज था। दूसरा मामला संख्या 1425/2022 धाराओं 323, 504 और 506 के तहत दर्ज बताया गया है। इसके अलावा हत्या और आर्म्स एक्ट से संबंधित मुकदमा संख्या 472/2026 भी उनके ज्ञात आपराधिक इतिहास में शामिल है।
यह विवरण पुलिस द्वारा उपलब्ध कराए गए रिकॉर्ड पर आधारित है। पुराने मामलों में आरोपों और उनकी वर्तमान न्यायिक स्थिति के बारे में अलग से विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है।
प्रयागराज न्यायालय में पेशी, ट्रांजिट रिमांड की प्रक्रिया
गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को कमिश्नरेट प्रयागराज के नैनी थाने में दाखिल किया गया। इसके बाद महाराष्ट्र पुलिस ने उन्हें मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM), प्रयागराज के समक्ष पेश कर ट्रांजिट रिमांड की प्रक्रिया शुरू की।
ट्रांजिट रिमांड मिलने पर संबंधित पुलिस टीम आरोपियों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए महाराष्ट्र ले जा सकेगी। वहां हत्या के मामले की जांच के तहत उनसे पूछताछ और अन्य आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
यूपी STF और महाराष्ट्र पुलिस की संयुक्त कार्रवाई
इस पूरे घटनाक्रम में महत्वपूर्ण बात यह है कि महाराष्ट्र में दर्ज गंभीर आपराधिक मामले के आरोपियों को दूसरे राज्य में तलाश कर गिरफ्तार किया गया। यूपी STF और महाराष्ट्र क्राइम ब्रांच के बीच समन्वय के बाद प्रयागराज के नैनी क्षेत्र में कार्रवाई संभव हुई।
फिलहाल, दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद जांच का अगला चरण महाराष्ट्र में आगे बढ़ेगा। पुलिस के आरोपों, उपलब्ध साक्ष्यों और न्यायालय में होने वाली कार्यवाही के आधार पर ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।
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