गाजियाबाद में कांशीराम आवास योजना के 400 मकानों का सत्यापन किया जा रहा है। जांच में 6 अपात्र लाभार्थियों का आवंटन निरस्त और 11 को नोटिस जारी किए गए।
सरकारी आवास योजना का लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचाने के लिए गाजियाबाद जिला प्रशासन ने कांशीराम आवास योजना के आवंटनों की जांच तेज कर दी है। सत्यापन अभियान के पहले चरण में अनियमितताएं पाए जाने पर 11 लाभार्थियों को नोटिस जारी किए गए हैं, जबकि जांच में 6 लाभार्थियों के अपात्र पाए जाने के बाद उनके आवास आवंटन निरस्त कर दिए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पात्रता सुनिश्चित करने और आवासों के दुरुपयोग पर रोक लगाने के लिए सत्यापन अभियान आगे भी जारी रहेगा।
शिकायतों के बाद शुरू हुआ सत्यापन अभियान
जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ के निर्देशन में और अपर जिलाधिकारी प्रशासन ज्योति मौर्या के नेतृत्व में यह अभियान चलाया जा रहा है। जनसुनवाई के दौरान कांशीराम आवास योजना से संबंधित कई शिकायतें सामने आई थीं। शिकायतों में आरोप लगाया गया था कि कुछ अपात्र लोगों को आवास आवंटित किए गए हैं, कुछ लाभार्थी आवास बेचकर चले गए हैं, जबकि कुछ आवासों को किराये पर दिया जा रहा है।
इसके अलावा, कई आवास लंबे समय से बंद पड़े होने और उनमें किसी के निवास नहीं करने की शिकायतें भी मिली थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने आवासों की वास्तविक स्थिति की जांच कराने का निर्णय लिया।
400 आवासों का किया जा रहा स्थलीय निरीक्षण
प्रशासन की ओर से सत्यापन के लिए कुल 400 आवास चिह्नित किए गए हैं। अपर जिलाधिकारी प्रशासन के नेतृत्व में गठित टीम मौके पर जाकर आवासों का निरीक्षण कर रही है। इसके साथ ही संबंधित दस्तावेजों और अभिलेखों की जांच भी की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि आवंटित आवास का इस्तेमाल नियमानुसार हो रहा है या नहीं।
इस प्रक्रिया के तहत आवासों में वास्तविक निवास, लाभार्थियों की पात्रता और आवंटन से संबंधित तथ्यों का सत्यापन किया जा रहा है। प्रशासन का उद्देश्य शिकायतों के आधार पर तथ्यों की जांच करना और नियमों के अनुरूप कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
11 को नोटिस, 6 के आवंटन निरस्त
सत्यापन अभियान के पहले चरण में जांच के दौरान अनियमितताएं मिलने पर 11 लाभार्थियों को नोटिस जारी किए गए। वहीं, छह लाभार्थियों के अपात्र पाए जाने पर उनके आवास आवंटन निरस्त कर दिए गए हैं।
हालांकि, प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी में इन लाभार्थियों के नाम, आवासों के पते और प्रत्येक मामले में आवंटन निरस्त करने के अलग-अलग कारणों का विस्तृत ब्योरा नहीं दिया गया है।
पात्रों तक पहुंचे सरकारी योजना का लाभ
जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ ने कहा कि जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों का गंभीरता से संज्ञान लेकर नियमानुसार जांच और कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र व्यक्तियों तक पहुंचना चाहिए और आवंटित आवासों के अनुचित इस्तेमाल पर रोक लगाई जानी चाहिए।
कांशीराम आवास योजना का उद्देश्य जरूरतमंद और पात्र लोगों को आवास उपलब्ध कराना है। ऐसे में आवंटित मकानों की वास्तविक स्थिति की जांच को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि सत्यापन अभियान के माध्यम से पात्रता की पुष्टि की जाएगी और जहां नियमों का उल्लंघन सामने आएगा, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल 400 चिह्नित आवासों का सत्यापन अभियान जारी है। आने वाले दिनों में जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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