ग्रेटर नोएडा स्थित शारदा विश्वविद्यालय में ABVP की गौतम बुद्ध नगर इकाई की ओर से मिशन शक्ति पहल के अंतर्गत ‘युवती सम्मेलन 2026’ का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि रुबिका लियाकत और विशिष्ट अतिथि अर्चना मिश्रा ने महिलाओं की नेतृत्व क्षमता, समान अवसरों और विकसित भारत के निर्माण में उनकी भूमिका पर अपने विचार रखे।
विकसित भारत का सपना केवल आर्थिक तरक्की, आधुनिक तकनीक और मजबूत बुनियादी ढांचे से पूरा नहीं होगा, बल्कि इसमें महिलाओं की बराबर भागीदारी भी अहम भूमिका निभाएगी। शिक्षा से लेकर नेतृत्व तक, आत्मनिर्भरता से लेकर राष्ट्र निर्माण तक महिलाओं की क्षमताओं को अवसर मिलना जरूरी है। इसी विचार को केंद्र में रखते हुए शारदा विश्वविद्यालय में ‘युवती सम्मेलन 2026’ का आयोजन किया गया, जहां युवतियों को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने और अपनी क्षमता पहचानने का संदेश दिया गया।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP), मेरठ प्रांत की गौतम बुद्ध नगर इकाई ने मिशन शक्ति पहल के अंतर्गत शारदा विश्वविद्यालय के छात्र कल्याण विभाग के सहयोग से इस सम्मेलन का आयोजन किया। कार्यक्रम का मुख्य विषय ‘विकसित भारत के निर्माण में महिलाओं की भूमिका’ रहा। सम्मेलन में महिला सशक्तीकरण, समान अवसर, नेतृत्व क्षमता, महिला अधिकारों और राष्ट्र निर्माण में महिलाओं के योगदान जैसे विषयों पर चर्चा की गई।
रुबिका लियाकत का दमदार संदेश, आत्मविश्वास को बताया ताकत
सम्मेलन की मुख्य अतिथि प्रसिद्ध समाचार एंकर रुबिका लियाकत ने अपने संबोधन में महिलाओं के आत्मविश्वास और इच्छाशक्ति पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “मैं वो ताकत रखती हूं, जिसे मैं सोचती हूं। जिसे मैं चाह लूं, उसे कोई माई का लाल नहीं रोक सकता।”

उनके इस संदेश ने महिलाओं की क्षमता, दृढ़ इच्छाशक्ति और अपने लक्ष्य को हासिल करने के संकल्प को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। जब महिलाओं को शिक्षा, समान अवसर और नेतृत्व के लिए उचित मंच मिलता है, तो वे न केवल अपने परिवार और समाज, बल्कि पूरे राष्ट्र की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं।
महिला सशक्तीकरण को विकसित भारत की मजबूत नींव बताते हुए उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि महिलाओं को अपनी क्षमताओं पर भरोसा रखना चाहिए और उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाकर आगे बढ़ना चाहिए।
अर्चना मिश्रा ने शिक्षा, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता पर दिया जोर
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य और भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश उपाध्यक्ष अर्चना मिश्रा शामिल हुईं। उन्होंने महिला सशक्तीकरण, सुरक्षा और समान अवसरों को मजबूत राष्ट्र के निर्माण के लिए आवश्यक बताया।
अर्चना मिश्रा ने कहा कि महिलाओं को शिक्षा, आत्मनिर्भरता और नेतृत्व के क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। उनके अनुसार, महिलाओं को अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने और निर्णय लेने की प्रक्रिया में भागीदारी का अवसर मिलना जरूरी है।

उन्होंने युवतियों से अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने, आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि महिलाओं की सुरक्षा और उन्हें समान अवसर उपलब्ध कराना समाज के सर्वांगीण विकास के लिए महत्वपूर्ण है।
‘युवती सम्मेलन 2026’ का उद्देश्य क्या रहा?
सम्मेलन का उद्देश्य युवतियों को अपनी प्रतिभा पहचानने, नेतृत्व क्षमता विकसित करने और सामाजिक, शैक्षणिक तथा आर्थिक क्षेत्रों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करना रहा। इसके माध्यम से महिला अधिकारों, समानता, आत्मनिर्भरता और राष्ट्र निर्माण में महिलाओं के योगदान को लेकर जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया।
मिशन शक्ति पहल के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम ने युवतियों के सामने यह विचार रखा कि सशक्तीकरण का अर्थ केवल अवसर प्राप्त करना नहीं, बल्कि उन अवसरों का उपयोग करके अपने लक्ष्य हासिल करना और समाज में सकारात्मक बदलाव लाना भी है।
ऐसे आयोजनों के माध्यम से छात्राओं को विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ने, अपने विचार रखने और नेतृत्व की जिम्मेदारी संभालने के लिए प्रेरित किया जा सकता है। शिक्षा और जागरूकता के साथ आत्मविश्वास का विकास भी इस दिशा में महत्वपूर्ण माना जाता है।

कार्यक्रम में कई गणमान्य लोग रहे मौजूद
सम्मेलन में भारतीय जनता पार्टी गौतम बुद्ध नगर के जिला अध्यक्ष अभिषेक शर्मा, समाजसेवी अजय नागर, एडवोकेट गीता चौधरी, डॉ. पल्लवी गुप्ता, डॉ. अन्वीति गुप्ता, डॉ. प्रमोद कुमार, डॉ. सुमन लता और डॉ. रचना बंसल सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
इसके अलावा स्टेट डिपार्टमेंट की हेड मिस सत्यम, आशीष, विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के डीन, फैकल्टी सदस्य, स्टाफ और छात्र-छात्राओं ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।
महिलाओं की भागीदारी से ही मजबूत होगा विकसित भारत
‘युवती सम्मेलन 2026’ का केंद्रीय संदेश यही रहा कि देश के विकास में महिलाओं की भागीदारी को और मजबूत बनाने की आवश्यकता है। शिक्षा, सुरक्षा, समान अवसर और आत्मनिर्भरता के साथ महिलाओं को नेतृत्व के लिए प्रोत्साहित करना राष्ट्र निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
रुबिका लियाकत के आत्मविश्वास से जुड़े संदेश और अर्चना मिश्रा के महिला अधिकारों तथा समान अवसरों पर जोर ने कार्यक्रम के उद्देश्य को सामने रखा। सम्मेलन ने युवतियों को अपनी क्षमता पहचानने, अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने और विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित करने का प्रयास किया।
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