दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 100 नए आयुष्मान आरोग्य मंदिर खोलने की घोषणा की है। उन्होंने बताया कि आयुष्मान भारत योजना में करीब 9 लाख लोग पंजीकृत हैं और लगभग 65 हजार क्लेम सेटल किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कच्ची कॉलोनियों, आवास, मेट्रो, सड़क परियोजनाओं और SIR को लेकर भी अपनी सरकार का पक्ष रखा तथा विपक्ष पर निशाना साधा।
दिल्ली में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार से लेकर कच्ची कॉलोनियों को पक्का करने और झुग्गीवासियों को मकान उपलब्ध कराने तक, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सरकार की कई योजनाओं का खाका सामने रखा है। मुख्यमंत्री ने राजधानी में 100 नए आयुष्मान आरोग्य मंदिर खोलने की घोषणा करते हुए कहा कि सरकार केंद्र की योजनाओं का लाभ दिल्ली के लोगों तक पहुंचाने के लिए काम कर रही है।
उन्होंने 1151 कच्ची कॉलोनियों को पक्का करने और करीब 45 लाख लोगों को राहत देने की दिशा में काम आगे बढ़ाने की बात भी कही। इसके साथ ही ‘जहां झुग्गी, वहीं मकान’ योजना को निर्धारित समय पर पूरा करने का भरोसा जताया। स्वास्थ्य सेवाओं के आंकड़ों से लेकर सड़क और मेट्रो परियोजनाओं तक, मुख्यमंत्री ने दिल्ली के विकास में केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सहयोग को महत्वपूर्ण बताया।
आयुष्मान योजना में 9 लाख पंजीकरण, 65 हजार क्लेम सेटल
मुख्यमंत्री के मुताबिक, फरवरी 2025 में सरकार बनने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की योजनाओं का लाभ सीधे लोगों तक पहुंचाने के लिए कदम उठाए गए। उन्होंने बताया कि दिल्ली में आयुष्मान भारत योजना के तहत करीब 9 लाख लोगों का पंजीकरण हो चुका है और लगभग 65 हजार क्लेम सेटल किए गए हैं।
उन्होंने केंद्र की ओर से मिलने वाले पांच लाख रुपये के स्वास्थ्य कवर के अतिरिक्त दिल्ली सरकार की ओर से पांच लाख रुपये का अतिरिक्त स्वास्थ्य कवर जोड़ने की बात भी कही। इस तरह योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को कुल 10 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य कवर उपलब्ध कराने का लक्ष्य बताया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में करीब 425 आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्थापित हो चुके हैं और सरकार का लक्ष्य लगभग 1100 केंद्र खोलने का है। इसी क्रम में 100 नए केंद्र खोलने की घोषणा की गई है। उन्होंने वय वंदना योजना, जन औषधि योजना और जन आरोग्य मंदिर योजना के लाभों का भी उल्लेख किया।
क्या सुविधाएं मिलेंगी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में?
आयुष्मान आरोग्य मंदिर देश के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए विकसित किए गए केंद्र हैं। उप स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को उन्नत करके यहां स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।

इन केंद्रों पर सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHO), नर्सों और आशा कार्यकर्ताओं की टीम के माध्यम से मरीजों की देखभाल और जरूरत के अनुसार घर-घर स्क्रीनिंग की जाती है। उपलब्ध योजना विवरण के मुताबिक, यहां 12 प्रकार की स्वास्थ्य सेवाएं, डॉक्टर की सलाह, 100 से अधिक प्रकार की दवाएं और 63 तरह की जांचें मुफ्त उपलब्ध कराने की व्यवस्था है।
देशभर में ऐसे 1.86 लाख से अधिक केंद्र संचालित होने की जानकारी दी गई है। दिल्ली में नए केंद्र खुलने से स्थानीय स्तर पर प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं तक लोगों की पहुंच बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
1151 कच्ची कॉलोनियों और झुग्गीवासियों के लिए क्या है योजना?
रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली की 1151 कच्ची कॉलोनियों को पक्का करने की दिशा में काम आगे बढ़ाया जा रहा है। इससे करीब 45 लाख लोगों को राहत देने का लक्ष्य है। उन्होंने ‘जहां झुग्गी, वहीं मकान’ योजना को समय पर पूरा करने की प्रतिबद्धता भी जताई।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना का उल्लेख करते हुए पिछली सरकार पर इसे लागू नहीं करने का आरोप लगाया। उनके मुताबिक, मौजूदा सरकार का प्रयास है कि दिल्ली के जरूरतमंद परिवारों को आवास योजनाओं का लाभ मिले और लोगों को बेहतर जीवन स्थितियां उपलब्ध कराई जा सकें।
सड़क, मेट्रो और जाम से राहत पर भी बड़ा दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में पिछले 12 वर्षों के दौरान केंद्र के सहयोग से करीब 1.25 लाख करोड़ रुपये की सड़क और आधारभूत ढांचा परियोजनाएं पूरी हुई हैं, निर्माणाधीन हैं या योजना के चरण में हैं। उन्होंने इसे राजधानी को जाम से राहत दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान बताया।
उन्होंने कहा कि दिल्ली में करीब 1165 किलोमीटर का मेट्रो नेटवर्क फैला है। मेट्रो के चारों चरणों के लिए कुल 1.21 लाख करोड़ रुपये की लागत से जुड़ी परियोजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि केंद्र की ओर से करीब 27 हजार करोड़ रुपये दिए गए हैं।
परिवहन के क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने 5100 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन और केंद्र के सहयोग का उल्लेख किया। उन्होंने दिल्ली-एनसीआर में इलेक्ट्रिक वाहन नीति तथा डीजल ट्रकों की जगह इलेक्ट्रिक ट्रकों को बढ़ावा देने में केंद्र की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया।
मुफ्त राशन, उज्ज्वला और यमुना सफाई का जिक्र
रेखा गुप्ता के अनुसार, दिल्ली के करीब 73 लाख परिवारों को मुफ्त राशन उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत तीन लाख गैस कनेक्शन दिए जाने की बात भी कही।
मुख्यमंत्री ने कूड़े के पहाड़ों को खत्म करने और यमुना की सफाई के प्रयासों में केंद्र सरकार के सहयोग का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि इन कार्यों के लिए 1200 करोड़ रुपये की सहायता मिल रही है। इसके अतिरिक्त अमृत योजना के तहत 830 करोड़ रुपये मिलने और 1600 करोड़ रुपये की मदद से 30 परियोजनाओं को आगे बढ़ाने की जानकारी दी।
SIR पर विपक्ष को घेरा, कांग्रेस और AAP पर साधा निशाना
विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रक्रिया पहली बार नहीं हो रही है और चुनाव आयोग पहले भी इसे कराता रहा है। उन्होंने वर्ष 2002 में भी SIR होने का उल्लेख किया तथा विपक्ष के विरोध पर सवाल उठाए।
रेखा गुप्ता ने कांग्रेस और आम आदमी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता ने दोनों दलों को नकार दिया है। उन्होंने AAP को ‘धरना किंग’ बताते हुए पंजाब की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। साथ ही विपक्ष पर अपनी राजनीतिक आकांक्षाओं के कारण दिल्ली को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया।
उन्होंने तमिलनाडु और केरल का उल्लेख करते हुए सवाल किया कि यदि वहां विपक्षी दलों की सरकारें हैं, तो वहां SIR की प्रक्रिया पर उनका क्या रुख है। मुख्यमंत्री ने आम आदमी पार्टी को लेकर तीखी राजनीतिक टिप्पणी भी की और विपक्ष पर अराजकता फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने पत्रकारों, पुलिस और सेना की भूमिका को लेकर उठने वाले विवादों तथा JNU के एक प्रोफेसर से जुड़े मुद्दे पर राहुल गांधी की कथित चुप्पी पर भी सवाल उठाए।
अब वादों को जमीन पर उतारने की चुनौती
दिल्ली सरकार की घोषणाओं में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार, कच्ची कॉलोनियों का विकास, आवास, सार्वजनिक परिवहन और प्रदूषण नियंत्रण जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दे शामिल हैं। इन योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी सामने आएगा, जब घोषित केंद्रों का संचालन, आवासीय सुविधाओं का वितरण और बुनियादी ढांचे से जुड़े काम समय पर पूरे होंगे।
फिलहाल, 100 नए आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की घोषणा और करीब 1100 केंद्रों के लक्ष्य ने स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सरकार की प्राथमिकता स्पष्ट की है। अब निगाह इस बात पर रहेगी कि इन घोषणाओं को कितनी तेजी से लागू किया जाता है और दिल्ली के आम नागरिकों को इनका लाभ कब तक मिल पाता है।
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