गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन में डीसीपी सेंट्रल नोएडा शैलेन्द्र कुमार सिंह ने ट्रांसपोर्ट संचालकों के साथ अहम बैठक की। गोष्ठी में यातायात नियमों के पालन, ओवरलोडिंग रोकने, वाहन सत्यापन और सड़क सुरक्षा को लेकर सख्त निर्देश दिए गए। साथ ही ट्रांसपोर्टरों की समस्याएं और सुझाव भी सुने गए।
गौतमबुद्धनगर में बढ़ते ट्रैफिक दबाव, सड़क सुरक्षा और परिवहन व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन अब पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। इसी कड़ी में बुधवार को पुलिस मुख्यालय सूरजपुर में एक महत्वपूर्ण गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें सेंट्रल नोएडा जोन के ट्रांसपोर्ट संचालकों के साथ विस्तृत चर्चा हुई। यह बैठक पुलिस कमिश्नर गौतमबुद्धनगर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन में आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता डीसीपी सेंट्रल नोएडा शैलेन्द्र कुमार सिंह ने की।
बैठक का मुख्य उद्देश्य ट्रांसपोर्ट व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और कानूनसम्मत बनाना था। इस दौरान ट्रांसपोर्ट संचालकों को यातायात नियमों का सख्ती से पालन करने, सड़क सुरक्षा मानकों का ध्यान रखने और वाहनों के संचालन में लापरवाही न बरतने के लिए स्पष्ट निर्देश दिए गए।
यातायात नियमों के पालन पर जोर
गोष्ठी के दौरान डीसीपी सेंट्रल नोएडा शैलेन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि शहर में लगातार बढ़ते वाहनों के दबाव को देखते हुए ट्रांसपोर्ट सेक्टर की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है।
उन्होंने ट्रांसपोर्ट संचालकों को निर्देशित किया कि सभी व्यावसायिक वाहनों के दस्तावेज पूरी तरह अपडेट रखें और किसी भी वाहन को बिना वैध दस्तावेज सड़क पर न चलाया जाए।
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि वाहन चालकों को यातायात नियमों की पूरी जानकारी होनी चाहिए और उन्हें हर हाल में सड़क सुरक्षा मानकों का पालन करना होगा।

ओवरलोडिंग और अवैध पार्किंग पर सख्ती
बैठक में सबसे ज्यादा जोर ओवरलोडिंग और अवैध पार्किंग की समस्या पर दिया गया।
डीसीपी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ओवरलोड वाहन न सिर्फ ट्रैफिक व्यवस्था बिगाड़ते हैं बल्कि सड़क हादसों की बड़ी वजह भी बनते हैं। ऐसे मामलों में अब सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने ट्रांसपोर्ट संचालकों को निर्देश दिए कि सभी वाहन निर्धारित पार्किंग स्थलों का ही उपयोग करें और सड़कों पर अवैध तरीके से वाहन खड़े न किए जाएं।
प्रशासन का मानना है कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में कई जगहों पर भारी वाहनों की अवैध पार्किंग से यातायात प्रभावित होता है और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।
वाहन चालकों के सत्यापन पर भी जोर
गोष्ठी के दौरान वाहन चालकों के पुलिस सत्यापन को भी बेहद जरूरी बताया गया।
डीसीपी सेंट्रल नोएडा ने ट्रांसपोर्ट संचालकों को निर्देशित किया कि वे अपने यहां कार्यरत सभी ड्राइवरों और कर्मचारियों का सत्यापन अवश्य कराएं।
उन्होंने कहा कि कई बार आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोग फर्जी पहचान के साथ ट्रांसपोर्ट सेक्टर में काम करने लगते हैं, जिससे सुरक्षा संबंधी खतरे पैदा हो सकते हैं।
इसके साथ ही ट्रांसपोर्टरों से अपील की गई कि अगर उन्हें किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें।

ट्रांसपोर्टरों की समस्याएं भी सुनी गईं
यह बैठक सिर्फ निर्देश देने तक सीमित नहीं रही, बल्कि पुलिस अधिकारियों ने ट्रांसपोर्ट संचालकों की समस्याओं और सुझावों को भी गंभीरता से सुना।
ट्रांसपोर्टरों ने शहर में पार्किंग की कमी, भारी वाहनों की आवाजाही, ट्रैफिक जाम और सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर अपने सुझाव रखे।
कई संचालकों ने मांग की कि ट्रांसपोर्ट वाहनों के लिए अलग पार्किंग जोन और व्यवस्थित रूट प्लान तैयार किए जाएं ताकि जाम की समस्या कम हो सके।
इसके अलावा कुछ ट्रांसपोर्टरों ने रात के समय सुरक्षा बढ़ाने और औद्योगिक क्षेत्रों में पुलिस गश्त बढ़ाने की भी मांग की।
पुलिस और ट्रांसपोर्ट सेक्टर के बीच बेहतर समन्वय पर जोर
गोष्ठी के दौरान पुलिस और ट्रांसपोर्ट संचालकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विशेष जोर दिया गया।
डीसीपी शैलेन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि जनसुरक्षा और यातायात व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पुलिस और ट्रांसपोर्ट सेक्टर का सहयोग बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा कि अगर ट्रांसपोर्ट संचालक नियमों का पालन करें और प्रशासन के साथ समन्वय बनाए रखें, तो सड़क दुर्घटनाओं और ट्रैफिक अव्यवस्था को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

सड़क सुरक्षा को लेकर अभियान तेज
गौतमबुद्धनगर पुलिस लगातार सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान चला रही है।
हाल के दिनों में ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन, ओवरलोडिंग और अवैध पार्किंग के खिलाफ कई अभियान चलाए गए हैं। पुलिस का कहना है कि आने वाले समय में ऐसे अभियानों को और तेज किया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि नोएडा जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहर में ट्रांसपोर्ट सिस्टम को व्यवस्थित रखना बेहद जरूरी है, क्योंकि यहां रोजाना हजारों व्यावसायिक वाहन गुजरते हैं।
प्रशासन का साफ संदेश
इस हाईलेवल बैठक के जरिए पुलिस प्रशासन ने साफ संकेत दिया है कि अब ट्रांसपोर्ट व्यवस्था में लापरवाही या नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अधिकारियों का कहना है कि सड़क सुरक्षा और जनहित सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए सभी संबंधित पक्षों को मिलकर काम करना होगा।
फिलहाल इस गोष्ठी के बाद उम्मीद की जा रही है कि ट्रांसपोर्ट सेक्टर और पुलिस के बीच बेहतर तालमेल बनेगा और नोएडा क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया जा सकेगा।
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