नोएडा प्राधिकरण ने ग्राम सोरखा जाहिदाबाद में अवैध प्लॉटिंग और कब्जे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 5000 वर्गमीटर अधिसूचित भूमि से अतिक्रमण हटाया। दो JCB मशीनों की मदद से प्रीफैब्रिकेटेड बाउंड्रीवाल और गेट ध्वस्त किए गए। प्राधिकरण ने लोगों को भूमाफियाओं से सतर्क रहने की चेतावनी भी दी है।
नोएडा प्राधिकरण ने एक बार फिर भूमाफियाओं और अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। मंगलवार, 20 मई 2026 को प्राधिकरण के वर्क सर्किल-6, भूलेख विभाग और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने ग्राम सोरखा जाहिदाबाद में अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए बड़ा अभियान चलाया। इस कार्रवाई के दौरान करीब 5000 वर्गमीटर अधिसूचित भूमि को कब्जामुक्त कराया गया।
प्राधिकरण की इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया। भारी पुलिस बल और प्रशासनिक टीम की मौजूदगी में दो JCB मशीनों की मदद से अवैध निर्माण को ध्वस्त किया गया। अधिकारियों का कहना है कि यह जमीन नोएडा प्राधिकरण की अधिसूचित सीमा में आती है और यहां अवैध प्लॉटिंग की तैयारी की जा रही थी।
कैसे हुआ अवैध कब्जा?
प्राधिकरण के अनुसार ग्राम सोरखा जाहिदाबाद के खसरा संख्या 152 की जमीन पर भूमाफियाओं द्वारा अवैध तरीके से कब्जा कर लिया गया था। आरोप है कि लगभग 5000 वर्गमीटर भूमि पर प्लॉटिंग करने के उद्देश्य से प्रीफैब्रिकेटेड बाउंड्रीवाल और बड़ा गेट लगाया गया था।

प्राधिकरण अधिकारियों ने बताया कि कब्जाधारियों को पहले दो-दो बार नोटिस जारी किए गए थे। नोटिस में अवैध कब्जा हटाने और निर्माण रोकने के निर्देश दिए गए थे। लेकिन अतिक्रमणकर्ताओं की ओर से किसी भी नोटिस का जवाब नहीं दिया गया।
इसके बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई का फैसला लिया।
भारी पुलिस बल के बीच चला बुलडोजर
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आया। मौके पर नोएडा प्राधिकरण, भूलेख विभाग और पुलिस विभाग के लगभग 80 अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
किसी भी संभावित विरोध या तनाव की स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था।
सुबह से शुरू हुई कार्रवाई में दो JCB मशीनों की मदद से अवैध बाउंड्रीवाल, गेट और अन्य अस्थायी ढांचों को ध्वस्त किया गया। कार्रवाई के दौरान पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही।
स्थानीय लोगों के मुताबिक प्रशासन की टीम बेहद सख्ती के साथ मौके पर पहुंची और कुछ ही घंटों में पूरा अवैध निर्माण जमींदोज कर दिया गया।
भूमाफियाओं के खिलाफ सख्त संदेश
नोएडा प्राधिकरण ने साफ किया है कि अधिसूचित और अधिग्रहित भूमि पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा या निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अधिकारियों का कहना है कि भूमाफिया लगातार लोगों को झांसे में लेकर अवैध प्लॉटिंग कर रहे हैं और बाद में खरीदारों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है।

प्राधिकरण ने आम लोगों से अपील की है कि वे बिना सत्यापन किसी भी जमीन की खरीद-फरोख्त न करें और विशेष रूप से अधिसूचित भूमि पर हो रही प्लॉटिंग से सावधान रहें।
लोगों को दी गई चेतावनी
कार्रवाई के बाद नोएडा प्राधिकरण ने एक सार्वजनिक चेतावनी भी जारी की है। इसमें कहा गया है कि लोग भूमाफियाओं के झांसे में न आएं और अवैध कॉलोनियों या प्लॉटिंग में निवेश करने से पहले पूरी जानकारी जरूर लें।
प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि अधिग्रहित या अधिसूचित भूमि पर किए गए किसी भी अवैध निर्माण के खिलाफ नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों ने कहा कि कई बार भूमाफिया नकली दस्तावेजों और फर्जी वादों के जरिए लोगों को प्लॉट बेच देते हैं, जिससे बाद में खरीदारों को आर्थिक नुकसान और कानूनी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
लगातार जारी रहेगा अभियान
नोएडा प्राधिकरण ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में भी अवैध कब्जों और अनधिकृत निर्माण के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।
प्राधिकरण के अधिकारियों के मुताबिक शहर और आसपास के गांवों में कई स्थानों को चिन्हित किया गया है, जहां अवैध प्लॉटिंग और कब्जे की शिकायतें मिली हैं।
इन सभी मामलों में जांच के बाद चरणबद्ध तरीके से कार्रवाई की जाएगी।

अवैध प्लॉटिंग बना बड़ा खतरा
नोएडा और ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में तेजी से बढ़ती आबादी और जमीन की मांग के बीच अवैध प्लॉटिंग का कारोबार लगातार बढ़ता जा रहा है।
भूमाफिया अक्सर अधिसूचित या विवादित जमीन पर अस्थायी निर्माण कर लोगों को सस्ते प्लॉट का लालच देते हैं। बाद में प्रशासनिक कार्रवाई होने पर खरीदारों को भारी नुकसान झेलना पड़ता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि लोगों को जमीन खरीदने से पहले प्राधिकरण और संबंधित विभागों से सत्यापन जरूर कराना चाहिए।
प्रशासन का सख्त रुख
इस पूरी कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि नोएडा प्राधिकरण अब अवैध कब्जों और भूमाफियाओं के खिलाफ आक्रामक रणनीति पर काम कर रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि शहर के नियोजित विकास और सरकारी भूमि की सुरक्षा के लिए ऐसे अभियान बेहद जरूरी हैं।
फिलहाल ग्राम सोरखा जाहिदाबाद में हुई इस कार्रवाई के बाद इलाके में चर्चाओं का दौर तेज है और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर भी सभी की नजर बनी हुई है।
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