Monday, June 08, 2026

भानु प्रताप सिंह मुठभेड़ में ढेर, 1.65 लाख का था इनामी, 40 से ज्यादा दर्ज थे मुकदमे , खत्म हुआ 'सुपारी किलर' का खेल!

गोरखपुर से लेकर आजमगढ़ और अंबेडकरनगर तक पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था भानु प्रताप सिंह; 1.65 लाख से लेकर 2 लाख रुपये तक का इनाम घोषित, अयोध्या में STF की घेराबंदी के दौरान हुई मुठभेड़ में हुआ अंत।

New Delhi , Latest Updated On - Jun 08 2026 | 12:31:00 PM
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उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने पूर्वांचल के कुख्यात अपराधी और कथित सुपारी किलर भानु प्रताप सिंह उर्फ बबलू को अयोध्या में मुठभेड़ के दौरान मार गिराया। उस पर हत्या, रंगदारी, डकैती समेत 40 से अधिक मुकदमे दर्ज थे और कई जिलों की पुलिस ने उस पर भारी इनाम घोषित कर रखा था।

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अयोध्या में STF का बड़ा ऑपरेशन: पूर्वांचल के मोस्ट वांटेड अपराधी भानु प्रताप सिंह का अंत

उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था के मोर्चे पर एक बड़ी कार्रवाई करते हुए स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने पूर्वांचल के कुख्यात अपराधी और कथित सुपारी किलर भानु प्रताप सिंह उर्फ बबलू को मुठभेड़ में मार गिराया। वर्षों से पुलिस की गिरफ्त से दूर चल रहा यह अपराधी हत्या, रंगदारी, डकैती और संगठित अपराध की कई वारदातों में वांछित था। उसकी तलाश प्रदेश के कई जिलों की पुलिस कर रही थी।

रविवार देर रात अयोध्या के महाराजगंज थाना क्षेत्र में हुई इस मुठभेड़ ने पूरे पूर्वांचल में चर्चा का विषय बना दिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार भानु प्रताप सिंह पर विभिन्न जिलों में दर्जनों गंभीर मुकदमे दर्ज थे और उसके सिर पर लाखों रुपये का इनाम घोषित किया गया था।


गुप्त सूचना के बाद शुरू हुआ ऑपरेशन

अयोध्या परिक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक सोमे बर्मा के अनुसार रविवार देर रात एसटीएफ को सूचना मिली थी कि कुख्यात अपराधी भानु प्रताप सिंह अपने एक साथी के साथ मोटरसाइकिल से महाराजगंज थाना क्षेत्र की ओर आने वाला है।

सूचना को गंभीरता से लेते हुए एसटीएफ की टीम ने तत्काल इलाके में घेराबंदी शुरू कर दी। एमी घाट के पास संदिग्ध बाइक को रोकने का प्रयास किया गया। पुलिस को देखते ही भानु प्रताप सिंह ने कथित रूप से फायरिंग शुरू कर दी।

इसके बाद एसटीएफ की ओर से जवाबी कार्रवाई की गई। दोनों तरफ से चली गोलीबारी के दौरान भानु प्रताप सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया। मुठभेड़ के दौरान एसटीएफ के प्रभारी अधिकारी और एक सिपाही को भी गोली लगने की सूचना सामने आई है, जिनका उपचार कराया गया।


अस्पताल पहुंचा, लेकिन बच नहीं सका

मुठभेड़ में घायल होने के बाद एसटीएफ टीम ने भानु प्रताप सिंह को तत्काल अयोध्या मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। डॉक्टरों ने उसका इलाज शुरू किया, लेकिन हालत अत्यंत गंभीर होने के कारण कुछ समय बाद उसकी मृत्यु हो गई।

इस खबर के सामने आते ही पुलिस महकमे में राहत की भावना दिखाई दी, क्योंकि लंबे समय से यह अपराधी कई जिलों की पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ था।

कौन था भानु प्रताप सिंह?

भानु प्रताप सिंह उर्फ बबलू मूल रूप से गोरखपुर जिले के बेलघाट थाना क्षेत्र स्थित विधानापार गांव का रहने वाला था। स्थानीय स्तर पर वह लंबे समय से आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय बताया जाता था।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उसके खिलाफ 40 से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। इनमें हत्या, हत्या का प्रयास, रंगदारी वसूली, डकैती, आपराधिक षड्यंत्र, अवैध हथियारों का उपयोग और अन्य गंभीर अपराध शामिल बताए जाते हैं।


समय के साथ उसने पूर्वांचल के विभिन्न जिलों में अपना नेटवर्क तैयार कर लिया था और पुलिस के अनुसार वह कॉन्ट्रैक्ट किलिंग यानी सुपारी लेकर हत्या करने के मामलों में भी सक्रिय था। इसी वजह से उसे "सुपारी किलर" के रूप में जाना जाने लगा था।

कई जिलों की पुलिस ने घोषित कर रखा था इनाम

भानु प्रताप सिंह की गिरफ्तारी या सूचना देने वाले के लिए अलग-अलग जिलों की पुलिस ने इनाम घोषित किया हुआ था।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार:

  • आजमगढ़ पुलिस ने 1 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।
  • अंबेडकरनगर पुलिस ने 50 हजार रुपये का इनाम रखा था।
  • गोरखपुर पुलिस ने 15 हजार से 25 हजार रुपये तक का इनाम घोषित किया था।
  • बस्ती पुलिस ने भी 15 हजार रुपये का इनाम रखा हुआ था।

इन्हीं घोषणाओं के आधार पर उस पर कुल इनाम राशि 1.65 लाख रुपये से लेकर करीब 2 लाख रुपये तक बताई जा रही है।


वर्षों से फरार था, कोर्ट में भी नहीं हो रहा था पेश

पुलिस सूत्रों के अनुसार भानु प्रताप सिंह लंबे समय से फरार चल रहा था। कई मामलों में अदालत से भी वह लगातार गैरहाजिर था। उसके खिलाफ जारी वारंटों और कानूनी कार्रवाई के बावजूद वह पुलिस की पकड़ से बच निकलता था।

बताया जाता है कि वह लगातार अपने ठिकाने बदलता रहता था और पुलिस की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए अपने नेटवर्क का इस्तेमाल करता था। इसी वजह से उसकी गिरफ्तारी पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई थी।

STF की कार्रवाई को बड़ी सफलता माना जा रहा

उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स लंबे समय से उसके मूवमेंट पर नजर बनाए हुए थी। आखिरकार अयोध्या में मिली सटीक सूचना के आधार पर चलाए गए ऑपरेशन में उसे घेर लिया गया।

पुलिस अधिकारियों का मानना है कि भानु प्रताप सिंह के मारे जाने से पूर्वांचल में सक्रिय अपराध जगत को बड़ा झटका लगेगा। खासकर उन आपराधिक नेटवर्कों पर असर पड़ सकता है जिनसे उसका संबंध बताया जाता रहा है।

कानून व्यवस्था पर सरकार का सख्त संदेश

भानु प्रताप सिंह जैसे कुख्यात अपराधी के खिलाफ हुई कार्रवाई को प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि संगठित अपराध और वांछित अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।

अयोध्या में हुई इस मुठभेड़ ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि लंबे समय से फरार और इनामी अपराधियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है और कानून से बचना आसान नहीं होगा।

पूर्वांचल के कई जिलों में दहशत का पर्याय बन चुके भानु प्रताप सिंह का अध्याय भले ही समाप्त हो गया हो, लेकिन उसके आपराधिक नेटवर्क और उससे जुड़े अन्य लोगों की तलाश में पुलिस की कार्रवाई अभी जारी रहने की संभावना है।

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