गाजियाबाद में मतदाता सूची को अपडेट करने के लिए घर-घर सत्यापन अभियान चलाया गया। बीएलओ ने हजारों घरों का निरीक्षण कर नागरिकों को नाम जुड़वाने और विवरण में संशोधन की जानकारी दी। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मॉंदड़ ने लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए और नागरिकों से अपनी वोटर लिस्ट जांचने की अपील की।
चुनाव के समय मतदान केंद्र तक पहुंचने के बाद अगर पता चले कि मतदाता सूची में आपका नाम ही नहीं है, तो परेशानी बढ़ सकती है। इसी तरह की स्थिति से बचाने और मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाने के लिए गाजियाबाद जिला प्रशासन ने घर-घर मतदाता सत्यापन अभियान चलाया। सोमवार को चलाए गए इस अभियान के तहत बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) ने हजारों घरों का निरीक्षण किया और लोगों को मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने, गलतियों को ठीक कराने तथा अपने विवरण की जांच करने के लिए जागरूक किया।
भारत निर्वाचन आयोग और मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश के निर्देशों के क्रम में जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी रविंद्र कुमार मॉंदड़ के निर्देशन में यह अभियान संचालित किया गया। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में नाम दर्ज होने से वंचित न रहे और सूची में उपलब्ध जानकारी सही एवं अद्यतन हो।

घर-घर पहुंचे बीएलओ, नए मतदाताओं को दी गई जानकारी
अभियान के दौरान बीएलओ ने घरों तक पहुंचकर मतदाताओं का सत्यापन किया। लोगों को बताया गया कि वे मतदाता सूची में अपना नाम जांचें और यदि नाम दर्ज नहीं है, तो निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन करें। इसके अलावा नाम, पता या अन्य विवरण में गलती होने पर संशोधन कराने की प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी दी गई।
जिला प्रशासन की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, अभियान के दौरान हजारों नागरिकों ने ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यमों से मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए आवेदन किया। हालांकि, जारी सूचना में आवेदनों की सटीक संख्या और सत्यापन किए गए घरों का विस्तृत आंकड़ा नहीं दिया गया है।
नए मतदाता के रूप में पंजीकरण कराने के लिए पात्र नागरिकों को फॉर्म-6 भरने की जानकारी दी गई। प्रशासन ने लोगों को यह भी समझाया कि मतदाता सूची में नाम दर्ज होना लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेने की दिशा में एक जरूरी कदम है।

अनुपस्थित बीएलओ पर कार्रवाई के निर्देश
अभियान की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मॉंदड़ ने संबंधित अधिकारियों और बीएलओ को निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार जिम्मेदारी निभाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची तैयार करने और उसे अपडेट रखने के काम में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी ने अभियान के दौरान अनुपस्थित पाए गए बीएलओ के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। प्रशासन का जोर इस बात पर है कि सत्यापन का काम गंभीरता से पूरा हो, ताकि मतदाता सूची में गलतियों की गुंजाइश कम हो और पात्र नागरिकों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
मतदाता सूची में नाम जोड़ने के साथ-साथ पहले से दर्ज नामों और विवरणों की जांच भी महत्वपूर्ण है। इसलिए नागरिकों को केवल चुनाव के समय ही नहीं, बल्कि समय रहते अपनी प्रविष्टियों की स्थिति देख लेने की सलाह दी गई है।

ऐसे जांचें अपनी वोटर लिस्ट में नाम
जिला प्रशासन ने गाजियाबाद के नागरिकों से अपील की है कि वे अपने और परिवार के सभी पात्र सदस्यों के नाम मतदाता सूची में जांच लें। यदि किसी पात्र व्यक्ति का नाम सूची में दर्ज नहीं है, तो वह ऑनलाइन या संबंधित बीएलओ के माध्यम से आवेदन कर सकता है।
ऑनलाइन आवेदन और जानकारी के लिए निर्वाचन आयोग के आधिकारिक पोर्टल पर जाएं:
आधिकारिक वेबसाइट: https://voters.eci.gov.in/
पोर्टल पर उपलब्ध सुविधाओं के माध्यम से मतदाता सूची में नाम खोजने, नए मतदाता के रूप में पंजीकरण कराने और निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवश्यक संशोधन के लिए आवेदन करने की जानकारी प्राप्त की जा सकती है। आवेदन करने से पहले अपनी पात्रता और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी आधिकारिक पोर्टल से जांच लेना उचित रहेगा।

प्रशासन की अपील: समय रहते जांच लें नाम
गाजियाबाद में चलाया गया यह अभियान मतदाता सूची को अधिक विश्वसनीय और त्रुटिरहित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। लेकिन इसकी सफलता केवल प्रशासनिक कार्रवाई पर निर्भर नहीं करती। नागरिकों की जागरूकता और सही जानकारी भी उतनी ही जरूरी है।
ऐसे में अगर आपने लंबे समय से अपनी मतदाता प्रविष्टि की जांच नहीं की है, तो अभी अपनी वोटर लिस्ट में नाम और विवरण देख लें। नाम दर्ज नहीं होने या किसी तरह की गलती मिलने पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन करें, ताकि भविष्य में मतदान के समय किसी तरह की परेशानी से बचा जा सके।
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