ग्रेटर नोएडा के GIMS ने NABH-QCI के सहयोग से CDHP प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया। पहले सत्र में डिजिटल हेल्थ सिस्टम, AI और स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीक के उपयोग पर जानकारी दी गई।
स्वास्थ्य सेवाओं में डिजिटल तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती भूमिका को देखते हुए गवर्नमेंट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (GIMS), ग्रेटर नोएडा ने एक नई पहल की शुरुआत की है। संस्थान ने नेशनल एक्रिडिटेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल्स एंड हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स (NABH) के सहयोग से NABH सर्टिफाइड डिजिटल हेल्थ प्रैक्टिशनर (CDHP) ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू किया है। NABH, क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया (QCI) का एक घटक बोर्ड है।
इस पहल का उद्देश्य स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े कर्मचारियों, चिकित्सा पेशेवरों और उभरते हेल्थकेयर वर्कफोर्स को डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं की समझ, तकनीकी कौशल और व्यावहारिक जानकारी से लैस करना है। कार्यक्रम के तहत 16 अक्टूबर 2026 को CDHP बिगिनर प्रोग्राम का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण GIMS की स्किल, एजुकेशन एंड ट्रेनिंग यूनिट GIMS VIDYA SETU के अंतर्गत आयोजित हुआ।
दीप प्रज्वलन के साथ हुई कार्यक्रम की शुरुआत
प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक दीप प्रज्वलन समारोह के साथ हुई। इसके बाद GIMS के निदेशक ब्रिगेडियर डॉ. राकेश के. गुप्ता ने उद्घाटन संबोधन दिया और औपचारिक रूप से प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

अपने संबोधन में डॉ. गुप्ता ने स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी और सुलभ बनाने में डिजिटल हेल्थ तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बढ़ती उपयोगिता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में दक्षता बढ़ाने के साथ मरीजों को बेहतर गुणवत्ता वाली सुविधाएं उपलब्ध कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
उन्होंने चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और पेशेवर प्रशिक्षण में नवाचार को अपनाने के प्रति GIMS की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित किया। संस्थान की इस पहल को स्वास्थ्यकर्मियों की डिजिटल क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
AI और डिजिटल हेल्थ सिस्टम की व्यावहारिक जानकारी पर जोर
कार्यक्रम का प्रशिक्षण सत्र नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के डिपार्टमेंट ऑफ हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन के प्रोफेसर डॉ. एंजेल राजन सिंह ने संचालित किया।
उन्होंने डिजिटल हेल्थ सिस्टम, उनके क्रियान्वयन और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने में उनकी भूमिका से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। सत्र में डिजिटल स्वास्थ्य से जुड़े बुनियादी सिद्धांतों और आधुनिक चिकित्सा संस्थानों में उनके व्यावहारिक इस्तेमाल पर ध्यान केंद्रित किया गया।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को यह समझने का अवसर मिला कि स्वास्थ्य सेवाओं में डिजिटल तकनीकों को किस प्रकार अपनाया जा सकता है और संस्थानों के कामकाज को अधिक व्यवस्थित बनाने में इनकी क्या भूमिका हो सकती है।

डिजिटल हेल्थ का बढ़ता दायरा मरीजों की देखभाल, अस्पताल प्रबंधन और स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता जैसे क्षेत्रों में नई संभावनाएं प्रस्तुत कर रहा है। ऐसे में स्वास्थ्यकर्मियों को तकनीक से संबंधित प्रशिक्षण देना चिकित्सा व्यवस्था की बदलती जरूरतों के अनुरूप महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
GIMS में नियमित रूप से होंगे प्रशिक्षण कार्यक्रम
GIMS प्रबंधन के अनुसार, संस्थान भविष्य में CDHP प्रशिक्षण कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने की योजना बना रहा है। इसका उद्देश्य संस्थान के कर्मचारियों और व्यापक हेल्थकेयर वर्कफोर्स की डिजिटल हेल्थ से जुड़ी दक्षताओं को लगातार मजबूत करना है।
इस पहल के माध्यम से स्वास्थ्य क्षेत्र में कार्यरत लोगों को डिजिटल तकनीकों की बेहतर समझ विकसित करने और उन्हें अपने पेशेवर कार्यों में उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
GIMS VIDYA SETU के अंतर्गत शुरू किया गया यह कार्यक्रम कौशल विकास, प्रशिक्षण और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं की जरूरतों के बीच तालमेल स्थापित करने की दिशा में एक संस्थागत प्रयास है।
GIMS और NABH के प्रतिनिधि रहे मौजूद
कार्यक्रम में GIMS की डीन, क्वालिटी डॉ. मनीषा सिंह और NABH की एनालिस्ट डॉ. अंशु मिश्रा उपस्थित रहीं। डॉ. अंशु मिश्रा ने प्रशिक्षण कार्यक्रम में NABH का प्रतिनिधित्व किया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में डॉ. पल्लवी मेहरा, डॉ. प्रीति वर्मा, डॉ. शिखर, सुश्री पूजा, सुश्री रिया और GIMS VIDYA SETU की टीम ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।
GIMS द्वारा शुरू किया गया CDHP प्रशिक्षण कार्यक्रम स्वास्थ्य सेवाओं में डिजिटल जागरूकता और तकनीकी क्षमता निर्माण को बढ़ावा देने की दिशा में एक नई पहल है। संस्थान की योजना इस प्रशिक्षण को नियमित रूप से जारी रखते हुए अपने कर्मचारियों और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े अन्य पेशेवरों को डिजिटल हेल्थ की बदलती जरूरतों के अनुरूप तैयार करने की है।
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