नोएडा और ग्रेटर नोएडा में कोचिंग संस्थानों की जांच के दौरान 7 बिना पंजीकरण वाले सेंटर सील कर दिए गए, जबकि 2 संस्थानों में अग्नि सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया गया। प्रशासन ने आगे भी अभियान जारी रखने की चेतावनी दी है।
नोएडा/ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों में हाल ही में हुई अग्निकांड की घटनाओं के बाद अब गौतमबुद्धनगर प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। पुलिस कमिश्नर श्रीमती लक्ष्मी सिंह के निर्देशन में कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर क्षेत्र में संचालित कोचिंग संस्थानों की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था और पंजीकरण की जांच के लिए गठित विशेष संयुक्त टीम ने मंगलवार को व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया।
इस संयुक्त टीम में सिटी मजिस्ट्रेट, पुलिस विभाग, जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) तथा मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) के अधिकारी शामिल रहे। टीम ने जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में संचालित 46 कोचिंग संस्थानों का औचक निरीक्षण किया और उनके पंजीकरण दस्तावेजों के साथ-साथ अग्निशमन उपकरणों एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं की गहन जांच की।

7 कोचिंग संस्थान तत्काल प्रभाव से सील
निरीक्षण के दौरान एक बड़ा खुलासा तब हुआ जब 7 कोचिंग संस्थानों के पास वैध पंजीकरण नहीं पाया गया। नियमों का उल्लंघन सामने आने पर जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) ने तत्काल कार्रवाई करते हुए इन सभी संस्थानों को सील कर दिया।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि बिना पंजीकरण के संचालित शैक्षणिक संस्थानों के खिलाफ आगे भी इसी प्रकार की कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
2 संस्थानों में अग्निशमन व्यवस्था मिली मानकों से कम
संयुक्त टीम की जांच में 2 कोचिंग संस्थानों में अग्नि सुरक्षा संबंधी गंभीर कमियां पाई गईं। वहां उपलब्ध फायर फाइटिंग उपकरण निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं मिले। इस संबंध में संबंधित संस्थानों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
अधिकारियों का मानना है कि किसी भी आपात स्थिति में ऐसी लापरवाही बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। इसलिए अग्नि सुरक्षा मानकों से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

संचालकों को दी गई सख्त चेतावनी
निरीक्षण के दौरान सभी कोचिंग संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि वे शासन द्वारा निर्धारित अग्नि सुरक्षा, भवन सुरक्षा, पंजीकरण, अनुमतियों और अन्य आवश्यक अभिलेखों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करें।
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि भविष्य में यदि किसी भी संस्थान में अनियमितता पाई जाती है तो बिना पूर्व सूचना के सीलिंग, संचालन पर प्रतिबंध तथा अन्य कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी संबंधित संस्थान संचालक की होगी।
अब तक 66 संस्थानों की जांच, 9 सील और 12 को नोटिस
प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार जनपद में अब तक कुल 66 कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया जा चुका है। इनमें से 9 कोचिंग संस्थानों को विभिन्न अनियमितताओं के चलते सील किया गया है, जबकि 12 संस्थानों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
अधिकारियों का कहना है कि जिन संस्थानों में अन्य प्रकार की कमियां पाई गई हैं, उनके विरुद्ध भी वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
लगातार जारी रहेगा अभियान
पुलिस कमिश्नरेट और जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान केवल एक दिन की कार्रवाई नहीं है, बल्कि आने वाले दिनों में भी लगातार जारी रहेगा। विशेष रूप से उन संस्थानों को चिन्हित किया जा रहा है जहां बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं अध्ययन करते हैं, ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना से पहले सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित किया जा सके।
हाल के दिनों में देश के विभिन्न हिस्सों में कोचिंग सेंटरों और व्यावसायिक भवनों में हुई आग की घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। ऐसे में गौतमबुद्धनगर प्रशासन की यह कार्रवाई छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
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