उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने मीरजापुर में अंतरराज्यीय मादक पदार्थ तस्करी गिरोह पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 439 किलोग्राम गांजा बरामद किया है। इस मामले में एक तस्कर को गिरफ्तार किया गया है, जबकि पूछताछ में कई अन्य आरोपियों और पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ है। बरामद गांजे की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 1 करोड़ 10 लाख रुपये बताई गई है।
उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय एक संगठित गिरोह के नेटवर्क को बड़ा झटका दिया है। एसटीएफ की प्रयागराज फील्ड यूनिट ने मीरजापुर के मड़िहान थाना क्षेत्र में घेराबंदी कर एक कंटेनर से 439 किलोग्राम गांजा बरामद किया, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 1 करोड़ 10 लाख रुपये आंकी गई है। इस कार्रवाई में गिरोह के एक सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार किया गया है, जबकि पूछताछ में कई अन्य तस्करों और पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ है।
गुप्त सूचना बनी बड़ी सफलता की वजह
एसटीएफ को लंबे समय से सूचना मिल रही थी कि ओडिशा से बड़े पैमाने पर गांजे की खेप उत्तर प्रदेश लाई जा रही है और उसे प्रयागराज समेत आसपास के जिलों में ऊंचे दामों पर बेचा जाता है। इन सूचनाओं के आधार पर एसटीएफ की विभिन्न इकाइयों को खुफिया जानकारी जुटाने और कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे।
पुलिस उपाधीक्षक शैलेन्द्र प्रताप सिंह के पर्यवेक्षण तथा निरीक्षक जय प्रकाश राय के नेतृत्व में प्रयागराज फील्ड यूनिट लगातार इस नेटवर्क पर नजर रखे हुए थी।
निर्माणाधीन पेट्रोल पंप के पास बिछाया गया जाल
25 जून 2026 को एसटीएफ टीम मीरजापुर में अपराध संबंधी सूचनाएं जुटा रही थी। इसी दौरान सूचना मिली कि रायगढ़ (ओडिशा) से एक डीसीएम टाटा यूफिणो कंटेनर में भारी मात्रा में गांजा लोड कर मीरजापुर के रास्ते प्रयागराज ले जाया जा रहा है।
सूचना मिलते ही एसटीएफ ने मड़िहान पुलिस के साथ संयुक्त रणनीति बनाई और पचोखरा-कासीपुर तिराहा स्थित निर्माणाधीन पेट्रोल पंप के पास घेराबंदी कर दी।
रात करीब 8:30 बजे संदिग्ध कंटेनर को रोककर तलाशी ली गई।
प्लास्टिक के खाली कैरेटों के नीचे छिपा था करोड़ों का गांजा
तलाशी के दौरान कंटेनर में ऊपर की तरफ प्लास्टिक के खाली कैरेट रखे गए थे ताकि किसी को संदेह न हो। जब टीम ने कैरेट हटवाए तो नीचे बोरियों में बड़ी मात्रा में गांजा छिपाकर रखा मिला।
मौके से 439 किलोग्राम गांजा, एक कंटेनर, एक मोबाइल फोन और 1030 रुपये नकद बरामद किए गए।
मौके पर मौजूद चालक अमरजीत यादव उर्फ पहलवान को गिरफ्तार कर लिया गया।
कौन है गिरफ्तार आरोपी?
गिरफ्तार आरोपी की पहचान अमरजीत यादव उर्फ पहलवान, पुत्र परमेश्वर यादव, निवासी ग्राम जलछेरा, थाना हसपुर बुजुर्ग, जनपद गोरखपुर के रूप में हुई है। वह वर्तमान में मध्य प्रदेश के गुना जिले में भी रह रहा था।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने जो खुलासे किए, उन्होंने पूरे तस्करी नेटवर्क की परतें खोल दीं।
पूछताछ में सामने आया पूरा तस्करी नेटवर्क
एसटीएफ की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि यह कोई अकेली घटना नहीं बल्कि कई वर्षों से सक्रिय अंतरराज्यीय गिरोह है।
उसके अनुसार गांजा ओडिशा के रायगढ़ से लाया जाता है और उत्तर प्रदेश के प्रयागराज सहित कई जिलों में सप्लाई किया जाता है।
आरोपी ने बताया कि कंटेनर के मालिक अभिषेक शुक्ला उर्फ गुरुजी, निवासी थाना होलागढ़, प्रयागराज हैं। उन्हीं के निर्देश पर वह कंटेनर लेकर रायगढ़ पहुंचा था।
वहां उसकी मुलाकात रजत सिंह उर्फ सुभाष सिंह, निवासी गाजीपुर तथा शुभम सिंह, निवासी रायगढ़ (ओडिशा) से हुई।
इन लोगों ने प्लास्टिक के कैरेटों की आड़ में बोरियों में गांजा भरकर कंटेनर में लोड कराया।
पहले भी कई बार पहुंचा चुका था गांजे की खेप
अमरजीत यादव ने स्वीकार किया कि वह पहले भी कई बार इसी गिरोह के लिए गांजे की खेप पहुंचा चुका है।
उसने बताया कि इस धंधे में होने वाले मुनाफे को सभी सदस्य आपस में बांट लेते हैं।
उसे प्रत्येक सफल खेप की डिलीवरी पर एक लाख रुपये अलग से दिए जाते थे।
यह खुलासा इस बात की ओर संकेत करता है कि गिरोह लंबे समय से संगठित तरीके से मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल था।
बरामदगी की पूरी सूची
एसटीएफ ने कार्रवाई के दौरान निम्न सामान बरामद किया—
- 439 किलोग्राम गांजा (अनुमानित अंतरराष्ट्रीय कीमत लगभग 1.10 करोड़ रुपये)
- डीसीएम टाटा यूफिणो कंटेनर (नंबर 72 AT 5969)
- एक मोबाइल फोन
- 1030 रुपये नकद
एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज हुआ मुकदमा
गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ थाना मड़िहान, जनपद मीरजापुर में मुकदमा संख्या 151/2026 दर्ज किया गया है।
उस पर एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20/29 के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
स्थानीय पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी और पूरे नेटवर्क की वित्तीय जांच में जुट गई है।
क्या अब और बड़े खुलासे होंगे?
एसटीएफ अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ और तकनीकी जांच के आधार पर आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े अन्य राज्यों के तस्करों, सप्लायरों और फाइनेंसरों तक भी जांच पहुंच सकती है।
यह कार्रवाई केवल एक कंटेनर पकड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि उत्तर प्रदेश में सक्रिय अंतरराज्यीय मादक पदार्थ तस्करी के बड़े नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
यदि आगे की जांच में आरोपियों के दावे सही पाए जाते हैं, तो इस मामले में कई और गिरफ्तारियां होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
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