ग्रेटर नोएडा स्थित निर्यातक इकाई आर्या फैशन्स के लिए शुक्रवार का दिन खास बन गया, जब पुलिस उप महानिरीक्षक (आईपीएस) राजीव नारायण मिश्रा ने इकाई का दौरा कर वहां कार्यरत कारीगरों, शिल्पकारों और महिला प्रशिक्षुओं के कार्यों को करीब से देखा। उन्होंने कारीगरों की प्रतिभा और महिला सशक्तिकरण के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कुशल हाथ ही भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सबसे बड़ी शक्ति हैं।
ग्रेटर नोएडा स्थित निर्यातक इकाई आर्या फैशन्स में उस समय उत्साह और गर्व का माहौल देखने को मिला, जब भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के वरिष्ठ अधिकारी एवं पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) राजीव नारायण मिश्रा ने इकाई का दौरा किया। उनके आगमन को न केवल संस्थान के लिए बल्कि वहां कार्यरत सैकड़ों कारीगरों, शिल्पकारों और महिला प्रशिक्षुओं के लिए भी एक विशेष अवसर के रूप में देखा गया।
दौरे के दौरान डीआईजी राजीव नारायण मिश्रा ने आर्या फैशन्स की संपूर्ण कार्यप्रणाली का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने उत्पादन प्रक्रिया के प्रत्येक चरण को समझने में विशेष रुचि दिखाई और कर्मचारियों से सीधे संवाद स्थापित कर उनके अनुभवों और चुनौतियों को जाना।
रॉ मटेरियल से तैयार उत्पाद तक की प्रक्रिया को समझा
निरीक्षण के दौरान डीआईजी ने फैशन एवं परिधान निर्माण से जुड़ी पूरी मैन्युफैक्चरिंग प्रक्रिया का विस्तृत अवलोकन किया। उन्होंने देखा कि किस प्रकार रॉ मटेरियल को विभिन्न चरणों से गुजारकर आकर्षक और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार उत्पादों में बदला जाता है।

उन्होंने डिज़ाइनिंग, कटिंग, सिलाई, फिनिशिंग और पैकिंग जैसे विभिन्न विभागों का निरीक्षण किया तथा वहां कार्यरत कारीगरों से उनके काम के बारे में जानकारी प्राप्त की। इस दौरान उन्होंने उत्पादन प्रक्रिया में अपनाई जा रही गुणवत्ता और अनुशासन की भी सराहना की।
डीआईजी ने कहा कि किसी भी उत्पाद की सफलता के पीछे केवल मशीनें नहीं बल्कि उन पर काम करने वाले कुशल हाथों और समर्पित लोगों का योगदान सबसे महत्वपूर्ण होता है।
कारीगरों और शिल्पकारों के हुनर की जमकर सराहना
दौरे के दौरान सबसे अधिक प्रभावित करने वाली बात कारीगरों की मेहनत, रचनात्मकता और शिल्प कौशल रही। डीआईजी राजीव नारायण मिश्रा ने कारीगरों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत की और उनके कार्यों को करीब से देखा।
उन्होंने कहा कि भारत की पहचान उसके कारीगरों और शिल्पकारों की प्रतिभा से है। देश के लाखों कुशल श्रमिक और हस्तशिल्प विशेषज्ञ भारतीय उत्पादों को वैश्विक स्तर पर पहचान दिला रहे हैं। उन्होंने कारीगरों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि उनका परिश्रम और समर्पण ही "मेक इन इंडिया" और "आत्मनिर्भर भारत" जैसे राष्ट्रीय अभियानों की वास्तविक शक्ति है।
उनके इन शब्दों ने वहां उपस्थित कर्मचारियों और कारीगरों का उत्साह कई गुना बढ़ा दिया।

महिला सशक्तिकरण की पहल ने खींचा ध्यान
आर्या फैशन्स में बड़ी संख्या में महिलाएं प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं और रोजगार के अवसरों से जुड़ रही हैं। डीआईजी ने विशेष रूप से महिला प्रशिक्षुओं से बातचीत कर उनके अनुभव जाने और उनके भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी ली।
महिलाओं से संवाद के दौरान उन्होंने उन्हें आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने और अपने कौशल को लगातार विकसित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से सशक्त महिला न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे समाज को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
डीआईजी ने आर्या फैशन्स द्वारा महिला सशक्तिकरण और कौशल विकास के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा करते हुए इसे सामाजिक विकास की दिशा में एक सराहनीय पहल बताया।
कौशल विकास के माध्यम से बदल रही हैं जिंदगियां
निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि आर्या फैशन्स केवल एक निर्यातक इकाई नहीं है, बल्कि यह युवाओं और महिलाओं को रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कार्य कर रही है।
यहां प्रशिक्षण प्राप्त कर रही कई महिलाओं ने सीमित संसाधनों के बावजूद अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। संस्थान द्वारा दिए जा रहे प्रशिक्षण से उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनने और बेहतर भविष्य की ओर बढ़ने का अवसर मिल रहा है।

डॉ. खुशबू सिंह ने जताया आभार
आर्या फैशन्स की संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) डॉ. खुशबू सिंह ने डीआईजी राजीव नारायण मिश्रा के दौरे को संस्था के लिए बेहद प्रेरणादायक बताया।
उन्होंने कहा कि एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी का संस्थान में आकर कर्मचारियों और प्रशिक्षुओं से सीधे संवाद करना पूरे संगठन के लिए सम्मान की बात है। डीआईजी के प्रोत्साहन और मार्गदर्शन से टीम का मनोबल काफी बढ़ा है तथा कारीगर अपनी कला और कार्य पर और अधिक गर्व महसूस कर रहे हैं।
डॉ. सिंह ने कहा कि संस्थान भविष्य में भी कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण और गुणवत्तापूर्ण उत्पादन के क्षेत्र में अपने प्रयासों को और अधिक मजबूत करेगा।
प्रेरणा और सम्मान का संदेश छोड़ गया दौरा
डीआईजी राजीव नारायण मिश्रा का यह दौरा केवल एक औपचारिक निरीक्षण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह उन कारीगरों और महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया जो अपने कौशल और मेहनत के दम पर भविष्य गढ़ रहे हैं।
उनके शब्दों ने यह संदेश भी दिया कि देश की आर्थिक प्रगति और आत्मनिर्भरता की मजबूत नींव उन्हीं मेहनतकश हाथों पर टिकी है, जो दिन-रात समर्पण के साथ उत्पादन और कौशल विकास के क्षेत्र में योगदान दे रहे हैं।
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