त्योहारों के बीच मिठाइयों और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने कानपुर, गोरखपुर, गाजियाबाद, मेरठ, अयोध्या और प्रयागराज में विशेष अभियान चलाया। जांच में कई जगह गंदगी, कीड़े-मकोड़े, खराब ड्रेनेज और प्रतिबंधित रसायनों के इस्तेमाल जैसी अनियमितताएं सामने आईं। गंभीर मामलों में नौ प्रतिष्ठानों का कारोबार बंद कराया गया।
त्योहारों का मौसम आते ही मिठाइयों की दुकानों पर भीड़ बढ़ जाती है। बाजार में रंग-बिरंगी मिठाइयां सजती हैं और ग्राहक भरोसे के साथ इन्हें अपने घर ले जाते हैं। लेकिन जिस मिठाई को लोग खुशी के मौके पर परिवार के साथ बांटते हैं, अगर वही गंदगी और असुरक्षित परिस्थितियों में तैयार हो रही हो तो चिंता होना स्वाभाविक है।
उत्तर प्रदेश में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) की हालिया जांच में कुछ ऐसे ही मामले सामने आए हैं, जिन्होंने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और निर्माण प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
योगी सरकार की ओर से त्योहारों में आमजन को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता के तहत विभाग ने 'शुद्ध ही शुभ है' अभियान के अंतर्गत छह महानगरों में विशेष निरीक्षण अभियान चलाया। कानपुर, गोरखपुर, गाजियाबाद, मेरठ, अयोध्या और प्रयागराज में 69 टीमों ने मिठाई निर्माण और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की।
कहीं तैयार मिठाइयों की ट्रे गंदे फर्श पर रखी मिलीं, तो कहीं कॉकरोच, मक्खियां, चूहों की गंदगी और मकड़ी के जाले पाए गए। कुछ जगह प्रतिबंधित रसायनों के इस्तेमाल और बिना लाइसेंस कारोबार किए जाने के मामले भी सामने आए।

116 प्रतिष्ठानों की जांच, 9 का कारोबार बंद
FSDA के विशेष अभियान के दौरान कुल 116 खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान 149 खाद्य नमूने संग्रहित किए गए और अनियमितताएं मिलने पर 96 सुधार नोटिस जारी किए गए। कार्रवाई के तहत 655 किलोग्राम खाद्य सामग्री जब्त की गई, जिसकी कीमत 4,07,176 रुपये बताई गई है। वहीं, 537 किलोग्राम खाद्य सामग्री नष्ट कराई गई, जिसका अनुमानित मूल्य 1,98,230 रुपये है। गंभीर अनियमितताओं के चलते नौ खाद्य प्रतिष्ठानों का कारोबार बंद कराया गया।
कानपुर: फर्श पर रखी थीं मिठाइयों की ट्रे, जाम मिला ड्रेनेज
कानपुर नगर में न्यू तिवारी स्वीट्स के निर्माण स्थल पर अत्यधिक गंदगी और दुर्गंध मिली। खाद्य पदार्थों का भंडारण भी अस्वच्छ परिस्थितियों में किया जा रहा था। निरीक्षण के दौरान तैयार मिठाइयों की ट्रे सीधे फर्श पर रखी मिलीं।
वहीं, लाला दयाराम स्वीट्स के परिसर में मकड़ी के जाले और कालिख पाई गई। कारखाने में समुचित सफाई के बिना मिठाइयों का निर्माण हो रहा था। ड्रेनेज व्यवस्था भी जाम मिली, जिससे खाद्य पदार्थों के दूषित होने की आशंका जताई गई। कानपुर में 12 टीमों ने 20 में से 19 इकाइयों का निरीक्षण किया। इस दौरान 26 नमूने लिए गए और 16 सुधार नोटिस जारी किए गए।

गोरखपुर: बिना लाइसेंस चल रहा था मिठाई कारखाना
गोरखपुर के धर्मशाला बाजार स्थित कामधेनु स्वीट्स के कारखाने में अत्यधिक गंदगी मिली। निर्माण स्थल की दीवारें टूटी हुई थीं और परिसर में मकड़ी के जालों के साथ कूड़े का ढेर भी पाया गया। जांच में प्रतिष्ठान के पास खाद्य कारोबार का लाइसेंस नहीं मिला। यहां 15 टीमों ने 27 में से 23 इकाइयों का निरीक्षण किया। कुल 17 नमूने लिए गए और 20 सुधार नोटिस जारी किए गए।
मेरठ: प्रतिबंधित रसायनों के इस्तेमाल का मामला
मेरठ स्थित सम्राट स्वीट्स के निरीक्षण में प्रतिबंधित सैकरिन, कॉस्टिक सोडा और रंग के साथ गैर-खाद्य श्रेणी के सोडियम बाइकार्बोनेट के इस्तेमाल का मामला सामने आया। इसके अलावा प्रतिष्ठान की ड्रेनेज व्यवस्था खराब मिली और कीट नियंत्रण के लिए भी पर्याप्त इंतजाम नहीं पाए गए।
गाजियाबाद: कच्चा माल और तैयार मिठाइयां गंदे फर्श पर
गाजियाबाद के औद्योगिक क्षेत्र स्थित तिरुपति फूड्स में कच्चा माल सीधे गंदे फर्श पर रखा मिला। साहिबाबाद के अग्रवाल फूड्स में भंडारण स्थल पर कॉकरोच और कीड़े पाए गए। निर्माण स्थल की दीवारें टूटी थीं और उनसे सीमेंट झड़ रहा था। तैयार खाद्य पदार्थ भी सीधे फर्श पर रखे मिले।

नेहरू नगर स्थित शगुन स्वीट्स में पूरे परिसर में गंदगी, टूटा फर्श, अव्यवस्थित कच्चा माल और खराब ड्रेनेज सिस्टम पाया गया। गाजियाबाद में 18 टीमों ने 25 इकाइयों का निरीक्षण कर 49 नमूने लिए और 20 सुधार नोटिस जारी किए। यहां तीन प्रतिष्ठानों का कारोबार बंद कराया गया।
अयोध्या: गंदे पानी के बीच मिठाइयों का भंडारण
अयोध्या के बेलसर चौराहा स्थित राम नरेश स्वीट्स में अत्यधिक गंदी परिस्थितियों में मिठाइयां तैयार की जा रही थीं। परिसर में मक्खियां मौजूद थीं और खाद्य पदार्थों का भंडारण भी ठीक नहीं मिला।
मोहम्मदपुर स्थित संजय यादव स्वीट हाउस में गंदगी, कीड़े-मकोड़े और चूहों की गंदगी पाई गई। फर्श पर गंदा पानी जमा था और उसी जगह खाद्य सामग्री रखी हुई थी। डीप फ्रीजर से निकलने वाला गंदा पानी भी परिसर में मौजूद था। इसी गंदे पानी वाले डीप फ्रीजर में मिठाइयों का भंडारण किया जा रहा था। पूरे परिसर में दुर्गंध फैली हुई थी। अयोध्या में आठ टीमों ने 18 इकाइयों का निरीक्षण कर 14 नमूने लिए और 13 सुधार नोटिस जारी किए।
प्रयागराज: 18 इकाइयों की जांच, 14 नमूने संग्रहित
प्रयागराज में FSDA की आठ टीमों ने 18 खाद्य कारोबार इकाइयों का निरीक्षण किया। इस दौरान 14 खाद्य नमूने संग्रहित किए गए और अनियमितताएं मिलने पर 15 सुधार नोटिस जारी किए गए। विभागीय जानकारी के मुताबिक, प्रयागराज में किसी भी इकाई का लाइसेंस निलंबित नहीं किया गया।

त्योहारों तक जारी रहेगा अभियान
FSDA का 'शुद्ध ही शुभ है' अभियान केवल मिठाइयों की गुणवत्ता जांचने तक सीमित नहीं है। विभाग निर्माण, भंडारण और बिक्री की पूरी प्रक्रिया में स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित कराने पर जोर दे रहा है। जांच के दौरान निर्माण स्थलों की साफ-सफाई, कच्चे माल का सुरक्षित भंडारण, तैयार खाद्य पदार्थों को फर्श से दूर रखना, कीट नियंत्रण, जल निकासी और खाद्य श्रेणी के अनुमोदित पदार्थों के इस्तेमाल की पड़ताल की जा रही है।
कमियां मिलने पर कारोबारियों को सुधार नोटिस देकर निर्धारित मानकों के अनुरूप व्यवस्था करने के निर्देश दिए जा रहे हैं। वहीं, गंभीर अनियमितताओं पर कारोबार बंद कराने जैसी प्रवर्तन कार्रवाई भी की जा रही है। विभाग के अनुसार, त्योहारों के दौरान लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
अब देखना होगा कि निरीक्षण के बाद संबंधित प्रतिष्ठान कमियों को कितनी गंभीरता से दूर करते हैं और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए विभाग की निगरानी कितनी प्रभावी रहती है।
COMMENTS