दीपावली के अवसर पर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को बड़ी राहत दी है। प्रदेश के 1.89 करोड़ पात्र परिवारों को निःशुल्क रसोई गैस सिलेंडर रिफिल की सब्सिडी देने के लिए 1,500 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। खाद्य एवं रसद मंत्री मनोज कुमार पाण्डेय ने इसे महिलाओं के सम्मान, स्वास्थ्य और आर्थिक स्वावलम्बन से जुड़ी महत्वपूर्ण पहल बताया। इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश की सार्वजनिक वितरण प्रणाली और अन्नपूर्णा भवनों की प्रगति की जानकारी भी साझा की।
दीपावली पर घरों में रोशनी और खुशियों की तैयारी के बीच रसोई का बजट भी आम परिवारों के लिए एक बड़ी चिंता रहता है। खासकर उन परिवारों के लिए, जिनकी आमदनी सीमित है और जिनके लिए रसोई गैस सिलेंडर भरवाना हर महीने के खर्च का अहम हिस्सा होता है।
ऐसे में उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत करोड़ों परिवारों को राहत देने की तैयारी की है। प्रदेश के 1.89 करोड़ पात्र परिवारों को निःशुल्क रसोई गैस सिलेंडर रिफिल का लाभ देने के लिए सरकार ने 1,500 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है।
लखनऊ स्थित लोक भवन सभागार में 03 नवंबर 2026 को आयोजित सब्सिडी वितरण कार्यक्रम के अवसर पर प्रदेश के खाद्य एवं रसद तथा नागरिक आपूर्ति मंत्री मनोज कुमार पाण्डेय ने सरकार की इस पहल को मातृशक्ति के सम्मान, स्वास्थ्य और स्वावलम्बन से जोड़ते हुए कई महत्वपूर्ण बातें कहीं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार उज्ज्वला योजना के मूल उद्देश्य को आगे बढ़ा रही है।

उज्ज्वला योजना: धुएं से राहत के साथ महिलाओं के सम्मान की पहल
मंत्री मनोज कुमार पाण्डेय ने कहा कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना केवल रसोई गैस कनेक्शन उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह महिलाओं के स्वास्थ्य, सम्मान और जीवन को आसान बनाने से जुड़ा महत्वपूर्ण संकल्प है।
उन्होंने कहा कि पहले परंपरागत चूल्हों पर खाना बनाने के दौरान माताओं और बहनों को धुएं और कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता था। लंबे समय तक धुएं के बीच रसोई में काम करना महिलाओं के लिए कठिन होता था। उज्ज्वला योजना ने इस समस्या को समझते हुए स्वच्छ ईंधन की सुविधा घर-घर तक पहुंचाने का काम किया है।
उन्होंने कहा कि केवल गैस कनेक्शन देना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि परिवारों को उसका नियमित इस्तेमाल करने में आर्थिक परेशानी न हो, यह भी जरूरी है। इसी उद्देश्य से निःशुल्क रिफिल की व्यवस्था की गई है, जिससे जरूरतमंद परिवारों पर आर्थिक बोझ कम हो सके।
दो चरणों में मिलेगा मुफ्त गैस रिफिल का लाभ
खाद्य एवं रसद मंत्री ने बताया कि पात्र परिवारों को निःशुल्क गैस रिफिल का लाभ देने के लिए दो चरण निर्धारित किए गए हैं।
इन दोनों चरणों के लिए प्रदेश सरकार ने कुल 1,500 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है। इसका उद्देश्य पात्र परिवारों तक योजना का लाभ सुगमता और पारदर्शिता के साथ पहुंचाना है, ताकि त्योहार के अवसर पर परिवारों को राहत मिलने के साथ आने वाले महीनों में भी रसोई का खर्च संभालने में मदद मिले।
15 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन, 78,442 दुकानों से हो रहा वितरण
अपने संबोधन में मनोज कुमार पाण्डेय ने केवल उज्ज्वला योजना ही नहीं, बल्कि प्रदेश की सार्वजनिक वितरण प्रणाली की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया।
उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में 78,442 उचित दर दुकानों के माध्यम से लगभग 15 करोड़ लाभार्थियों को निःशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है। राशन वितरण में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए ई-पॉस मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे वितरण व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित बनाने और पात्र लाभार्थियों तक उनका निर्धारित खाद्यान्न पहुंचाने में मदद मिल रही है।
मंत्री ने कहा कि गरीब परिवारों के घर में खाद्यान्न की उपलब्धता सुनिश्चित करना सरकार की जनकल्याणकारी प्रतिबद्धता का महत्वपूर्ण हिस्सा है। रसोई में राशन और स्वच्छ ईंधन दोनों की उपलब्धता परिवारों को आर्थिक संबल प्रदान करती है।
8,753 अन्नपूर्णा भवन तैयार, 2,573 पर निर्माण जारी
सार्वजनिक वितरण प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए प्रदेश में अन्नपूर्णा भवनों का निर्माण भी कराया जा रहा है। मनोज कुमार पाण्डेय ने बताया कि प्रदेश में अब तक 8,753 अन्नपूर्णा भवन बनकर तैयार हो चुके हैं, जबकि 2,573 भवनों का निर्माण कार्य अभी जारी है।

उन्होंने कहा कि इन भवनों का उद्देश्य खाद्यान्न के सुरक्षित भंडारण और उसके व्यवस्थित वितरण को बढ़ावा देना है। इससे राशन वितरण से जुड़े बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी और सार्वजनिक वितरण प्रणाली अधिक प्रभावी बन सकेगी।
महिला स्वयं सहायता समूहों को उचित दर दुकानों में प्राथमिकता
महिला सशक्तीकरण पर जोर देते हुए मंत्री ने कहा कि सरकार महिलाओं को केवल सरकारी योजनाओं का लाभार्थी बनाने तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि उन्हें आजीविका और आर्थिक स्वावलम्बन के अवसर भी उपलब्ध करा रही है।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से महिला स्वयं सहायता समूहों को उचित दर दुकानों के आवंटन में प्रथम वरीयता दी जा रही है। इस पहल से सार्वजनिक वितरण प्रणाली में महिलाओं की भागीदारी बढ़ रही है और उन्हें अपने क्षेत्र में ही आय अर्जित करने के अवसर मिल रहे हैं।

अंतिम पायदान पर खड़े परिवार तक लाभ पहुंचाने का संकल्प
मनोज कुमार पाण्डेय ने कहा कि प्रदेश सरकार के लिए गरीब कल्याण कोई एक दिन या एक अवसर का कार्यक्रम नहीं, बल्कि निरंतर चलने वाली प्रतिबद्धता है। निःशुल्क खाद्यान्न, स्वच्छ रसोई ईंधन और आजीविका के अवसरों के माध्यम से जरूरतमंद परिवारों के जीवन में स्थायी सुधार लाने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने दोहराया कि सरकार का संकल्प है कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े पात्र व्यक्ति तक पहुंचे और विकास की प्रक्रिया में मातृशक्ति की भागीदारी लगातार मजबूत हो।
दीपावली पर उज्ज्वला लाभार्थियों के लिए 1,500 करोड़ रुपये की सब्सिडी व्यवस्था, 15 करोड़ लोगों तक मुफ्त खाद्यान्न और महिला स्वयं सहायता समूहों को रोजगार के अवसर देने की पहल सरकार की गरीब कल्याण और महिला सशक्तीकरण संबंधी नीतियों को सामने रखती है। अब इन योजनाओं की सफलता का महत्वपूर्ण पहलू यही होगा कि पात्र परिवारों तक निर्धारित समय में सुविधाओं का लाभ प्रभावी ढंग से पहुंचे।
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