छत्रपति शिवाजी महाराज के शौर्य, पराक्रम और राष्ट्रभक्ति की गाथा अब दिल्ली-एनसीआर में भव्य मंचन के जरिए जीवंत होगी। दिव्य प्रेम सेवा मिशन, हरिद्वार के तत्वावधान में गाजियाबाद के सनसिटी में 22 से 28 अक्टूबर तक ‘जाणता राजा’ महानाट्य प्रस्तुत किया जाएगा। इसमें करीब 250 कलाकार, हाथी-घोड़े, पारंपरिक हथियार और सिंहगढ़, प्रतापगढ़ व रायगढ़ किलों की प्रतिकृतियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी।
जब मंच पर छत्रपति शिवाजी महाराज के शौर्य की गाथा गूंजेगी, हाथी-घोड़ों के साथ ऐतिहासिक युद्धों के दृश्य जीवंत होंगे और विशाल किलों की प्रतिकृतियों के बीच ‘जय भवानी, जय शिवाजी’ का जयघोष सुनाई देगा, तो दर्शकों को इतिहास से रूबरू होने का अवसर मिलेगा। दिल्ली-एनसीआर के लोगों के लिए ऐसा ही भव्य अनुभव लेकर आ रहा है ऐतिहासिक महानाट्य ‘जाणता राजा’।
गाजियाबाद के सनसिटी में 22 से 28 अक्टूबर तक इस महानाट्य का सजीव मंचन किया जाएगा। दिव्य प्रेम सेवा मिशन, हरिद्वार के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में आयोजकों के अनुसार करीब 250 कलाकार हिस्सा लेंगे। प्रतिदिन शाम 4:30 बजे से चार घंटे तक चलने वाली प्रस्तुति में छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन की प्रमुख घटनाओं, उनके शौर्य, सैन्य रणनीति और राष्ट्रभक्ति को मंच पर प्रदर्शित किया जाएगा।
सिंहगढ़, प्रतापगढ़ और रायगढ़ के किलों की दिखेगी भव्य प्रतिकृति
‘जाणता राजा’ की प्रस्तुति को खास बनाने के लिए विशाल मंच सज्जा के साथ सिंहगढ़, प्रतापगढ़ और रायगढ़ किलों की प्रतिकृतियां तैयार की जाएंगी। आयोजकों के मुताबिक, हाथी, घोड़े, ऊंट और पारंपरिक हथियारों के इस्तेमाल से ऐतिहासिक घटनाओं को सजीव रूप देने का प्रयास किया जाएगा।
यह आयोजन केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं है। इसके जरिए शिवाजी महाराज के साहस, नेतृत्व क्षमता, सैन्य कौशल और राष्ट्र के प्रति समर्पण को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का उद्देश्य रखा गया है। आयोजकों का कहना है कि शिवाजी महाराज की गुरिल्ला युद्ध रणनीति और कठिन परिस्थितियों में निर्णय लेने की क्षमता आज भी प्रेरणा देती है।
युवाओं को शिवाजी महाराज के आदर्शों से जोड़ने की पहल
कार्यक्रम की जानकारी शुक्रवार को नोएडा के अदिरा बैंक्वेट हॉल में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिव्य प्रेम सेवा मिशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष गौतम भैया जी ने दी। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में युवाओं को छत्रपति शिवाजी महाराज के आदर्शों, माता जीजाबाई के संस्कारों और समर्थ गुरु रामदास की शिक्षाओं से जोड़ना बेहद जरूरी है।
डॉ. गौतम के अनुसार, ‘जाणता राजा’ के माध्यम से युवाओं में राष्ट्रप्रेम, साहस और सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि महानाट्य के उद्घाटन समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और जूना अखाड़े के प्रमुख आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि के शामिल होने की संभावना है।
हर दिन 15 हजार दर्शकों का लक्ष्य, सवा लाख लोगों के आने की उम्मीद
आयोजकों ने इस आयोजन को बड़े जनसमूह तक पहुंचाने की योजना बनाई है। उनके मुताबिक, प्रतिदिन लगभग 15 हजार दर्शकों तक कार्यक्रम पहुंचाने का लक्ष्य है। दिल्ली-एनसीआर के अलावा उत्तर प्रदेश, हरियाणा और उत्तराखंड से करीब सवा लाख लोगों के सात दिवसीय आयोजन में शामिल होने की उम्मीद जताई गई है।
युवाओं और विद्यार्थियों की भागीदारी बढ़ाने के लिए दिल्ली-एनसीआर के सरकारी और निजी विश्वविद्यालयों तथा कॉलेजों से संपर्क किया गया है। मिशन की टीमें मार्च 2026 से तैयारियों में जुटी हैं और अब तक 300 से अधिक बैठकें, गोष्ठियां और सम्मेलन आयोजित किए जा चुके हैं।
आयोजकों ने यह भी बताया कि कार्यक्रम से प्राप्त सहयोग का उपयोग दिव्य प्रेम सेवा मिशन, हरिद्वार के सेवा प्रकल्पों के लिए किया जाएगा। इस प्रकार आयोजन को ऐतिहासिक-सांस्कृतिक प्रस्तुति के साथ सेवा कार्यों से जोड़ने की भी योजना है।

शिव अवतरण मंडपम में रुद्राभिषेक, कई विशिष्ट अतिथियों के आने की जानकारी
महानाट्य के साथ आयोजन स्थल पर धार्मिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, शिव अवतरण मंडपम में नवरात्रि के प्रथम दिन से 28 अक्टूबर तक प्रतिदिन रुद्राभिषेक किया जा रहा है। आयोजन के विभिन्न दिनों में राजनीति, धर्म-अध्यात्म और उद्योग जगत से जुड़ी हस्तियों के शामिल होने की जानकारी भी साझा की गई है।
आयोजकों ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और योगगुरु स्वामी रामदेव सहित कई विशिष्ट अतिथियों के आगमन की भी जानकारी दी। हालांकि, इन अतिथियों की सहभागिता को लेकर दी गई जानकारी आयोजकों की ओर से साझा की गई है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में आयोजन समिति के पदाधिकारी रहे मौजूद
प्रेस कॉन्फ्रेंस की अध्यक्षता नोएडा मीडिया क्लब के अध्यक्ष आलोक द्विवेदी ने की। इस अवसर पर ‘जाणता राजा’ आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. राजेश गुप्ता, संयोजक विनय चौधरी, समिति के महामंत्री दीपक शर्मा और दिव्य प्रेम सेवा मिशन के सहसंयोजक राघवेंद्र सिंह सहित दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न मीडिया संस्थानों के पत्रकार मौजूद रहे।
अब 22 अक्टूबर से शुरू होने वाले इस सात दिवसीय आयोजन पर लोगों की निगाहें रहेंगी। भव्य मंच सज्जा, ऐतिहासिक किलों की प्रतिकृतियों और सैकड़ों कलाकारों की प्रस्तुति के जरिए आयोजकों की कोशिश है कि छत्रपति शिवाजी महाराज की वीरगाथा केवल इतिहास के पन्नों तक सीमित न रहे, बल्कि नई पीढ़ी तक भी पहुंचे।
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