शारदा विश्वविद्यालय परिसर में मंगलवार को भावुक और श्रद्धापूर्ण माहौल देखने को मिला। अवसर था विश्वविद्यालय परिवार की प्रेरणास्रोत स्वर्गीय श्रीमती शारदा देवी गुप्ता जी की सातवीं पुण्यतिथि का। इस मौके पर विश्वविद्यालय के फैकल्टी, स्टाफ और अन्य सदस्यों ने एकत्र होकर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में उनके जीवन, संस्कारों और शिक्षा के प्रति समर्पण को याद करते हुए उनके बताए मूल्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया।
पुण्यतिथि के अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर स्थित मंदिर में विशेष हवन और पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठान के बीच माँ शारदा देवी तथा आनंद स्वरूप गुप्ता जी की प्रतिमाओं का अनावरण एवं स्थापना भी की गई। प्रतिमा स्थापना के दौरान वातावरण भावनाओं से भर गया और विश्वविद्यालय परिवार के सदस्यों ने श्रद्धा के साथ दोनों को नमन किया।
भजन-कीर्तन से भक्तिमय हुआ विश्वविद्यालय परिसर
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में आध्यात्मिक रंग उस समय और गहरा हो गया, जब इस्कॉन मंदिर, नोएडा से आए भक्तों ने विश्वविद्यालय परिसर में भजन और कीर्तन प्रस्तुत किया। भक्ति गीतों और कीर्तन के बीच विश्वविद्यालय परिवार के सदस्यों ने भी सहभागिता की।
भजन-कीर्तन के माध्यम से स्वर्गीय श्रीमती शारदा देवी गुप्ता जी की स्मृति को नमन किया गया और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। पूरे कार्यक्रम के दौरान परिसर में श्रद्धा, भक्ति और भावुकता का वातावरण बना रहा। लोगों ने उनके जीवन से जुड़े संस्कारों और शिक्षा एवं सेवा के प्रति उनके समर्पण को याद किया।
पी.के. गुप्ता बोले- माताजी का जीवन हमेशा प्रेरणा का स्रोत रहा
कार्यक्रम के दौरान शारदा विश्वविद्यालय के चांसलर श्री पी.के. गुप्ता ने अपनी माताजी स्वर्गीय श्रीमती शारदा देवी गुप्ता जी को याद करते हुए कहा कि उनका जीवन परिवार के लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत रहा है।
उन्होंने कहा कि उनकी माताजी ने परिवार को सादगी, सेवा और दूसरों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की सीख दी। उनके संस्कारों ने उनके जीवन और कार्यों को हमेशा दिशा दी है। उन्होंने कहा कि पुण्यतिथि के अवसर पर उन्हें याद करते हुए परिवार और विश्वविद्यालय का प्रयास यही है कि उनके विचारों और मूल्यों को आगे बढ़ाया जाए।
पी.के. गुप्ता के अनुसार, उनकी माताजी के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि केवल उन्हें याद करना नहीं, बल्कि उनके बताए रास्ते पर चलते हुए शिक्षा और सेवा के माध्यम से समाज के लिए अपना योगदान जारी रखना है।
शारदा विश्वविद्यालय के प्रो चांसलर श्री वाई.के. गुप्ता ने भी अपनी माताजी की स्मृतियों को साझा किया। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को जीवन में हमेशा अच्छा करने की कोशिश करनी चाहिए और सकारात्मक विचारों के साथ आगे बढ़ना चाहिए, क्योंकि सकारात्मक सोच जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती है।
उन्होंने अपनी माताजी को याद करते हुए कहा कि उन्होंने उन्हें हमेशा आगे बढ़ने और समाज के लिए कुछ अच्छा करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि जीवन में किसी व्यक्ति की सफलता के पीछे परिवार और विशेष रूप से मां की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है।
वाई.के. गुप्ता ने कहा कि अपनी माताजी से मिली सकारात्मक ऊर्जा को वे दुनिया के कोने-कोने तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने शिक्षा के विस्तार को भी उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि बताया और कहा कि शिक्षा को आगे बढ़ाना तथा उसे अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना उनके मूल्यों को आगे ले जाने का महत्वपूर्ण माध्यम है।

विश्वविद्यालय परिवार के कई प्रमुख सदस्य रहे मौजूद
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शारदा विश्वविद्यालय के मेनेजिंग डायरेक्टर रिषभ गुप्ता, शारदा हॉस्पिटल एवं शारदा केयर हेल्थसिटी के वरिष्ठ चिकित्सक, विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर डॉ. सिबाराम खारा, शारदा यूनिवर्सिटी आगरा के वाइस चांसलर डॉ. परमानंद, रजिस्ट्रार डॉ. विवेक गुप्ता, छात्र कल्याण विभाग के डीन डॉ. प्रमोद कुमार, एडवाइजर डॉ. आर.पी. सिंह, डॉ. आर.सी. सिंह, डॉ. भुवनेश कुमार और डायरेक्टर पीआर डॉ. अजीत कुमार समेत विभिन्न विभागों के डीन और एचओडी मौजूद रहे।
इसके अलावा कार्यक्रम में डॉक्टर्स, फैकल्टी मेंबर्स, विश्वविद्यालय का स्टाफ और छात्र-छात्राएं भी शामिल हुए। सभी ने स्वर्गीय श्रीमती शारदा देवी गुप्ता जी की स्मृति को नमन किया।
स्मृति से संकल्प तक पहुंचा कार्यक्रम
शारदा विश्वविद्यालय में आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक पुण्यतिथि समारोह तक सीमित नहीं रहा। हवन-पूजन, प्रतिमा स्थापना और भजन-कीर्तन के साथ स्वर्गीय शारदा देवी गुप्ता जी के जीवन मूल्यों को याद किया गया। वहीं विश्वविद्यालय के शीर्ष पदाधिकारियों ने शिक्षा, सेवा, सकारात्मक सोच और समाज के प्रति जिम्मेदारी को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।
कार्यक्रम का संदेश साफ था—किसी व्यक्ति की स्मृति को जीवित रखने का सबसे बेहतर रास्ता उसके विचारों और संस्कारों को अपने जीवन और समाज में आगे बढ़ाना है। इसी भावना के साथ विश्वविद्यालय परिवार ने स्वर्गीय श्रीमती शारदा देवी गुप्ता जी को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके दिखाए मार्ग पर आगे बढ़ने का संकल्प लिया।
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