नोएडा के थाना सेक्टर-58 पुलिस ने मोबाइल स्नैचिंग करने वाले दो शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से चोरी की मोटरसाइकिल, स्नैचिंग के 21 मोबाइल फोन और दो अवैध चाकू बरामद हुए हैं। दोनों आरोपी नोएडा, दिल्ली और गाजियाबाद में मोबाइल छीनकर दिल्ली में बेच देते थे। आरोपियों पर पहले से कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
नोएडा और एनसीआर क्षेत्र में लगातार बढ़ रही मोबाइल स्नैचिंग की घटनाओं के बीच थाना सेक्टर-58 पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और सटीक पुलिसिंग के जरिए पुलिस ने दो ऐसे शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जो लंबे समय से नोएडा, गाजियाबाद, दिल्ली और आसपास के इलाकों में मोबाइल फोन छीनने की वारदातों को अंजाम दे रहे थे। गिरफ्तारी के बाद जो खुलासे हुए हैं, उन्होंने पुलिस को भी चौंका दिया।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से स्नैचिंग किए गए 21 मोबाइल फोन, घटना में प्रयुक्त चोरी की एक मोटरसाइकिल और दो अवैध चाकू बरामद किए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी नशे के आदी हैं और अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए मोबाइल स्नैचिंग की घटनाओं को अंजाम देते थे।
इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस से मिली सफलता
थाना सेक्टर-58 पुलिस ने 10 जून 2026 को इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की सहायता से कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को सेक्टर-55 स्थित प्लॉट क्षेत्र के पास से गिरफ्तार किया। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान लोकेश पुत्र दयाराम और प्रदीप उर्फ भिर्री पुत्र राधेश्याम के रूप में हुई है।

पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी बेहद शातिर किस्म के अपराधी हैं और काफी समय से मोबाइल स्नैचिंग की घटनाओं में सक्रिय थे। गिरफ्तारी के दौरान उनके पास से एक चोरी की स्प्लेंडर मोटरसाइकिल (यूपी51डब्ल्यू-2904), 21 मोबाइल फोन और दो अवैध चाकू बरामद किए गए।
दिल्ली में बेच देते थे छीने गए मोबाइल
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने खुलासा किया कि वे नोएडा, दिल्ली, गाजियाबाद और एनसीआर के अन्य क्षेत्रों में राह चलते लोगों से मोबाइल फोन छीनते थे। वारदात को अंजाम देने के बाद चोरी या स्नैचिंग किए गए मोबाइल फोन दिल्ली ले जाकर बेच दिए जाते थे।
पुलिस के अनुसार बरामद मोबाइल फोन विभिन्न कंपनियों के हैं और इन्हें अलग-अलग स्थानों से छीना गया था। अब पुलिस इन मोबाइलों के वास्तविक मालिकों की पहचान करने और उन्हें वापस दिलाने की प्रक्रिया में जुटी हुई है।
चोरी की बाइक से देते थे वारदात को अंजाम
गिरफ्तार आरोपियों के पास से बरामद मोटरसाइकिल भी चोरी की निकली। जांच में सामने आया कि स्प्लेंडर मोटरसाइकिल को गाजियाबाद जनपद के थाना खोड़ा क्षेत्र से चोरी किया गया था।
इस संबंध में थाना खोड़ा में वर्ष 2020 में मुकदमा संख्या 616/2020 धारा 379 आईपीसी के तहत मामला दर्ज किया गया था। आरोपी इसी चोरी की बाइक का इस्तेमाल मोबाइल स्नैचिंग की घटनाओं में करते थे, जिससे पुलिस की निगाहों से बच सकें।

पुराने मामलों का भी हुआ खुलासा
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कई पुरानी घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।
पुलिस के अनुसार 20 मार्च 2026 को सेक्टर-59 मेट्रो स्टेशन के पास एक मोबाइल फोन छीना गया था। इस मामले में थाना सेक्टर-58 में मुकदमा संख्या 177/2026 दर्ज है। आरोपियों ने कबूल किया कि उन्होंने वह मोबाइल छीनकर दिल्ली में बेच दिया था।
इसके अलावा 11 मई 2026 को सेक्टर-12/22 चौड़ा मोड़ क्षेत्र से एक आईफोन-16 छीना गया था। इस मामले में थाना सेक्टर-24 में मुकदमा संख्या 254/2026 दर्ज किया गया था। पूछताछ में आरोपियों ने इस वारदात को भी अंजाम देने की बात स्वीकार की है। पुलिस के अनुसार आईफोन को भी दिल्ली में बेच दिया गया था।
कौन हैं गिरफ्तार आरोपी?
पहला आरोपी लोकेश पुत्र दयाराम है, जिसकी उम्र लगभग 22 वर्ष है। वर्तमान में वह शांतिकुंज कॉलोनी, थाना बिसरख क्षेत्र में रहता है जबकि उसका मूल निवास बदायूं जिले के गुन्नौर थाना क्षेत्र के मडकावली गांव में है।
दूसरा आरोपी प्रदीप उर्फ भिर्री पुत्र राधेश्याम है, जिसकी उम्र करीब 21 वर्ष है। वह भी शांतिकुंज कॉलोनी, बिसरख में रह रहा था जबकि उसका मूल निवास कासगंज जिले के मिरैची थाना क्षेत्र में है।
अपराध की दुनिया में पुराना रिकॉर्ड
जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपियों का आपराधिक इतिहास काफी लंबा है। लोकेश के खिलाफ चोरी, स्नैचिंग, आर्म्स एक्ट और अन्य अपराधों से जुड़े कई मुकदमे दर्ज हैं।

वहीं प्रदीप उर्फ भिर्री का रिकॉर्ड और भी लंबा है। उसके खिलाफ चोरी, लूट, अवैध हथियार रखने, चोरी का सामान रखने और स्नैचिंग जैसी घटनाओं से जुड़े एक दर्जन के करीब मुकदमे दर्ज हैं। फेस-3, सेक्टर-58, बिसरख और गाजियाबाद के विभिन्न थानों में उसके खिलाफ मामले दर्ज हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों आरोपी लंबे समय से अपराध की दुनिया में सक्रिय थे और लगातार वारदातों को अंजाम देकर लोगों में दहशत का माहौल बना रहे थे।
पुलिस की कार्रवाई से मिलेगी राहत
मोबाइल स्नैचिंग की बढ़ती घटनाओं के कारण नोएडा और एनसीआर क्षेत्र के लोग काफी परेशान थे। विशेष रूप से मेट्रो स्टेशनों, व्यस्त सड़कों और बाजारों के आसपास ऐसी घटनाएं बढ़ रही थीं।
पुलिस का मानना है कि इन दोनों शातिर अपराधियों की गिरफ्तारी से क्षेत्र में मोबाइल स्नैचिंग की घटनाओं पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। साथ ही इनके नेटवर्क और चोरी के मोबाइल खरीदने वाले लोगों के बारे में भी जांच की जा रही है।
पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपियों ने अब तक कितनी वारदातों को अंजाम दिया है और उनके साथ इस गिरोह में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं।
फिलहाल थाना सेक्टर-58 पुलिस की इस कार्रवाई को कमिश्नरेट गौतमबुद्ध नगर पुलिस की एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और त्वरित कार्रवाई के जरिए पुलिस ने न केवल दो शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है, बल्कि दर्जनों लोगों के चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद कर उन्हें न्याय दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम भी उठाया है।
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