नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर के उद्घाटन से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तैयारियों का गहन निरीक्षण किया और अधिकारियों को कार्यक्रम को विश्वस्तरीय बनाने के निर्देश दिए।
उत्तर प्रदेश के बहुप्रतीक्षित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर के ऐतिहासिक क्षण से पहले तैयारियों ने रफ्तार पकड़ ली है। आगामी 28 मार्च 2026 को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा एयरपोर्ट, कार्गो टर्मिनल का लोकार्पण और एमआरओ (रखरखाव, मरम्मत और संचालन) का शिलान्यास प्रस्तावित है। इस भव्य कार्यक्रम को सफल और विश्वस्तरीय बनाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं मोर्चा संभाल लिया है।
इसी क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचकर कार्यक्रम की तैयारियों का गहन स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हर पहलू की बारीकी से समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के प्रस्तावित भ्रमण मार्ग और निरीक्षण स्थलों का जायजा लिया। उन्होंने पैसेंजर टर्मिनल, कार्गो टर्मिनल, रैली स्थल, पार्किंग व्यवस्था, विभिन्न संपर्क मार्गों और हेलीपैड सहित सभी प्रमुख स्थानों पर जाकर तैयारियों की स्थिति को परखा। अधिकारियों से हर छोटी-बड़ी व्यवस्था की जानकारी लेते हुए उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्तर पर कोई कमी नहीं रहनी चाहिए।
स्थलीय निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री ने एयरपोर्ट परिसर स्थित सभागार में समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में एयरपोर्ट और कार्गो टर्मिनल के लोकार्पण, एमआरओ शिलान्यास और पूरे कार्यक्रम के संचालन, सुरक्षा व्यवस्था और लॉजिस्टिक्स प्लान पर विस्तार से चर्चा की गई।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि वे आपसी समन्वय के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें और हर कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरा करें। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, विशिष्ट अतिथियों, मीडिया और आम जनता की उपस्थिति को देखते हुए व्यवस्थाएं अत्यंत सुव्यवस्थित और प्रभावी होनी चाहिए।
कार्यक्रम को भव्य और वैश्विक स्तर का स्वरूप देने के लिए मुख्यमंत्री ने व्यापक ब्रांडिंग और प्रचार-प्रसार के निर्देश भी दिए, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक इस ऐतिहासिक आयोजन की जानकारी पहुंच सके।
उन्होंने विशेष रूप से निर्देश दिए कि कार्यक्रम स्थल से जुड़े सभी मार्गों को सुगम बनाया जाए और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए। साथ ही निर्बाध विद्युत आपूर्ति, पेयजल, शौचालय, सुरक्षा व्यवस्था, ट्रैफिक मैनेजमेंट, परिवहन सुविधा, अग्नि सुरक्षा, चिकित्सा सेवाएं और साइनेज जैसी सभी मूलभूत सुविधाओं को समय से पहले सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि विभिन्न जनपदों से आने वाले लोगों की सुविधा के लिए पार्किंग स्थलों पर मोबाइल शौचालय, हेल्प डेस्क, पेयजल और चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि कार्यक्रम स्थल पर बनाए गए सभी ब्लॉकों में प्रशासन और पुलिस के महिला एवं पुरुष कर्मियों के साथ पर्याप्त संख्या में वालंटियर्स की तैनाती की जाए, ताकि किसी भी आगंतुक को असुविधा न हो।

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी मुख्यमंत्री ने विशेष सख्ती बरतने के निर्देश दिए। प्रशासन और पुलिस द्वारा पावर प्रेजेंटेशन के माध्यम से सुरक्षा, पार्किंग, ट्रैफिक और वैकल्पिक मार्गों की रूपरेखा प्रस्तुत की गई, जिस पर चर्चा करते हुए यह सुनिश्चित किया गया कि कार्यक्रम की सुरक्षा चार स्तरीय होगी।
इस महत्वपूर्ण अवसर पर जनपद के प्रभारी मंत्री बृजेश सिंह, भाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष सतेन्द्र सिसोदिया, जिलाध्यक्ष अभिषेक शर्मा, महानगर अध्यक्ष महेश चौहान, सांसद डॉ. महेश शर्मा, विधायक जेवर धीरेन्द्र सिंह, विधायक दादरी तेजपाल नागर, विधान परिषद सदस्य श्रीचंद शर्मा और नरेंद्र भाटी सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
इसके अलावा अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव अमित सिंह, मेरठ मंडल के मंडलायुक्त भानु चंद्र गोस्वामी, यमुना प्राधिकरण के सीईओ राकेश कुमार सिंह, पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह, जिलाधिकारी मेधा रूपम, विशेष सचिव ईशान प्रताप सिंह, नोडल अधिकारी शैलेन्द्र भाटिया और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में मौजूद रहे।
यह पूरा घटनाक्रम इस बात का संकेत है कि उत्तर प्रदेश सरकार इस कार्यक्रम को सिर्फ एक उद्घाटन नहीं, बल्कि एक वैश्विक स्तर के आयोजन के रूप में स्थापित करने की तैयारी में है।
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