गाजियाबाद प्रशासन ने मादक पदार्थों की बिक्री और तस्करी के खिलाफ अभियान तेज करने का फैसला लिया है। एडीएम सिटी विकास कश्यप ने नारको को-ऑर्डिनेशन सेंटर की बैठक में स्कूलों के आसपास शराब, तंबाकू और अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री पर सख्त कार्रवाई, ड्रग माफियाओं के खिलाफ संयुक्त अभियान, सीमा क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने और नशा मुक्ति जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए।
जनपद में मादक पदार्थों की बिक्री, अवैध कारोबार और ड्रग तस्करी पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने व्यापक रणनीति तैयार की है। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार माँदड़ के निर्देशन में कलेक्ट्रेट स्थित एडीएम सिटी कार्यालय में नारको को-ऑर्डिनेशन सेंटर (NCORD) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी (नगर) विकास कश्यप ने की।
बैठक में प्रशासन, पुलिस और विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ नशे के खिलाफ समन्वित कार्रवाई, छात्रों की सुरक्षा और जागरूकता कार्यक्रमों को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
स्कूलों के आसपास नशे की बिक्री पर रहेगा सख्त प्रतिबंध
बैठक में एडीएम सिटी विकास कश्यप ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनपद के सभी विद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों के आसपास किसी भी प्रकार की शराब, तंबाकू, गुटखा, सिगरेट या अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री नियमों के अनुसार पूरी तरह प्रतिबंधित रहे।
उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि नियमित निरीक्षण कर यह सुनिश्चित किया जाए कि विद्यालयों के निर्धारित दायरे में कोई भी प्रतिबंधित दुकान संचालित न हो।
उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों के आसपास नशे से जुड़े उत्पादों की बिक्री केवल नियमों का उल्लंघन नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थियों के भविष्य और उनके स्वास्थ्य पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

उल्लंघन पर होगी कठोर कानूनी कार्रवाई
एडीएम सिटी ने कहा कि यदि निरीक्षण के दौरान किसी भी विद्यालय के आसपास शराब, तंबाकू या अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री होती हुई पाई जाती है, तो संबंधित व्यक्ति या प्रतिष्ठान के विरुद्ध तत्काल कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने सभी विभागों से कहा कि इस अभियान को केवल औपचारिकता न समझा जाए, बल्कि इसे छात्रों के सुरक्षित भविष्य से जुड़े महत्वपूर्ण अभियान के रूप में संचालित किया जाए।
श्रावण मास में ड्रग तस्करी पर विशेष निगरानी
बैठक के दौरान एडीएम सिटी ने कहा कि श्रावण मास के दौरान जनपद में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और कांवड़ यात्रियों की आवाजाही रहती है। ऐसे समय में मादक पदार्थों की अवैध खरीद-फरोख्त और ड्रग ट्रैफिकिंग की आशंका को देखते हुए अभियान को और तेज करने की आवश्यकता है।
उन्होंने पुलिस और संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिए कि पूरे जनपद में सतर्कता बढ़ाई जाए तथा खुफिया तंत्र (इंटेलिजेंस) को और मजबूत बनाया जाए।
अंतरराज्यीय सीमाओं पर बढ़ेगी निगरानी
बैठक में सीमा प्रबंधन को भी विशेष प्राथमिकता दी गई।
एडीएम सिटी ने कहा कि गाजियाबाद की अंतरराज्यीय सीमाएं ड्रग तस्करी रोकने की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण हैं। इसलिए सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी और जांच को और प्रभावी बनाया जाए।
उन्होंने कहा कि सीमा प्रबंधन को एक विशेष अभियान के रूप में चलाया जाए ताकि बाहरी राज्यों से होने वाली अवैध मादक पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।

ड्रग माफियाओं के खिलाफ संयुक्त कार्रवाई के निर्देश
बैठक में सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया कि वे आपसी समन्वय के साथ ड्रग माफियाओं और अवैध नशे के कारोबार में शामिल लोगों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करें।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि किसी भी विभाग के स्तर पर समन्वय की कमी अभियान को प्रभावित नहीं करनी चाहिए और सभी एजेंसियां मिलकर कार्रवाई करें।
अस्पतालों और सार्वजनिक स्थानों पर चलेगा जागरूकता अभियान
एडीएम सिटी ने कहा कि केवल कार्रवाई ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि लोगों को जागरूक करना भी उतना ही आवश्यक है।
उन्होंने स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग और अन्य संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि अस्पतालों, विद्यालयों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर नशा मुक्ति से जुड़े जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।
स्कूलों में होंगी नशा मुक्ति प्रतियोगिताएं
बैठक में शिक्षा विभाग को निर्देश दिया गया कि विद्यालयों में विद्यार्थियों के बीच नशे के दुष्प्रभावों को लेकर विभिन्न गतिविधियों का आयोजन कराया जाए।
इसके तहत—
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वाद-विवाद प्रतियोगिता
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चित्रकला प्रतियोगिता
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स्लोगन लेखन
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निबंध प्रतियोगिता
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अन्य रचनात्मक गतिविधियां
आयोजित कर छात्रों को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

कोडीन आधारित दवाओं की अवैध बिक्री पर भी रहेगा फोकस
बैठक में एडीएम सिटी ने विशेष रूप से कोडीन युक्त दवाओं की अवैध खरीद-फरोख्त पर भी चिंता व्यक्त की।
उन्होंने ड्रग इंस्पेक्टर और संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि ऐसी दवाओं की बिक्री पर प्रभावी निगरानी रखी जाए और किसी भी प्रकार की अनियमितता मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाए।
सभी विभागों से मांगी गई कार्रवाई रिपोर्ट
एडीएम सिटी विकास कश्यप ने बैठक में मौजूद सभी विभागों को निर्देश दिया कि वे शासन के निर्देशों के अनुपालन में की जा रही अपनी कार्रवाई की नियमित रिपोर्ट समिति को उपलब्ध कराएं ताकि अभियान की समीक्षा समय-समय पर की जा सके।
बैठक में ये विभाग रहे शामिल
बैठक में—
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स्वास्थ्य विभाग
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पुलिस विभाग
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नारकोटिक्स सेल
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खाद्य विभाग
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ड्रग इंस्पेक्टर
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जिला प्रोबेशन अधिकारी (DPO)
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समाज कल्याण विभाग
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शिक्षा विभाग
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वन विभाग
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यातायात विभाग
सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और प्रतिनिधि मौजूद रहे।
प्रशासन का संदेश
जिला प्रशासन का कहना है कि नशे के खिलाफ यह अभियान केवल कानून लागू करने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे जनजागरूकता, शिक्षा, विभागीय समन्वय और सतत निगरानी के माध्यम से व्यापक जनआंदोलन का रूप दिया जाएगा, ताकि विशेष रूप से युवाओं और विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों से सुरक्षित रखा जा सके।
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