ग्रेटर नोएडा में आयोजित ‘इलेक्ट्रॉनिका एंड प्रोडक्ट्रानिका इंडिया-2026’ के उद्घाटन समारोह में केंद्र और राज्य के नेताओं ने उत्तर प्रदेश को देश के छठे सबसे बड़े आईटी इकोसिस्टम के रूप में स्थापित बताते हुए कई नई योजनाओं और निवेश अवसरों की घोषणा की।
ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो मार्ट में बुधवार को तीन दिवसीय ‘इलेक्ट्रॉनिका एंड प्रोडक्ट्रानिका इंडिया-2026’ का भव्य उद्घाटन हुआ। इस महत्वपूर्ण आयोजन का उद्घाटन केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद, उत्तर प्रदेश सरकार के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना और औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी ने संयुक्त रूप से किया।
उद्घाटन के बाद सभी अतिथियों ने प्रदर्शनी में लगे विभिन्न तकनीकी स्टॉल्स का अवलोकन किया, जहां इलेक्ट्रॉनिक्स और मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी नवीनतम तकनीकों का प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) का आदान-प्रदान भी हुआ, जो इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर स्किल्स काउंसिल ऑफ इंडिया और गवर्नमेंट ऑफ उत्तर प्रदेश के बीच संपन्न हुआ। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य राज्य में इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में कौशल विकास, प्रशिक्षण और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देना है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी ने कहा कि 21वीं सदी पूरी तरह डिजिटल युग की सदी है, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स जीवन के हर क्षेत्र का अभिन्न हिस्सा बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत अब इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी सेक्टर में केवल अनुसरण करने वाला देश नहीं रहा, बल्कि वैश्विक स्तर पर नेतृत्व करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश देश का छठा सबसे बड़ा आईटी इकोसिस्टम बन चुका है। राज्य ने सेमीकंडक्टर और मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है, जिसके चलते पिछले 9 वर्षों में निर्यात दोगुना हो गया है।
राज्य में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए विभिन्न जिलों में STPI पार्क संचालित किए जा रहे हैं। वर्तमान में नोएडा, मेरठ, लखनऊ, कानपुर, आगरा और प्रयागराज में ये पार्क सक्रिय हैं। इसके अलावा वाराणसी, बरेली, पनकी (कानपुर) और गोरखपुर में चार नए STPI-IT पार्क विकसित किए जा रहे हैं, जिनका कार्य तेजी से प्रगति पर है
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मंत्री नन्दी ने यह भी बताया कि राज्य सरकार तकनीकी नवाचार और डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वाकांक्षी योजनाएं चला रही है। इनमें सबसे प्रमुख ‘AI प्रज्ञा योजना’ है, जिसके तहत 10 लाख युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, डेटा एनालिटिक्स और साइबर सुरक्षा जैसे आधुनिक विषयों में उन्नत प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इसके साथ ही लखनऊ में भारत की पहली AI सिटी स्थापित करने की योजना भी तेजी से आगे बढ़ रही है। यह पहल उत्तर प्रदेश को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और उभरती तकनीकों के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश के आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री सुनील कुमार शर्मा, राज्य मंत्री अजीत सिंह पाल सहित कई प्रमुख हस्तियां उपस्थित रहीं। उद्योग जगत से भूपिंदर सिंह, डॉ. राइनहार्ड पफीकर, रिचर्ड पुथोटा और पंकज मोहिंद्रू ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
इस समिट को तकनीकी विकास के माध्यम से समाज और अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के संकल्प के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के आयोजनों से निवेश को बढ़ावा मिलेगा, रोजगार के अवसर सृजित होंगे और भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण क्षेत्र वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनेगा।

समग्र रूप से देखा जाए तो ‘इलेक्ट्रॉनिका एंड प्रोडक्ट्रानिका इंडिया-2026’ न केवल एक तकनीकी प्रदर्शनी है, बल्कि यह भारत और विशेष रूप से उत्तर प्रदेश के डिजिटल भविष्य की दिशा तय करने वाला एक महत्वपूर्ण मंच बनकर उभरा है।
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