गौतमबुद्धनगर में विकसित उत्तर प्रदेश समर्थ उत्तर प्रदेश @2047 अभियान के तहत चयनित तीन प्रमुख सुझावों—सांस्कृतिक पर्यटन, आईटी एवं उभरती तकनीक, तथा इंफ्रास्ट्रक्चर विकास—पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक हुई। बैठक में “Serve and See India” नामक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म विकसित करने के निर्देश दिए गए, जिससे जिम्मेदार पर्यटन और सामाजिक सहभागिता को बढ़ावा मिलेगा।
विकसित उत्तर प्रदेश समर्थ उत्तर प्रदेश @2047 अभियान के अंतर्गत जनपद गौतम बुद्ध नगर में चयनित तीन सर्वश्रेष्ठ सुझावों के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट कार्यालय कक्ष में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया और जनपद के दीर्घकालिक विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनपद के लिए चयनित तीन प्रमुख सेक्टर—(1) सांस्कृतिक पर्यटन एवं सेवा आदान-प्रदान कार्यक्रम, (2) सूचना प्रौद्योगिकी एवं इमर्जिंग टेक्नोलॉजी (आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, साइंस एंड टेक्नोलॉजी), तथा (3) इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट (जिसमें ट्रांसपोर्ट, सिविल एविएशन, पब्लिक वर्क्स एवं ऊर्जा क्षेत्र शामिल हैं)—जनपद के समग्र और संतुलित विकास की मजबूत आधारशिला बन सकते हैं।
उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में अपार संभावनाएं हैं, जिन्हें योजनाबद्ध और समयबद्ध तरीके से लागू कर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति दी जा सकती है और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित किए जा सकते हैं।
सांस्कृतिक पर्यटन और सेवा आदान-प्रदान पर अभिनव पहल का प्रस्ताव
बैठक में जिलाधिकारी ने सांस्कृतिक पर्यटन एवं सेवा आदान-प्रदान कार्यक्रम को एक नए और अभिनव मॉडल के रूप में विकसित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि एक ऐसी कार्ययोजना तैयार की जाए, जिसके माध्यम से देशी और विदेशी पर्यटक न केवल पर्यटन का आनंद लें, बल्कि सामाजिक सेवा गतिविधियों में भी सक्रिय भागीदारी करें।

इस प्रस्तावित मॉडल के तहत पर्यटक अपने भ्रमण के दौरान एक दिन समाज सेवा कार्यों में भाग ले सकेंगे, जैसे—
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गांव के बच्चों को पढ़ाना
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अनाथ आश्रम और वृद्धाश्रम में सहयोग करना
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ऐतिहासिक स्थलों की सफाई
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स्थानीय कारीगरों की सहायता
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वृक्षारोपण अभियान में भाग लेना
जिलाधिकारी ने कहा कि यह पहल जिम्मेदार पर्यटन को बढ़ावा देगी और स्थानीय समुदायों को आर्थिक और सामाजिक दोनों रूपों में लाभ पहुंचाएगी। इससे भारत की सांस्कृतिक विरासत, सेवा भावना और “अतिथि देवो भव:” की परंपरा को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिलेगी।
“Serve and See India” ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बनाने के निर्देश
इस पहल को डिजिटल रूप देने के लिए जिलाधिकारी ने “Serve and See India” नामक एक ऑनलाइन मंच विकसित करने के निर्देश दिए। इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से पर्यटक अपने यात्रा क्षेत्र में उपलब्ध सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का चयन कर सकेंगे।
इस प्रणाली में स्थानीय गैर सरकारी संगठनों (NGOs) और सांस्कृतिक संस्थानों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी, जो पर्यटकों को मार्गदर्शन प्रदान करेंगे और उन्हें स्थानीय गतिविधियों से जोड़ेंगे।

आईटी और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर भी विस्तृत चर्चा
बैठक में आईटी एवं उभरती तकनीक क्षेत्र पर भी विशेष ध्यान दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिक्स और साइंस एंड टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में गौतमबुद्धनगर को एक अग्रणी केंद्र के रूप में विकसित करने की क्षमता है।
इसके साथ ही इंफ्रास्ट्रक्चर विकास, जिसमें परिवहन, सिविल एविएशन, सार्वजनिक निर्माण कार्य और ऊर्जा क्षेत्र शामिल हैं, को भी मजबूत करने पर बल दिया गया। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में आधुनिक तकनीक और योजनाबद्ध निवेश से जनपद का समग्र विकास सुनिश्चित किया जा सकता है।
जिलाधिकारी के सख्त निर्देश और कार्ययोजना पर जोर
जिलाधिकारी ने बैठक में मौजूद सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक चयनित सुझाव के लिए विस्तृत और परिणामोन्मुख कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि सभी योजनाओं को समयबद्ध तरीके से लागू करना अनिवार्य है ताकि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की देरी न हो।
बैठक में उपस्थित अधिकारी
इस महत्वपूर्ण बैठक में अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) प्रियंका, अपर जिलाधिकारी (भू-अर्जन) बच्चू सिंह, जिला विकास अधिकारी शिव प्रताप परमेश, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल पवार, जिला पर्यटन अधिकारी सुरेश रावत, ओएसडी ग्रेटर नोएडा एन.के. सिंह सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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