Friday, April 10, 2026

गाजियाबाद में 2200 करोड़ का ऐसा मेगा प्रोजेक्ट जिसने बदल दी पूरी तस्वीर, लेकिन असली गेम अभी बाकी है!

इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम, एरोसिटी और किसान रजिस्ट्री अभियान—उत्तर प्रदेश में विकास और प्रशासनिक बदलाव की नई बड़ी कहानी

New Delhi , Latest Updated On - Apr 10 2026 | 16:52:00 PM
विज्ञापन

गाजियाबाद में 2200 करोड़ रुपये की लागत से इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम और एरोसिटी परियोजना का ऐलान हुआ है, जो शहर को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। साथ ही किसान रजिस्ट्री को लेकर सरकार का मिशन मोड अभियान और लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संबोधन भी चर्चा में रहा।

विज्ञापन

उत्तर प्रदेश में विकास, खेल और प्रशासनिक सुधारों की दिशा में एक साथ कई बड़े फैसले और घोषणाएं सामने आई हैं, जिनमें गाजियाबाद का 2200 करोड़ रुपये का मेगा इंटीग्रेटेड अर्बन हब, लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संबोधन और किसान रजिस्ट्री को लेकर सरकार का मिशन मोड अभियान प्रमुख रूप से शामिल हैं। ये तीनों घटनाएं राज्य की बदलती विकास रणनीति और प्रशासनिक सक्रियता की झलक पेश करती हैं।

लखनऊ में सीएम योगी का संबोधन और मेडिकल क्षेत्र पर जोर

10 अप्रैल 2026 को लखनऊ स्थित अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विश्वविद्यालय, चक गंजरिया रोड, गोल्फ सिटी में कार्डियोलॉजी सोसायटी ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित नेशनल इंटरवेंशनल काउंसिल 2026 के उद्घाटन समारोह को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने राज्य में चिकित्सा सेवाओं, शोध और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया। कार्यक्रम में देशभर से आए कार्डियोलॉजी विशेषज्ञों की उपस्थिति ने इसे और भी महत्वपूर्ण बना दिया।

गाजियाबाद बनेगा 2200 करोड़ का इंटीग्रेटेड अर्बन हब

उत्तर प्रदेश का प्रवेश द्वार कहे जाने वाले गाजियाबाद में एक ऐतिहासिक बदलाव की नींव रखी जा रही है। राजनगर एक्सटेंशन (मोर्टी क्षेत्र) में प्रस्तावित इस परियोजना के तहत लगभग 2200 करोड़ रुपये की लागत से एक इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम और एरोसिटी टाउनशिप विकसित की जाएगी।


गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) के अनुसार, इस पूरे प्रोजेक्ट को 417 एकड़ भूमि पर विकसित किया जाएगा। इसमें 37 एकड़ में लगभग 400 करोड़ रुपये की लागत से अंतरराष्ट्रीय मानकों वाला क्रिकेट स्टेडियम बनेगा, जबकि 380 एकड़ क्षेत्र में करीब 1800 करोड़ रुपये की लागत से एरोसिटी विकसित की जाएगी।

इस योजना के तहत एक आधुनिक शहरी मॉडल तैयार किया जाएगा, जिसमें खेल, व्यापार, पर्यटन और आवासीय सुविधाओं का समन्वय होगा। स्टेडियम में 30,000 से अधिक दर्शकों की क्षमता, आधुनिक मीडिया सेंटर, हाईटेक लाइटिंग सिस्टम और अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं होंगी।

एरोसिटी बनेगी निवेश और रोजगार का बड़ा केंद्र

स्टेडियम के चारों ओर विकसित होने वाली एरोसिटी इस परियोजना की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता होगी। इसमें बड़े होटल, लक्जरी रिसॉर्ट्स, शॉपिंग मॉल, रिटेल जोन, हाईटेक बिजनेस हब, कमर्शियल कॉम्प्लेक्स और एंटरटेनमेंट सेंटर विकसित किए जाएंगे।

एयरपोर्ट के नजदीक होने के कारण यह क्षेत्र राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा। इसके साथ ही स्पोर्ट्स एकेडमी, स्मार्ट रेजिडेंशियल कॉम्प्लेक्स, ग्रीन स्पेस और आउटडोर स्पोर्ट्स सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।

इस परियोजना को यूपी क्रिकेट एसोसिएशन के साथ जॉइंट वेंचर मॉडल पर विकसित किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, यह सिर्फ एक स्टेडियम परियोजना नहीं बल्कि एक पूर्ण अर्बन डेवलपमेंट मॉडल है, जो गाजियाबाद को वैश्विक स्तर पर नई पहचान देगा।

2014-15 की पुरानी योजना अब धरातल पर

यह परियोजना पहली बार 2014-15 में तैयार की गई थी, लेकिन उस समय यह आगे नहीं बढ़ सकी। वर्षों तक यह योजना ठंडे बस्ते में रही, लेकिन अब इसे योगी सरकार के कार्यकाल में प्राथमिकता देकर तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।


किसान रजिस्ट्री को लेकर सरकार का मिशन मोड अभियान

इसी बीच राज्य सरकार ने किसान रजिस्ट्री को लेकर भी बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने निर्देश दिए हैं कि 30 अप्रैल 2026 तक हर हाल में किसान रजिस्ट्री का लक्ष्य 100 प्रतिशत पूरा किया जाए।

इसके लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में 15 अप्रैल तक कैंप लगाए जाएंगे, ताकि किसानों को मौके पर ही पंजीकरण की सुविधा मिल सके। कम कवरेज वाले गांवों की पहचान कर विशेष अभियान चलाया जा रहा है।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि 15 मई 2026 से उर्वरक, बीज और अन्य कृषि योजनाओं का लाभ लेने के लिए फार्मर आईडी अनिवार्य होगी। इस निर्णय के बाद प्रशासनिक स्तर पर तेजी और बढ़ गई है।

जागरूकता अभियान के तहत अखबारों, लाउडस्पीकर और जनप्रतिनिधियों की मदद से किसानों तक जानकारी पहुंचाई जा रही है। सभी भूमि धारक किसानों को इस योजना में शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है ताकि कोई भी पात्र किसान लाभ से वंचित न रहे।

उत्तर प्रदेश में एक तरफ गाजियाबाद का मेगा अर्बन हब राज्य के शहरी और आर्थिक ढांचे को नया आकार देने की ओर बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर किसान रजिस्ट्री जैसे अभियान ग्रामीण प्रशासन को डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम हैं। लखनऊ में मुख्यमंत्री का संबोधन इस बात का संकेत है कि राज्य सरकार स्वास्थ्य, विकास और आधारभूत संरचना तीनों मोर्चों पर एक साथ सक्रिय है।

विज्ञापन

उत्तर प्रदेश | गाजियाबाद | लखनऊ | विकास परियोजना | किसान रजिस्ट्री | योगी सरकार | इन्फ्रास्ट्रक्चर

Related News

विज्ञापन

Newsletter

For newsletter subscribe us

विज्ञापन
आपकी राय
भारत क्रिकेट टीम के सर्वश्रेष्ठ कप्तान का नाम कौन है?




COMMENTS
All Comments (11)
  • V
    vijaykumar
    vijaykumar@pearlorganisation.com
    25/12/2023
    Lorem ipsum, dolor sit amet consectetur adipisicing elit. Earum autem perferendis ad libero at cumque ipsa labore consequatur inventore eaque
    A
    arif
    arif@pearlorganisation.com
    25/12/2023
    Lorem ipsum, dolor sit amet consectetur adipisicing elit. Earum autem perferendis ad libero at cumque ipsa labore consequatur inventore eaque
    A
    ajaykumar
    ajaykumar@pearlorganisation.com
    25/12/2023
    Lorem ipsum, dolor sit amet consectetur adipisicing elit. Earum autem perferendis ad libero at cumque ipsa labore consequatur inventore eaque
    H
    harshit
    harshit@pearlorganisation.com
    25/12/2023
    very intresting news
    A
    ankitankit
    ankitankit@pearlorganisation.com
    27/12/2023
    Good
    H
    harshit
    harshit@pearlorganisation.com
    29/12/2023
    good news
    R
    rahul+11
    rahul+11@pearlorganisation.com
    15/01/2024
    Nice
    R
    rahul+11
    rahul+11@pearlorganisation.com
    15/01/2024
    Bisarkh police station, during checking at Char Murti intersection, spotted an FZ MOSA carrying two persons towards Surajpur.
    R
    rahul
    rahul@pearlorganisation.com
    02/02/2024
    test
    H
    harshit
    harshit@pearlorganisation.com
    02/02/2024
    अच्छा
    R
    rahul
    rahul@pearlorganisation.com
    08/02/2024
    अच्छा