चक्रवात ‘अर्नब’ के कारण देश के कई राज्यों में मौसम का मिजाज बदल रहा है। आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय इलाकों में भारी बारिश और तेज हवाओं का खतरा है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्य प्रदेश और बिहार समेत कई राज्यों में भी बारिश हो सकती है। पूर्वी उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान के लिए भी अलग-अलग तारीखों में बारिश की संभावना जताई गई है।
देश के कई हिस्सों में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवात ‘अर्नब’ तटीय इलाकों में गंभीर मौसम की स्थिति पैदा कर रहा है। आंध्र प्रदेश में तूफान के प्रभाव से तेज हवाओं और भारी बारिश की खबरें सामने आई हैं, जबकि ओडिशा के कई इलाकों में भी मौसम विभाग ने सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
इस तूफान का असर केवल समुद्र के किनारे बसे राज्यों तक सीमित रहने की आशंका नहीं है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के मुताबिक, आने वाले दिनों में मध्य भारत और पूर्वी भारत के कई राज्यों में बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों को भी मौसम संबंधी अपडेट पर नजर रखनी होगी।
हालांकि, सभी राज्यों के लिए एक जैसी चेतावनी जारी नहीं की गई है। कहीं भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका है, तो कहीं हल्की बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई गई है।
आंध्र प्रदेश में चक्रवात का सबसे ज्यादा खतरा
चक्रवात ‘अर्नब’ 28 अक्टूबर की सुबह आंध्र प्रदेश के तट के करीब पहुंचा। मौसम विभाग के बुलेटिन के अनुसार, तूफान के केंद्र के तट के निकट रहने के दौरान हवा की अधिकतम निरंतर रफ्तार 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटा रहने और झोंकों के साथ 140 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने का अनुमान था।
तटीय इलाकों में तेज हवाओं, भारी बारिश और समुद्र में ऊंची लहरों के कारण जनजीवन प्रभावित होने का खतरा बना हुआ है। निचले क्षेत्रों में पानी भरने और पेड़ या बिजली के खंभे गिरने जैसी घटनाओं की आशंका भी रहती है।
आंध्र प्रदेश के काकीनाडा और आसपास के तटीय इलाकों में तूफान से नुकसान की खबरें सामने आई हैं। ऐसे क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की सलाह का पालन करना बेहद जरूरी है।
ओडिशा और छत्तीसगढ़ में भी बारिश की चेतावनी
चक्रवात के प्रभाव से ओडिशा के कई हिस्सों में भारी बारिश और तेज हवाओं की आशंका जताई गई है। दक्षिणी ओडिशा के कुछ इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। वहीं, छत्तीसगढ़ में भी भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना को लेकर चिंता बढ़ी है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, छत्तीसगढ़ में 28 और 29 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। ओडिशा में भी 28 अक्टूबर को भारी बारिश का खतरा बना हुआ है। इन परिस्थितियों में निचले इलाकों, जलभराव वाले स्थानों और कमजोर ढांचों के आसपास सावधानी बरतना जरूरी है।
बिहार में कब होगी बारिश?
बिहार के मौसम पर भी चक्रवात के प्रभाव से बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 29 से 31 अक्टूबर के बीच बिहार में कई स्थानों पर बारिश होने की संभावना है।
कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं भी चल सकती हैं। हालांकि, बारिश की तीव्रता जिले के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। इसलिए लोगों को अपने जिले का ताजा मौसम पूर्वानुमान और स्थानीय चेतावनी जरूर देखनी चाहिए।
उत्तर प्रदेश में भी बदलेगा मौसम, दिल्ली-हरियाणा पर भी नजर
उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए भी आने वाले दिनों का मौसम महत्वपूर्ण रहने वाला है। पूर्वानुमान के अनुसार, 29 अक्टूबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई गई है। 30 अक्टूबर को भी पूर्वी यूपी के कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश की स्थिति अलग रह सकती है। दिल्ली, चंडीगढ़ और हरियाणा में 28 अक्टूबर से 1 नवंबर के बीच कुछ स्थानों पर हल्की बारिश की संभावना है। पंजाब में भी 29 अक्टूबर से 1 नवंबर के दौरान कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है।
पश्चिमी राजस्थान में 29 और 30 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर बारिश का पूर्वानुमान है। इसका मतलब यह नहीं है कि इन सभी क्षेत्रों में भारी बारिश होगी। मौसम का वास्तविक असर स्थानीय परिस्थितियों और तूफान की आगे की दिशा पर निर्भर करेगा।
मध्य प्रदेश और झारखंड में भी सतर्क रहने की जरूरत
मध्य प्रदेश में 28 अक्टूबर से 2 नवंबर के बीच अलग-अलग स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। विदर्भ में 30 अक्टूबर को बारिश का पूर्वानुमान है। झारखंड में भी 28 से 31 अक्टूबर के दौरान कई इलाकों में बारिश हो सकती है।
इन राज्यों में बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है। किसानों, यात्रियों और खुले इलाकों में काम करने वाले लोगों को स्थानीय मौसम चेतावनियों पर ध्यान देना चाहिए।
लोगों के लिए जरूरी सलाह
चक्रवात के प्रभाव वाले तटीय क्षेत्रों में समुद्र के पास जाने से बचें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। तेज हवा के दौरान कमजोर पेड़ों, बिजली के खंभों और अस्थायी ढांचों से दूर रहें। बारिश या आंधी के दौरान मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें।
फिलहाल सबसे अहम बात यह है कि चक्रवात का प्रभाव अलग-अलग राज्यों में अलग समय पर दिखाई दे सकता है। आंध्र प्रदेश और ओडिशा में तत्काल सतर्कता जरूरी है, जबकि उत्तर प्रदेश और बिहार समेत अन्य राज्यों के लोगों को अगले कुछ दिनों के मौसम अपडेट पर नजर रखनी चाहिए।
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