गौतमबुद्धनगर के जेवर थाना क्षेत्र में इमरान हत्याकांड के दो वांछित आरोपियों को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है। झांझर रोड पावर हाउस के पास हुई इस कार्रवाई में दोनों आरोपियों के पैर में गोली लगी। पुलिस ने उनके कब्जे से दो अवैध .32 बोर पिस्टल, पांच जिंदा कारतूस और दो खोखा कारतूस बरामद किए हैं।
गौतमबुद्धनगर के जेवर में इमरान हत्याकांड से जुड़े दो वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की तलाश आखिरकार मुठभेड़ पर जाकर खत्म हुई। 2 और 3 नवंबर 2026 की दरमियानी रात थाना जेवर पुलिस झांझर रोड स्थित पावर हाउस के पास चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान सामने से दो व्यक्ति आते दिखाई दिए। पुलिस बल ने उन्हें रुकने का इशारा किया, लेकिन दोनों रुकने के बजाय मुड़कर भागने लगे।
पुलिस के मुताबिक, संदिग्ध गतिविधि देखकर टीम ने दोनों का पीछा किया। जब आरोपियों ने खुद को घिरता हुआ देखा तो उन्होंने पुलिस पार्टी पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान दोनों व्यक्तियों के पैर में गोली लगी और वे घायल होकर गिर पड़े।
शेरू और मौसीम के रूप में हुई आरोपियों की पहचान
पुलिस ने घायल दोनों आरोपियों की पहचान शेरू उर्फ शेर मुहम्मद पुत्र यूसुफ और मौसीम पुत्र सगीर के रूप में की है।
शेरू उर्फ शेर मुहम्मद: निवासी मोहल्ला व्यापारियान, कस्बा जहांगीरपुर, थाना जेवर, जनपद गौतमबुद्धनगर।
मौसीम: निवासी मोहल्ला पठानटोला, कस्बा पहासू, थाना पहासू, जनपद बुलंदशहर।
पुलिस के अनुसार, दोनों घायल आरोपियों को उपचार के लिए अस्पताल भेज दिया गया है। मौके से उनके कब्जे में बताए गए दो अवैध .32 बोर पिस्टल, पांच जिंदा कारतूस और दो खोखा कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस ने बताया कि मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।

7 अक्टूबर की रात इमरान की गोली मारकर हुई थी हत्या
इस पूरे मामले की पृष्ठभूमि 7 अक्टूबर 2026 की रात से जुड़ी है। पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, उस रात वादी के भाई इमरान, उम्र करीब 36 वर्ष, की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के संबंध में 8 अक्टूबर 2026 को वादी की तहरीर के आधार पर थाना जेवर में मुकदमा दर्ज किया गया।
पुलिस के मुताबिक, आरोप था कि अभियुक्तों ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर इमरान की गोली मारकर हत्या की। इस मामले में थाना जेवर पर मु0अ0सं0 332/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 191(2), 191(3), 190, 103(1), 3(5) और 61(2) में मुकदमा पंजीकृत किया गया था।
इसी मुकदमे में शेरू उर्फ शेर मुहम्मद और मौसीम फरार चल रहे थे। पुलिस के अनुसार, दोनों की तलाश की जा रही थी और अब झांझर रोड के पास हुई मुठभेड़ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है।
दोनों आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड भी आया सामने
पुलिस द्वारा जारी विवरण में दोनों आरोपियों के खिलाफ दर्ज मुकदमों का भी उल्लेख किया गया है।
1. शेरू उर्फ शेर मुहम्मद का आपराधिक इतिहास:
मु0अ0सं0 332/2026 — धारा 191(2)/191(3)/190/103(1)/3(5)/61(2) BNS, थाना जेवर, गौतमबुद्धनगर।
मु0अ0सं0 351/2026 — धारा 109(1) BNS तथा धारा 3/25/27, थाना जेवर, गौतमबुद्धनगर।

मु0अ0सं0 535/2020 — धारा 147/148/307/323/325/352 भारतीय दंड संहिता (IPC), थाना जेवर, गौतमबुद्धनगर।
2. मौसीम का आपराधिक इतिहास:
मु0अ0सं0 332/2026 — धारा 191(2)/191(3)/190/103(1)/3(5)/61(2) BNS, थाना जेवर, गौतमबुद्धनगर।
मु0अ0सं0 351/2026 — धारा 109(1) BNS तथा धारा 3/25/27, थाना जेवर, गौतमबुद्धनगर।
गिरफ्तारी के बाद अब आगे की जांच पर नजर
इमरान हत्याकांड में फरार चल रहे दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी को पुलिस इस मामले में अहम कार्रवाई मान रही है। अब जांच के दौरान यह स्पष्ट होना बाकी है कि हत्या की वारदात में दोनों की कथित भूमिका क्या थी, अन्य शामिल व्यक्तियों की पहचान और भूमिका क्या रही तथा घटना के पीछे की पूरी वजह क्या थी।
फिलहाल पुलिस ने मुठभेड़ के बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर अस्पताल में उपचार के लिए भेजने और बरामद हथियारों के संबंध में आगे की कानूनी कार्रवाई की जानकारी दी है। मामले में आरोपों और आरोपियों की भूमिका का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा।
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