गौतमबुद्धनगर के थाना जेवर क्षेत्र में 4/5 नवंबर की रात पुलिस और हत्या के मामले में वांछित अभियुक्त सालु के बीच मुठभेड़ हो गई। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी गोली लगने से घायल हो गया। उसके कब्जे से .315 बोर का अवैध तमंचा, एक खोखा और दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। आरोपी 7 अक्टूबर की रात इमरान की गोली मारकर हत्या करने के मामले में वांछित चल रहा था।
गौतमबुद्धनगर के जेवर इलाके में बुधवार और गुरुवार की दरमियानी रात पुलिस और हत्या के एक मामले में वांछित अभियुक्त के बीच मुठभेड़ हो गई। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी गोली लगने से घायल हो गया। पुलिस ने उसके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल किया गया एक अवैध तमंचा और कारतूस बरामद करने का दावा किया है। घायल अभियुक्त को उपचार के लिए अस्पताल भेज दिया गया है।
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, दिनांक 4/5 नवंबर 2026 की रात थाना जेवर पुलिस जहांगीरपुर से गांव हसनपुर की तरफ जाने वाली सड़क पर मोड़ के पास चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान पुलिस टीम को सड़क पर एक व्यक्ति आता दिखाई दिया। पुलिस बल ने उसे रुकने का इशारा किया, लेकिन वह रुकने के बजाय मुड़कर भागने का प्रयास करने लगा।
उसकी संदिग्ध गतिविधियों को देखते हुए पुलिस टीम ने पीछा किया। पुलिस के अनुसार, जब आरोपी ने खुद को चारों तरफ से घिरा हुआ पाया तो उसने पुलिस पार्टी पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें गोली लगने से आरोपी घायल हो गया।
घायल व्यक्ति की पहचान सालु पुत्र फिरोज खान निवासी मोहल्ला पठानटोला, कस्बा पहासू, थाना पहासू, जनपद बुलंदशहर के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर उपचार के लिए अस्पताल भिजवा दिया। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।

इमरान हत्याकांड में चल रहा था वांछित, 7 अक्टूबर की रात हुई थी हत्या
इस मुठभेड़ के पीछे की कहानी करीब एक महीने पुरानी है। पुलिस के मुताबिक, 7 अक्टूबर 2026 की रात थाना जेवर क्षेत्र में वादी के भाई इमरान, उम्र करीब 36 वर्ष, की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
इस मामले में 8 अक्टूबर 2026 को वादी की ओर से थाना जेवर में प्रार्थना पत्र दिया गया था। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अभियुक्त सालु और उसके साथियों के खिलाफ मुकदमा अपराध संख्या 332/2026 दर्ज किया था।
यह मुकदमा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 191(2), 191(3), 190, 103(1), 3(5) और 61(2) के तहत पंजीकृत किया गया था। पुलिस के अनुसार, इस हत्याकांड में सालु लगातार वांछित चल रहा था। अब मुठभेड़ के बाद उसकी गिरफ्तारी को मामले की जांच में एक महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है।
तमंचा, खोखा और दो जिंदा कारतूस बरामद
पुलिस के मुताबिक, मुठभेड़ के बाद घायल अभियुक्त सालु के कब्जे से .315 बोर का एक अवैध तमंचा बरामद किया गया है। इसके अलावा एक खोखा कारतूस .315 बोर और दो जिंदा कारतूस .315 बोर भी बरामद हुए हैं।
पुलिस ने बरामद हथियार और कारतूस को अपने कब्जे में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। यह भी जांच का विषय होगा कि बरामद तमंचे का इस्तेमाल इमरान हत्याकांड में किया गया था या नहीं। इसकी पुष्टि जांच और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकेगी।
केवल हत्या ही नहीं, कई जिलों में दर्ज हैं आपराधिक मुकदमे
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्त सालु का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। उसके खिलाफ गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर और अलीगढ़ जनपदों के अलग-अलग थानों में कई मुकदमे दर्ज बताए गए हैं।
पुलिस रिकॉर्ड में अभियुक्त के खिलाफ कुल 11 मुकदमों का उल्लेख है। इनमें हत्या, आर्म्स एक्ट, जुआ अधिनियम, विद्युत अधिनियम और अन्य धाराओं से जुड़े मामले शामिल हैं। हालांकि, अलग-अलग मामलों में आरोपों और उनकी वर्तमान कानूनी स्थिति का निर्धारण संबंधित न्यायालय की प्रक्रिया के अनुसार होगा।
अब पुलिस जांच में क्या होगा?
मुठभेड़ के बाद पुलिस के सामने अब कई अहम सवाल हैं। इमरान की हत्या में सालु की कथित भूमिका, उसके साथियों की पहचान, वारदात में इस्तेमाल हथियार का संबंध और बरामद कारतूसों की जांच मामले के महत्वपूर्ण पहलू होंगे। साथ ही, पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास करेगी कि हत्याकांड में शामिल अन्य आरोपियों की भूमिका क्या थी और वे कहां हैं।
फिलहाल घायल अभियुक्त अस्पताल में उपचाराधीन है और पुलिस की ओर से आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। इमरान हत्याकांड में फरार चल रहे आरोपी की गिरफ्तारी से जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
COMMENTS