दिल्ली पुलिस की PS Cyber West टीम ने अप्रैल 2026 में देशव्यापी साइबर अपराध नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 89 साइबर अपराधियों को पकड़ा, 40 करोड़ रुपये के फ्रॉड नेटवर्क का पर्दाफाश किया और 51.95 लाख रुपये पीड़ितों को वापस दिलाए। झारखंड, पंजाब, हरियाणा, यूपी, राजस्थान, गुजरात और दिल्ली में चलाए गए ऑपरेशन में भारी मात्रा में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर भी जब्त किया गया।
देशभर में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने अप्रैल 2026 में ऐसा बड़ा अभियान चलाया, जिसने संगठित साइबर गैंग्स में हड़कंप मचा दिया। पश्चिमी जिले की PS Cyber West टीम ने पूरे महीने चले ऑपरेशन के दौरान 89 साइबर अपराधियों को कानून के शिकंजे में लिया, करोड़ों रुपये के फ्रॉड नेटवर्क का पर्दाफाश किया और देशभर में फैले साइबर सिंडिकेट्स की कमर तोड़ दी।
इस बड़े अभियान का नेतृत्व इंस्पेक्टर विकास कुमार, SHO PS Cyber West ने किया, जबकि ऑपरेशन की निगरानी ACP विजय सिंह ने की। पुलिस टीमों ने डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड, इन्वेस्टमेंट स्कैम, APK फाइल फ्रॉड, फेक डेटिंग क्लब ठगी और म्यूल अकाउंट नेटवर्क जैसे हाई-टेक साइबर अपराधों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की।
89 साइबर अपराधी पकड़े गए
दिल्ली पुलिस के मुताबिक अप्रैल 2026 के दौरान:
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89 साइबर अपराधियों को न्याय के दायरे में लाया गया
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35 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया
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54 लोगों को बाउंड डाउन किया गया
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34 बड़े साइबर मामलों का सफल खुलासा हुआ
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16 मामलों का जांच के बाद निपटारा किया गया
यह अभियान सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं रहा। पुलिस ने झारखंड, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात और दिल्ली में लगातार छापेमारी कर साइबर गैंग्स को निशाना बनाया।
40 करोड़ रुपये के फ्रॉड नेटवर्क का खुलासा
सबसे बड़ी कार्रवाई करमपुरा, दिल्ली में सामने आई, जहां PS Cyber West ने “DL Office” नाम से चल रहे एक हाई-टेक म्यूल अकाउंट और OTP रूटिंग सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया।
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि किराए के एक फ्लैट से साइबर फ्रॉड मॉड्यूल ऑपरेट किया जा रहा है। जैसे ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची, आरोपी चौथी मंजिल से कूदकर भागने की कोशिश करने लगे। लेकिन पुलिस की तेजी और रणनीतिक कार्रवाई के चलते सभी आरोपियों को पकड़ लिया गया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बिट्टू चौधरी, लविश चुघ, ऋषि, अरुण सिंह, आशीष और दीपक भट्ट के रूप में हुई।
जांच में सामने आया कि आरोपी “DL Office” नाम के व्हाट्सऐप ग्रुप के जरिए OTP शेयरिंग सिस्टम चला रहे थे, जिसके जरिए म्यूल बैंक अकाउंट ऑपरेट किए जाते थे।
इस ऑपरेशन में बरामदगी:
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43 स्मार्टफोन
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313 SIM कार्ड
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184 ATM कार्ड
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51 चेक बुक
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2 पासबुक
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2 लैपटॉप और चार्जर
समान्वय पोर्टल की तकनीकी जांच में इस नेटवर्क से जुड़े 35 NCRP शिकायतें मिलीं, जिनमें करीब 40 करोड़ रुपये की ठगी का खुलासा हुआ।
फेक डेटिंग क्लब और क्रिप्टो फ्रॉड गैंग का पर्दाफाश
PS Cyber West ने एक और बड़े ऑपरेशन में फेक डेटिंग क्लब और टेलीग्राम बेस्ड हनीट्रैप फ्रॉड नेटवर्क को ध्वस्त किया।
इस जांच को SI विकास राठी, HC जगदीश और HC वेद प्रकाश ने अंजाम दिया। आरोपियों की पहचान सचिन रावत, अक्षय कुमार बलियान और कार्तिकेय चौधरी के रूप में हुई।
जांच में सामने आया कि आरोपी फर्जी Telegram प्रोफाइल और VIP Membership Scheme के जरिए लोगों को भावनात्मक रूप से फंसाते थे। बाद में ठगी की रकम म्यूल अकाउंट्स में ट्रांसफर कर USDT Cryptocurrency में बदल दी जाती थी।
जांच में सामने आए बड़े खुलासे:
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28 NCRP शिकायतें आरोपियों से जुड़ी मिलीं
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बेंगलुरु में इंटरस्टेट कैश निकासी का पता चला
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Cryptocurrency ट्रांजैक्शन ट्रेल मिला
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Telegram और WhatsApp चैट वाले मोबाइल फोन बरामद हुए
पुलिस को इस नेटवर्क के अफ्रीका बेस्ड IP एड्रेस से भी लिंक मिलने की जानकारी मिली है, जिससे अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की आशंका बढ़ गई है।
‘Digital Arrest’ फ्रॉड का भी खुलासा
PS Cyber West ने एक बेहद खतरनाक “Digital Arrest” साइबर एक्सटॉर्शन केस का भी खुलासा किया।
इस मामले में साइबर अपराधियों ने एक बुजुर्ग व्यक्ति को फर्जी मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने की धमकी देकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया था।
जांच टीम ने पंजाब के लुधियाना और झारखंड के जमशेदपुर में छापेमारी कर अशोक कुमार, सूरज कुमार, दीपु कुमार और विवेक कुमार को गिरफ्तार किया।

इस केस में बरामदगी:
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7 चेक बुक
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11 डेबिट कार्ड
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3 क्रेडिट कार्ड
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18 SIM कार्ड
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5 मोबाइल फोन
पुलिस के मुताबिक आरोपी म्यूल अकाउंट्स के जरिए ठगी की रकम को क्रिप्टोकरेंसी में बदलते थे।
करोड़ों रुपये बचाने में सफलता
अप्रैल महीने में PS Cyber West को कुल 3.36 करोड़ रुपये की ठगी की शिकायतें मिलीं। लेकिन पुलिस की तेज कार्रवाई और बैंकिंग कोऑर्डिनेशन के चलते:
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1.11 करोड़ रुपये समय रहते सुरक्षित कर लिए गए
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51.95 लाख रुपये कोर्ट आदेश के जरिए पीड़ितों को वापस दिलाए गए
यानी लगभग 50 प्रतिशत ठगी की रकम साइबर अपराधियों तक पहुंचने से पहले रोक ली गई।
भारी मात्रा में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर जब्त
पूरे ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने साइबर फ्रॉड में इस्तेमाल होने वाला भारी डिजिटल नेटवर्क जब्त किया।
कुल बरामदगी:
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₹14.18 लाख नकद
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359 SIM कार्ड
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218 ATM कार्ड
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88 मोबाइल फोन
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78 चेक बुक
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5 पासबुक
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3 क्रेडिट कार्ड
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2 लैपटॉप
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1 पेन ड्राइव
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1 कार
दिल्ली पुलिस का बड़ा संदेश
PS Cyber West की इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि साइबर अपराधियों के खिलाफ दिल्ली पुलिस अब आक्रामक मोड में है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि संगठित साइबर गैंग्स के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
जांच एजेंसियां अब इन नेटवर्क्स के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन और क्रिप्टोकरेंसी ट्रेल की भी गहराई से जांच कर रही हैं।
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