ग्रेटर नोएडा के बिसरख डूब क्षेत्र में अवैध कब्जों पर प्राधिकरण का बड़ा एक्शन—बुल्डोजर से ध्वस्तीकरण, 25 हजार वर्ग मीटर जमीन मुक्त।
ग्रेटर नोएडा में अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ प्राधिकरण का अभियान लगातार तेज होता जा रहा है। इसी कड़ी में सोमवार को बिसरख के डूब क्षेत्र में एक बड़ी कार्रवाई की गई, जिसने अवैध कॉलोनी काटने वालों में हड़कंप मचा दिया।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार के निर्देश पर चलाए गए इस विशेष अभियान में प्राधिकरण की टीम ने मौके पर पहुंचकर बुल्डोजर से अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई खास तौर पर उन कालोनाइजरों के खिलाफ की गई थी, जो डूब क्षेत्र जैसी संवेदनशील भूमि पर बाउंड्री बनाकर अवैध प्लॉटिंग की तैयारी कर रहे थे।

प्राधिकरण की टीम ने खसरा संख्या 333 और 334 की जमीन पर हो रहे अतिक्रमण को निशाना बनाया। कार्रवाई के दौरान करीब 25 हजार वर्ग मीटर जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया, जो लंबे समय से अवैध कब्जे की चपेट में थी। बुल्डोजर की गूंज के साथ ही अवैध निर्माणों को जमींदोज कर दिया गया और क्षेत्र को पूरी तरह खाली कराया गया।
इस कार्रवाई की निगरानी वर्क सर्किल-3 की टीम ने की। वरिष्ठ प्रबंधक प्रभात शंकर, प्रबंधक प्रशांत समाधिया और अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में पूरी प्रक्रिया को अंजाम दिया गया। अधिकारियों ने सुनिश्चित किया कि कोई भी अवैध संरचना दोबारा खड़ी न हो सके।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ सुमित यादव ने इस दौरान स्पष्ट संदेश दिया कि अधिसूचित क्षेत्र में किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि डूब क्षेत्र में निर्माण करना न केवल नियमों के खिलाफ है, बल्कि यह भविष्य में बड़े खतरे का कारण भी बन सकता है।

उन्होंने आम जनता से अपील करते हुए कहा कि ग्रेटर नोएडा में कहीं भी जमीन खरीदने से पहले प्राधिकरण से पूरी जानकारी जरूर प्राप्त करें। कई बार लोग सस्ती जमीन के लालच में अवैध कॉलोनियों में निवेश कर देते हैं, जिससे बाद में उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ता है। प्राधिकरण ने साफ किया कि अवैध कॉलोनी में निवेश करने वालों को किसी भी प्रकार की कानूनी सुरक्षा नहीं मिलेगी।
इससे पहले भी प्राधिकरण द्वारा तिलपता, रोजा याकूबपुर, खेड़ा चौगानपुर और चिपियाना बुजुर्ग जैसे इलाकों में अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। इन क्षेत्रों में भी अवैध कब्जों को हटाकर जमीन को मुक्त कराया गया था।
सीईओ एनजी रवि कुमार ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि इस तरह की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रखी जाए। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण की अधिसूचित भूमि पर कब्जा करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।
डूब क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई के बाद अब यह साफ हो गया है कि प्राधिकरण अवैध निर्माण और कॉलोनाइजेशन के खिलाफ पूरी तरह सख्त है। आने वाले दिनों में भी ऐसे अभियानों की गति और तेज होने की संभावना है, जिससे अवैध कब्जाधारियों पर लगातार दबाव बना रहेगा।
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