मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सिंगापुर के उच्चायुक्त साइमन वोंग की मुलाकात में निवेश, पर्यटन और कौशल विकास को लेकर बड़े फैसले हुए, जिससे उत्तर प्रदेश में वैश्विक निवेश की नई संभावनाएं खुली हैं।
उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेश मानचित्र पर और मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। गुरुवार को योगी आदित्यनाथ से सिंगापुर गणराज्य के भारत में उच्चायुक्त साइमन वोंग ने शिष्टाचार भेंट की। इस महत्वपूर्ण मुलाकात में उत्तर प्रदेश और सिंगापुर के बीच निवेश, कौशल विकास, आधारभूत संरचना और सांस्कृतिक सहयोग को नई दिशा देने पर व्यापक चर्चा हुई।
बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने आर्थिक और औद्योगिक सहयोग को मजबूत करने की दिशा में कई संभावनाओं पर सहमति व्यक्त की। खास बात यह रही कि सिंगापुर की ओर से जल्द ही एक बड़ा औद्योगिक प्रतिनिधिमंडल उत्तर प्रदेश का दौरा करेगा, जिससे राज्य में बड़े निवेश प्रस्तावों को गति मिलने की उम्मीद है।
योगी की सिंगापुर यात्रा का दिखा असर
उच्चायुक्त साइमन वोंग ने फरवरी में हुई मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सिंगापुर यात्रा को अत्यंत सफल बताया। उन्होंने कहा कि इस दौरे का प्रभाव केवल सिंगापुर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि आसपास के देशों के औद्योगिक जगत में भी उत्तर प्रदेश को लेकर सकारात्मक और भरोसेमंद माहौल बना है।
उनके अनुसार, अब वैश्विक निवेशक उत्तर प्रदेश को नए अवसरों और संभावनाओं के केंद्र के रूप में देख रहे हैं। यह बदलाव भारत-सिंगापुर संबंधों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल
साइमन वोंग ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पिछले नौ वर्षों में राज्य में हुए बदलावों की सराहना की। उन्होंने विशेष रूप से कानून-व्यवस्था, आधारभूत संरचना और औद्योगिक विकास के क्षेत्रों में सुधारों को उल्लेखनीय बताया।
उन्होंने यह भी बताया कि उत्तर प्रदेश में पहले से कार्यरत सिंगापुर की कंपनियों ने राज्य के निवेश माहौल को सकारात्मक बताया है और अब वे अपने निवेश को और विस्तार देने की योजना बना रही हैं।
जल्द आएगा सिंगापुर का औद्योगिक दल
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि आने वाले महीनों में सिंगापुर का एक बड़ा औद्योगिक प्रतिनिधिमंडल उत्तर प्रदेश का दौरा करेगा। यह दल राज्य में निवेश की संभावनाओं का आकलन करेगा और विभिन्न क्षेत्रों में बड़े निवेश प्रस्तावों को अंतिम रूप देने की दिशा में काम करेगा।
यह कदम उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति देने के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा।
स्किल डेवलपमेंट पर खास जोर
दोनों पक्षों के बीच कौशल विकास (स्किलिंग) के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति बनी। सिंगापुर की तकनीकी दक्षता का लाभ उठाकर उत्तर प्रदेश के युवाओं को आधुनिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
इससे राज्य में रोजगार की संभावनाएं बढ़ेंगी और उद्योगों को कुशल मानव संसाधन उपलब्ध होगा।

पर्यटन में भी नई संभावनाएं
सांस्कृतिक सहयोग के तहत पर्यटन क्षेत्र को भी प्राथमिकता दी गई। बैठक में कुशीनगर और सारनाथ जैसे बौद्ध पर्यटन स्थलों की अपार संभावनाओं पर चर्चा हुई।
दोनों पक्षों ने इन स्थलों को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने पर सहमति जताई, जिससे प्रदेश में विदेशी पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है।
संतुलित विकास के लिए व्यापक योजना
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा के साथ-साथ झांसी और वाराणसी जैसे शहरों में निवेश के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
इसका उद्देश्य राज्य के संतुलित और समावेशी विकास को सुनिश्चित करना है।
‘रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म’ मॉडल
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज ‘रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म’ के मंत्र के साथ देश की सबसे तेजी से विकसित होती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो चुका है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार निवेशकों को सुरक्षित, पारदर्शी और उद्योग-अनुकूल वातावरण प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। बेहतर कानून-व्यवस्था, मजबूत कनेक्टिविटी और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर राज्य को निवेश के लिए आकर्षक बनाते हैं।
वैश्विक सुविधाओं से लैस हो रहा यूपी
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में औद्योगिक कॉरिडोर, डिफेंस कॉरिडोर, एक्सप्रेस-वे नेटवर्क और मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स हब तेजी से विकसित किए जा रहे हैं। ये सभी परियोजनाएं निवेशकों को विश्वस्तरीय सुविधाएं प्रदान कर रही हैं।
दीर्घकालिक साझेदारी की ओर कदम
योगी आदित्यनाथ ने सिंगापुर को एक विश्वस्तरीय आर्थिक और तकनीकी साझेदार बताते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार औद्योगिक निवेश, शहरी विकास, लॉजिस्टिक्स, स्किल डेवलपमेंट और पर्यटन के क्षेत्रों में दीर्घकालिक सहयोग के लिए तैयार है।
उन्होंने विश्वास जताया कि आगामी प्रतिनिधिमंडल का दौरा दोनों देशों के बीच निवेश और साझेदारी के नए आयाम स्थापित करेगा।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सिंगापुर की तकनीकी विशेषज्ञता और उत्तर प्रदेश की विशाल संभावनाओं का मेल दोनों पक्षों के लिए लाभकारी सिद्ध होगा और यह साझेदारी विकास, नवाचार और रोजगार के नए मानक स्थापित करेगी।
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