विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 से पहले उत्तर प्रदेश में चुनावी तैयारियां तेज हो गई हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा की अध्यक्षता में हुई बैठक में आवश्यक सेवाओं से जुड़े उन अधिकारियों और कार्मिकों को पोस्टल बैलेट की सुविधा देने की प्रक्रिया पर चर्चा हुई, जो मतदान दिवस पर ड्यूटी के कारण अपने मतदेय स्थल तक नहीं पहुंच पाते। बैठक में EDC और पोस्टल बैलेट की अलग-अलग व्यवस्थाओं को भी स्पष्ट किया गया।
विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 की तैयारियां अब धीरे-धीरे तेज होती दिखाई दे रही हैं। चुनाव के दौरान मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारें और राजनीतिक दलों की तैयारियां तो नजर आती हैं, लेकिन इनके पीछे एक बड़ी प्रशासनिक चुनौती उन कर्मचारियों की भी होती है, जो मतदान के दिन जनता की जरूरी सेवाओं को संभालने में ड्यूटी पर तैनात रहते हैं।
ऐसे ही आवश्यक सेवाओं से जुड़े अधिकारियों और कार्मिकों के मतदान के अधिकार को सुनिश्चित करने के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री नवदीप रिणवा की अध्यक्षता में गुरुवार को लखनऊ में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ चर्चा करते हुए उन कार्मिकों को पोस्टल बैलेट की सुविधा उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पर विस्तार से विचार किया गया, जो मतदान दिवस पर अपनी ड्यूटी के कारण अपने संबंधित मतदेय स्थल तक पहुंचकर मतदान नहीं कर पाते हैं।
ड्यूटी के कारण वोट न छूटे, इसी पर चुनाव आयोग का फोकस
दरअसल, चुनाव के दौरान कुछ सेवाएं ऐसी होती हैं जिन्हें मतदान के दिन भी लगातार संचालित रखना जरूरी होता है। स्वास्थ्य सेवाओं से लेकर पुलिस, ऊर्जा, रेलवे, डाक और संचार जैसी सेवाओं में बड़ी संख्या में अधिकारी और कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों पर तैनात रहते हैं।
ऐसे में सवाल यह होता है कि जो कर्मचारी लोकतांत्रिक व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए चुनाव के दिन अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं, वे स्वयं अपने मताधिकार का इस्तेमाल कैसे करें?
इसी को ध्यान में रखते हुए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित आवश्यक सेवाओं से जुड़े पात्र अधिकारियों एवं कार्मिकों को नियमानुसार पोस्टल बैलेट के माध्यम से मतदान करने की सुविधा प्रदान की जाती है।
बैठक में मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने इसी व्यवस्था को समयबद्ध और व्यवस्थित तरीके से लागू करने पर जोर दिया।

विभागों से मांगी गई आवश्यक सेवाओं और कर्मचारियों की जानकारी
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों से कहा कि वे अपने विभाग के अंतर्गत आने वाली उन आवश्यक सेवाओं की सूची उपलब्ध कराएं, जो निर्वाचन के दौरान भी संचालित रहेंगी।
इसके साथ ही इन सेवाओं से जुड़े अधिकारियों और कार्मिकों की आवश्यक जानकारी भी समय से उपलब्ध कराने को कहा गया है। इसका उद्देश्य यह है कि विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 के दौरान पोस्टल बैलेट की सुविधा पाने वाले पात्र कार्मिकों की पहचान और उनसे जुड़ी प्रक्रिया पहले से व्यवस्थित की जा सके।
यानी चुनाव के ऐन मौके पर किसी तरह की भागदौड़ या भ्रम की स्थिति न बने और पात्र कर्मचारी अपने मताधिकार से वंचित न रहें।
EDC और पोस्टल बैलेट को लेकर भी स्थिति साफ
बैठक में मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने एक महत्वपूर्ण बात को स्पष्ट किया। चुनाव ड्यूटी में तैनात कार्मिकों के लिए निर्वाचन कर्तव्य प्रमाण-पत्र यानी EDC (Election Duty Certificate) अथवा पोस्टल बैलेट (PB) की व्यवस्था नियमानुसार अलग से की जाती है।
वहीं, आवश्यक सेवाओं से जुड़े कार्मिकों को मिलने वाली पोस्टल बैलेट की सुविधा एक अलग व्यवस्था के तहत प्रदान की जाती है।
इस अंतर को स्पष्ट करने का मकसद यह है कि चुनावी ड्यूटी और आवश्यक सेवाओं के कारण मतदान केंद्र तक नहीं पहुंच पाने वाले कार्मिकों की श्रेणियों को लेकर किसी तरह का भ्रम न रहे और प्रत्येक पात्र कर्मचारी को संबंधित नियमों के अनुसार मतदान की सुविधा मिल सके।
जरूरत नहीं है तो विभाग को लिखित सूचना देनी होगी
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने संबंधित विभागों को यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी विभाग को अपने अधिकारियों या कार्मिकों के लिए आवश्यक सेवाओं के अंतर्गत पोस्टल बैलेट की सुविधा की आवश्यकता नहीं है, तो उसे इस संबंध में लिखित रूप से सूचना उपलब्ध करानी होगी।

यानी विभागों को केवल सूची भेजने की जिम्मेदारी ही नहीं दी गई है, बल्कि यदि उनके यहां इस सुविधा की आवश्यकता नहीं है तो उसकी भी स्पष्ट जानकारी निर्वाचन विभाग को देनी होगी।
इससे चुनाव से पहले पात्रता और आवश्यकता से संबंधित आंकड़ों को व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी और पोस्टल बैलेट की प्रक्रिया को समय से पूरा किया जा सकेगा।
किन-किन विभागों के अधिकारी रहे मौजूद?
बैठक में प्रदेश की कई महत्वपूर्ण और आवश्यक सेवाओं से जुड़े विभागों के अधिकारी शामिल हुए। इनमें सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, डाक विभाग, ऊर्जा विभाग, पुलिस, नागरिक उड्डयन, रेलवे, मेट्रो रेल, दूरदर्शन, आकाशवाणी और बीएसएनएल समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
इन विभागों की भूमिका चुनाव के दौरान भी बेहद महत्वपूर्ण रहती है। पुलिस व्यवस्था से लेकर स्वास्थ्य सेवाएं, बिजली आपूर्ति, संचार, परिवहन और सूचना प्रसारण जैसी व्यवस्थाएं मतदान के दिन भी लगातार सक्रिय रहती हैं।
2027 चुनाव की तैयारियों में अहम कदम
विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 को लेकर अभी मतदान की तारीखों की घोषणा नहीं हुई है, लेकिन निर्वाचन तंत्र ने अपनी तैयारियों को लेकर प्रक्रिया शुरू कर दी है। आवश्यक सेवाओं से जुड़े कार्मिकों के लिए पोस्टल बैलेट की व्यवस्था को लेकर हुई यह बैठक उसी तैयारी का हिस्सा है।
कुल मिलाकर चुनाव के दिन जहां करोड़ों मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने मतदान केंद्रों तक पहुंचेंगे, वहीं कुछ कर्मचारी ऐसे भी होंगे जो उसी दिन अस्पतालों, पुलिस व्यवस्था, बिजली, रेलवे, संचार और दूसरी जरूरी सेवाओं को संभाल रहे होंगे।
ऐसे कर्मचारियों के लिए पोस्टल बैलेट की सुविधा यह सुनिश्चित करने की कोशिश है कि देश और प्रदेश की लोकतांत्रिक प्रक्रिया को सुचारु रखने में अपनी ड्यूटी निभाने वाला कोई पात्र कार्मिक अपने मताधिकार से पीछे न रह जाए।
अब नजर इस बात पर रहेगी कि संबंधित विभाग समय से आवश्यक सेवाओं और पात्र कार्मिकों की जानकारी निर्वाचन विभाग को किस तरह उपलब्ध कराते हैं और विधानसभा चुनाव-2027 में इस पूरी व्यवस्था को किस स्तर तक प्रभावी ढंग से लागू किया जाता है।
COMMENTS