पश्चिम बंगाल के पिंगला विधानसभा क्षेत्र में जनसभा को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने TMC सरकार पर तुष्टिकरण, माफिया और अराजकता के आरोप लगाए और भाजपा प्रत्याशियों के लिए वोट मांगे।
पश्चिम बंगाल के चुनावी रण में सोमवार को उस समय सियासी तापमान और बढ़ गया जब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने पिंगला विधानसभा क्षेत्र में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। चिलचिलाती धूप के बीच आयोजित इस रैली में उन्होंने भाजपा प्रत्याशियों के पक्ष में वोट मांगते हुए राज्य की सत्तारूढ़ All India Trinamool Congress सरकार पर तीखा हमला बोला।
सभा की शुरुआत में मुख्यमंत्री ने जनजातीय समुदाय सहित सभी उपस्थित लोगों का अभिवादन किया और इसके बाद अपने भाषण में बंगाल की वर्तमान स्थिति को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि राज्य में नौजवान परेशान हैं, किसान हताश हैं और उद्योग-धंधे पूरी तरह चौपट हो चुके हैं। इसके बावजूद सरकार केवल तुष्टिकरण की राजनीति में लगी हुई है।
माफिया राज का आरोप
सीएम योगी ने आरोप लगाया कि बंगाल में सैंड, कोल, लैंड और कैटल माफिया सक्रिय हैं, जो राज्य की अर्थव्यवस्था को खोखला कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन माफियाओं पर कार्रवाई करने के बजाय सरकार राजनीतिक लाभ के लिए उन्हें संरक्षण दे रही है।

धार्मिक मुद्दों पर हमला
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में धार्मिक स्वतंत्रता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि “जय श्रीराम” के नारे से सरकार को चिढ़ है और दुर्गा पूजा जैसे त्योहारों पर भी प्रतिबंध लगाए जाते हैं। उन्होंने दावा किया कि मूर्ति विसर्जन जुलूसों को रोका जाता है और शोभायात्राओं पर पथराव जैसी घटनाएं होती हैं।
यूपी मॉडल का जिक्र
सीएम योगी ने अपने भाषण में 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय राज्य में भी अराजकता थी। “जय श्रीराम” बोलने पर लाठी-गोली चलती थी, लेकिन आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है।
उन्होंने कहा कि अब यूपी में “नो कर्फ्यू-नो दंगा” का माहौल है और राज्य माफिया व गुंडों से मुक्त हो चुका है। अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए बुलडोजर का इस्तेमाल किया जा रहा है।
पिंगला की पहचान और सांस्कृतिक विरासत
सीएम योगी ने पिंगला क्षेत्र की विशेषता बताते हुए कहा कि “पिंगला” का अर्थ गेरुआ होता है और यहां की माटी भगवा रंग की है, जो आध्यात्मिक परंपरा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह भूमि किसानों की मेहनत से सोना उगलती है और देश के खाद्य सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान देती है।
SC-ST और राष्ट्रपति का मुद्दा
उन्होंने विपक्षी दलों—कांग्रेस, TMC और इंडी गठबंधन—पर आरोप लगाया कि उन्होंने दशकों तक शासन करने के बावजूद अनुसूचित जाति और जनजाति के विकास के लिए कुछ नहीं किया।

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