उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल के बीच भारतीय जनता पार्टी के सभी आठ प्रत्याशियों ने मंगलवार, 6 अक्टूबर को लखनऊ स्थित विधान भवन में नामांकन दाखिल किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में हुए नामांकन के दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, दोनों उपमुख्यमंत्री और योगी सरकार के कई मंत्री मौजूद रहे।
लखनऊ में मंगलवार का दिन उत्तर प्रदेश की सियासत के लिए खास रहा। राज्यसभा चुनाव के नामांकन के आखिरी दिन भारतीय जनता पार्टी ने अपने सभी आठ प्रत्याशियों के साथ शक्ति प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में भाजपा के आठों उम्मीदवारों ने विधान भवन पहुंचकर अपना नामांकन दाखिल किया।
नामांकन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी प्रत्याशियों को शुभकामनाएं दीं। विधान भवन परिसर में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं, प्रदेश सरकार के मंत्रियों और पार्टी पदाधिकारियों की मौजूदगी ने इस पूरे कार्यक्रम को राजनीतिक रूप से खास बना दिया।
BJP ने यूपी से उतारे आठ उम्मीदवार
भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए आठ प्रत्याशियों के नाम घोषित किए हैं। नामांकन के आखिरी दिन सभी उम्मीदवारों ने तय प्रक्रिया के तहत अपना पर्चा दाखिल किया।
भाजपा के जिन आठ प्रत्याशियों ने नामांकन किया, उनमें धर्मपाल सिंह, राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्ण पांडेय, प्रियंका सिंह रावत, रामप्रताप सिंह चौहान और श्रुति गंगवार शामिल हैं।
इन सभी प्रत्याशियों ने मंगलवार को लखनऊ के विधान भवन में नामांकन दाखिल किया। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उनके साथ मौजूद रहे और सभी उम्मीदवारों को चुनाव के लिए शुभकामनाएं दीं।
राज्यसभा चुनाव के लिहाज से उत्तर प्रदेश हमेशा से बेहद महत्वपूर्ण राज्य रहा है। ऐसे में भाजपा की ओर से एक साथ आठ उम्मीदवारों का मैदान में उतरना प्रदेश की सियासत में महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।

नामांकन के दौरान दिखी भाजपा की पूरी टीम
भाजपा प्रत्याशियों के नामांकन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अलावा पार्टी और सरकार के कई बड़े चेहरे विधान भवन में मौजूद रहे।
केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी भी इस दौरान मौजूद रहे। उनके साथ उत्तर प्रदेश के दोनों उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक भी नामांकन कार्यक्रम में शामिल हुए।
इसके अलावा योगी सरकार के मंत्री सुरेश खन्ना, राकेश सचान, आशीष पटेल, डॉ. संजय निषाद, कपिलदेव अग्रवाल, जेपीएस राठौर, दिनेश प्रताप सिंह, गिरीश चंद्र यादव, ब्रजेश सिंह, सतीश चंद्र शर्मा, रजनी तिवारी और बलदेव सिंह औलख समेत कई प्रमुख नेता मौजूद रहे।
भाजपा के आठों प्रत्याशियों के नामांकन के दौरान नेताओं की यह मौजूदगी पार्टी के संगठनात्मक समर्थन और चुनाव को लेकर उसकी गंभीरता का संकेत देती नजर आई।
CM योगी की मौजूदगी ने बढ़ाया सियासी संदेश
राज्यसभा चुनाव के नामांकन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी का अपना राजनीतिक महत्व है। मुख्यमंत्री ने सभी प्रत्याशियों के नामांकन के दौरान उनके साथ खड़े होकर पार्टी की ओर से समर्थन का संदेश दिया।
विधान भवन में एक साथ भाजपा के वरिष्ठ नेताओं और मंत्रियों की मौजूदगी ने यह भी दिखाया कि पार्टी ने नामांकन प्रक्रिया को केवल औपचारिकता के तौर पर नहीं लिया, बल्कि इसे संगठन की एकजुटता के प्रदर्शन के रूप में भी पेश किया।
नामांकन के बाद मुख्यमंत्री ने सभी प्रत्याशियों को शुभकामनाएं दीं। अब आगे की चुनावी प्रक्रिया पर राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों की नजर रहेगी।

आखिरी दिन दाखिल हुआ नामांकन
राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने का मंगलवार को अंतिम दिन था। इसी दिन भाजपा ने अपने सभी आठ उम्मीदवारों के नामांकन की प्रक्रिया पूरी कर ली।
नामांकन के दौरान पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और मंत्रियों की मौजूदगी से विधान भवन में राजनीतिक गतिविधियां तेज रहीं। उम्मीदवारों के साथ पार्टी नेतृत्व की मौजूदगी ने यह भी साफ किया कि भाजपा अपने उम्मीदवारों के समर्थन में पूरी तरह सक्रिय है।
अब नामांकन के बाद चुनावी प्रक्रिया अगले चरण में प्रवेश करेगी। उम्मीदवारों के नामांकन पत्रों की जांच और आगे की प्रक्रिया के बाद तस्वीर और स्पष्ट होगी।
आठ नामों के पीछे क्या है BJP की रणनीति?
भाजपा की ओर से घोषित आठ उम्मीदवारों को लेकर राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा तेज है। धर्मपाल सिंह से लेकर श्रुति गंगवार तक पार्टी ने अलग-अलग राजनीतिक और संगठनात्मक पृष्ठभूमि वाले चेहरों को मैदान में उतारा है।
ऐसे में सवाल सिर्फ यह नहीं है कि कौन राज्यसभा पहुंचेगा, बल्कि यह भी है कि भाजपा ने इन चेहरों के चयन के जरिए किस राजनीतिक समीकरण को साधने की कोशिश की है।
उत्तर प्रदेश विधानसभा की मौजूदा राजनीतिक गणित और राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया के बीच हर उम्मीदवार की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। यही वजह है कि भाजपा के आठ नामों को लेकर विपक्षी दल भी अपनी रणनीति पर नजर बनाए हुए हैं।
फिलहाल भाजपा ने नामांकन की प्रक्रिया पूरी कर दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में हुए इस शक्ति प्रदर्शन के बाद अब नजर चुनावी प्रक्रिया के अगले चरण पर है।
6 अक्टूबर 2026 को लखनऊ के विधान भवन में हुए इस नामांकन ने उत्तर प्रदेश की सियासत में राज्यसभा चुनाव की दस्तक को और तेज कर दिया है। अब देखना होगा कि चुनावी मैदान में आगे की तस्वीर किस तरह बदलती है और भाजपा के इन आठ चेहरों की राजनीतिक पारी किस मुकाम तक पहुंचती है।
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