राष्ट्रीय एकता दिवस और लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क स्थित पटेल लोक सांस्कृतिक संस्थान में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। MY Bharat, गौतमबुद्धनगर कार्यालय और संस्थान के संयुक्त आयोजन में स्थानीय एवं राष्ट्रीय स्तर के कलाकारों ने प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम में लोकगीतों के साथ युवाओं को नशे से दूर रहने और विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने का संदेश भी दिया गया।
देश की एकता और अखंडता का संदेश केवल भाषणों से ही नहीं, बल्कि लोककला, संगीत और संस्कृति के माध्यम से भी लोगों तक पहुंचाया जा सकता है। खासकर युवाओं तक जब यह संदेश गीतों की धुन के साथ पहुंचता है, तो उसका असर और भी गहरा हो सकता है।
राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर ग्रेटर नोएडा में आयोजित एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। यहां कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों के जरिए भारतीय संस्कृति और राष्ट्रीय एकता की झलक पेश की, तो एक विशेष गीत के माध्यम से युवाओं को नशे से दूर रहने की प्रेरणा भी दी गई।
लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती और राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर 31 अक्टूबर 2026 को MY Bharat, गौतमबुद्धनगर कार्यालय की ओर से पटेल लोक सांस्कृतिक संस्थान, नॉलेज पार्क, ग्रेटर नोएडा के सहयोग से भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य सरदार पटेल के राष्ट्र की एकता और अखंडता के लिए किए गए योगदान को याद करने के साथ युवाओं में देशप्रेम, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक समरसता की भावना को मजबूत करना रहा।

लोकगीतों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सजा कार्यक्रम
कार्यक्रम में स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर के कलाकारों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया। प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय लोककला, संस्कृति और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया गया। राष्ट्रीय लोकगायक मन्नू तंवर, जयवीर भाटी और खुशी मौर्य ने भी अपनी प्रस्तुतियों से कार्यक्रम में सांस्कृतिक रंग भरे।
कलाकारों ने लोकसंगीत के जरिए भारतीय परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत की झलक प्रस्तुत की। कार्यक्रम में मौजूद लोगों के लिए यह अवसर केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके माध्यम से देश की विविध सांस्कृतिक परंपराओं और एकता के महत्व को भी सामने रखा गया।
नशामुक्त युवा पर विशेष गीत बना कार्यक्रम का आकर्षण
कार्यक्रम का एक खास आकर्षण जयवीर भाटी और पटेल लोक सांस्कृतिक संस्थान के अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय कलाकार ब्रह्मपाल नागर की ओर से प्रस्तुत किया गया नशामुक्ति पर आधारित गीत रहा। यह गीत विशेष रूप से युवाओं को समर्पित था।

इस प्रस्तुति के जरिए युवाओं को नशे से दूर रहने और सामाजिक कुरीतियों से बचने का संदेश दिया गया। साथ ही उन्हें विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया। गीत के माध्यम से यह भी संदेश दिया गया कि युवा अपनी ऊर्जा और क्षमता को सकारात्मक दिशा में लगाएं और राष्ट्रीय एकता तथा सामाजिक समरसता के रास्ते से विचलित न हों।
आज के समय में युवाओं के सामने नशे और दूसरी सामाजिक चुनौतियों को लेकर लगातार चिंता जताई जाती रही है। ऐसे में सांस्कृतिक मंच से नशामुक्ति का संदेश देना कार्यक्रम के सामाजिक उद्देश्य का अहम हिस्सा रहा।
कलाकारों को शॉल और स्मृति चिह्न देकर किया सम्मानित
कार्यक्रम में MY Bharat के उप निदेशक ने सभी कलाकारों को उनकी कला और सांस्कृतिक क्षेत्र में योगदान के लिए सम्मानित किया। कलाकारों को शॉल और स्मृति चिह्न भेंट किए गए। इस सम्मान के जरिए उनकी सांस्कृतिक सेवाओं और लोककला को आगे बढ़ाने में निभाई जा रही भूमिका की सराहना की गई।
पटेल लोक सांस्कृतिक संस्थान के अध्यक्ष और राष्ट्रीय कलाकार ब्रह्मपाल नागर ने भी मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में सहभागिता की। उनकी मौजूदगी और जयवीर भाटी के साथ नशामुक्त युवा विषय पर दी गई प्रस्तुति ने आयोजन के सांस्कृतिक और सामाजिक संदेश को और मजबूती दी।

सरदार पटेल के विचारों को युवाओं तक पहुंचाने की पहल
इस आयोजन का मूल उद्देश्य सरदार वल्लभभाई पटेल के राष्ट्र की एकता और अखंडता के प्रति योगदान को स्मरण करना था। इसके साथ ही युवाओं में राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक विरासत, नशामुक्ति और सामाजिक समरसता की भावना को प्रोत्साहित करना भी कार्यक्रम की प्राथमिकताओं में शामिल रहा।
सरदार पटेल को देश की एकता और अखंडता के लिए उनके ऐतिहासिक योगदान के कारण लौह पुरुष के रूप में याद किया जाता है। राष्ट्रीय एकता दिवस पर आयोजित इस सांस्कृतिक कार्यक्रम के जरिए उनके विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।
ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क में आयोजित यह कार्यक्रम इस संदेश के साथ संपन्न हुआ कि देश की मजबूती केवल उसकी सीमाओं या संस्थाओं से नहीं, बल्कि जागरूक नागरिकों, जिम्मेदार युवाओं और अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़े समाज से भी बनती है। लोकगीतों और नशामुक्ति के संदेश के जरिए आयोजन ने राष्ट्रीय एकता के साथ सामाजिक जिम्मेदारी का महत्व भी सामने रखा।
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