गौतमबुद्धनगर में गांधी जयंती पर पूर्ण बंदी के दौरान आबकारी विभाग और थाना सेक्टर-39 पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक व्यक्ति को अवैध शराब के साथ गिरफ्तार किया। आरोपी के कब्जे से होंडा कार में अंग्रेजी शराब और बीयर बरामद हुई, जिसकी कुल मात्रा 62.755 BL बताई गई है।
गांधी जयंती पर शराब की बिक्री बंद, फिर कार में कैसे पहुंची इतनी शराब? नोएडा में आबकारी विभाग की कार्रवाई
गांधी जयंती यानी 2 अक्टूबर को शराब की बिक्री पर पूर्ण बंदी के बीच गौतमबुद्धनगर में आबकारी विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। विशेष प्रवर्तन अभियान के दौरान टीम ने एक व्यक्ति को कथित तौर पर अवैध रूप से शराब ले जाते हुए गिरफ्तार किया।
कार्रवाई सेक्टर-104 स्थित स्टर्लिंग मॉल और महर्षि आश्रम के गेट नंबर-1 के पास की गई। टीम ने आरोपी को एक सफेद रंग की होंडा कार के साथ पकड़ा। पुलिस और आबकारी विभाग के मुताबिक, वाहन से बड़ी मात्रा में अंग्रेजी शराब और बीयर बरामद हुई है।
बरामद शराब की कुल मात्रा 62.755 बल्क लीटर (BL) बताई गई है। आरोपी के खिलाफ थाना सेक्टर-39 में संबंधित धाराओं के तहत अभियोग दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की गई है।
गांधी जयंती पर विशेष अभियान
जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार के निर्देशन में 2 अक्टूबर को यह विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया गया। गांधी जयंती के अवसर पर शराब की दुकानें बंद रहने के बावजूद अवैध शराब की बिक्री, परिवहन और भंडारण पर निगरानी रखने के लिए विभाग की टीमें सक्रिय रहीं।
इसी अभियान के दौरान आबकारी विभाग और थाना सेक्टर-39 पुलिस की संयुक्त टीम ने संदिग्ध वाहन की जांच की।
जांच के दौरान होंडा की सफेद रंग की कार DL 12 CK0413 से शराब बरामद होने की बात सामने आई। इसके बाद वाहन में मौजूद व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई और शराब को कब्जे में ले लिया गया।
कार से निकली अलग-अलग ब्रांड की शराब
आबकारी विभाग के मुताबिक, कार से कई ब्रांड की अंग्रेजी शराब बरामद की गई।
बरामद शराब में 180 एमएल के 13 पौवे सिमरन ऑफ जमुना, 6 पौवे मैजिक मोमेंट, 7 पौवे ब्लेंडर्स प्राइड, 7 पौवे रॉकफोर्ड और 4 पौवे ऑल सीजन शामिल बताए गए हैं।
इसके अलावा 375 एमएल के 6 हाफ रॉकफोर्ड, 3 हाफ ऑल सीजन, 2 हाफ आईकॉनिक और 10 हाफ रॉयल स्टैग बरामद किए गए।
वहीं 180 एमएल के 4 पौवे रॉयल स्टैग भी बरामद होने की जानकारी दी गई है।
आबकारी विभाग के अनुसार, बरामद अंग्रेजी शराब की कुल मात्रा 16.755 बल्क लीटर बताई गई है।
शराब के साथ बीयर का भी बड़ा स्टॉक
मामला सिर्फ अंग्रेजी शराब तक सीमित नहीं था। वाहन से बड़ी मात्रा में बीयर के कैन भी बरामद किए गए।
विभाग के मुताबिक, कार से 36 कैन टू वर्क, 500 एमएल के 12 किंगफिशर कैन, 500 एमएल के 12 कार्ल्सबर्ग एलीफेंट कैन और 500 एमएल के 32 बडवाइजर मैग्नम कैन बरामद हुए।
इन बीयर की कुल मात्रा 46 बल्क लीटर बताई गई है।
इस तरह अंग्रेजी शराब की 16.755 BL और बीयर की 46 BL मात्रा को मिलाकर कुल बरामदगी 62.755 बल्क लीटर बताई गई है।
‘फॉर सेल इन उत्तर प्रदेश’ वाली शराब
आबकारी विभाग की ओर से दी गई जानकारी में बरामद शराब को उत्तर प्रदेश में बिक्री के लिए निर्धारित बताया गया है।
ऐसे में जांच का एक अहम पहलू यह भी हो सकता है कि इतनी मात्रा में शराब को गांधी जयंती की बंदी के दौरान किस उद्देश्य से ले जाया जा रहा था और इसे कहां पहुंचाया जाना था।
हालांकि, शराब के परिवहन के उद्देश्य और इसके अंतिम गंतव्य को लेकर आगे की जानकारी जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
आरोपी की हुई गिरफ्तारी
संयुक्त टीम ने मौके से अजीत सिंह पुत्र स्वर्गीय टेक नारायण सिंह को गिरफ्तार किया है।
आबकारी विभाग के अनुसार आरोपी को वाहन और बरामद शराब के साथ सेक्टर-104 स्थित स्टर्लिंग मॉल, महर्षि आश्रम के गेट नंबर-1 के पास पकड़ा गया।
कार्रवाई के बाद आरोपी को संबंधित थाना पुलिस के सुपुर्द किया गया और मामले में थाना सेक्टर-39 में संबंधित धाराओं के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया।
शराबबंदी के दिन कार्रवाई से बढ़ी सख्ती
गांधी जयंती जैसे ड्राई डे पर शराब की अवैध बिक्री और परिवहन रोकना आबकारी विभाग के लिए चुनौती रहता है। ऐसे में विशेष प्रवर्तन अभियान के तहत की गई यह कार्रवाई विभाग की निगरानी व्यवस्था को दर्शाती है।
हालांकि, बरामद शराब किस स्रोत से आई, आरोपी इसे कहां ले जा रहा था और इसके पीछे किसी बड़े नेटवर्क की भूमिका थी या नहीं—इन सवालों का जवाब आगे की जांच में सामने आएगा।
फिलहाल विभाग और पुलिस ने बरामद शराब तथा वाहन को कब्जे में लेकर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
अब जांच इन सवालों पर
इस कार्रवाई के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब 2 अक्टूबर को शराब की बिक्री पर पूर्ण बंदी थी, तब इतनी बड़ी मात्रा में शराब लेकर आरोपी कहां जा रहा था?
क्या यह शराब किसी व्यक्ति को पहुंचाई जानी थी या इसके पीछे अवैध बिक्री की योजना थी? क्या आरोपी अकेले इस गतिविधि में शामिल था या उसके पीछे कोई और नेटवर्क भी काम कर रहा था?
फिलहाल पुलिस और आबकारी विभाग की कार्रवाई जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही इन सवालों के स्पष्ट जवाब सामने आएंगे।
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