सरदार वल्लभ भाई पटेल की 151वीं जयंती पर लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जातिवाद, क्षेत्रवाद और जिन्नावाद को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने धारा 370, कश्मीर, राष्ट्रीय एकता और युवाओं के रोजगार पर अपनी बात रखी। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के प्रत्येक जनपद में सरदार पटेल एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन स्थापित करने की घोषणा भी की।
लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की 151वीं जयंती पर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रीय एकता, राष्ट्रवाद और देश की अखंडता को लेकर कई अहम बातें कहीं। जीपीओ स्थित पटेल पार्क में आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में मुख्यमंत्री ने सरदार पटेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया और उपस्थित जनसमूह को राष्ट्रीय एकता दिवस की शपथ दिलाई।
इस दौरान मुख्यमंत्री का संबोधन केवल सरदार पटेल के ऐतिहासिक योगदान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने जातिवाद, क्षेत्रवाद, जिन्नावाद, कश्मीर और देश की संवैधानिक संस्थाओं को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि जातिवाद और जिन्नावाद का मुकाबला मिलकर करना होगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जो लोग मोहम्मद अली जिन्ना को अपना आदर्श मानते हैं, वे कभी सरदार वल्लभ भाई पटेल के अनुयायी नहीं हो सकते।
'सरदार पटेल का अनुयायी वही, जिसके मन में राष्ट्रवाद'
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरदार पटेल का सच्चा अनुयायी वही हो सकता है, जिसके मन में राष्ट्रवाद की भावना हो और जो भारत की एकता, सुरक्षा तथा संप्रभुता को सर्वोपरि रखता हो। उन्होंने समाज को जाति, क्षेत्र और भाषा के नाम पर बांटने वाली प्रवृत्तियों को देश की एकता के लिए चुनौती बताया।
योगी ने कहा कि जब समाज जाति, क्षेत्र और भाषा के आधार पर बंटता है, तो उसकी सामूहिक शक्ति और प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है। उन्होंने इसकी तुलना शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता से करते हुए कहा कि जिस प्रकार कमजोर प्रतिरोधक क्षमता होने पर शरीर बीमारियों से घिर जाता है, उसी प्रकार सामाजिक एकता कमजोर होने पर देश की सुरक्षा भी प्रभावित होती है।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भारत की संवैधानिक संस्थाओं को कटघरे में खड़ा करने और देश की एकता एवं अखंडता को चुनौती देने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने ऐसे प्रयासों का मिलकर मुकाबला करने को सरदार पटेल के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि बताया।
563 से अधिक रियासतों को जोड़कर बनाया अखंड भारत
सरदार पटेल के योगदान को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका जन्म गुजरात के छोटे से गांव करमसद, नडियाद में हुआ था। आज गुजरात के केवड़िया में सरदार सरोवर के तट पर स्थापित दुनिया की सबसे बड़ी प्रतिमा 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' उनके विराट व्यक्तित्व और योगदान का प्रतीक है।
योगी ने कहा कि स्वतंत्रता के समय देश में 563 से अधिक रियासतों को भारतीय गणराज्य का हिस्सा बनाने में सरदार पटेल ने ऐतिहासिक भूमिका निभाई थी। उन्होंने जूनागढ़ और हैदराबाद रियासतों का उदाहरण देते हुए बताया कि सरदार पटेल ने दृढ़ इच्छाशक्ति और कड़े फैसलों के माध्यम से देश की एकता सुनिश्चित की।

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