एसजीपीजीआईएमएस, लखनऊ में “गरिमापूर्ण वृद्धावस्था: वृद्धावस्था देखभाल हेतु मार्गदर्शन” विषय पर आयोजित कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने बुजुर्गों की बहुविषयक और सम्मानजनक देखभाल पर विस्तार से चर्चा की।
एसजीपीजीआईएमएस के जनरल अस्पताल और अस्पताल प्रशासन विभाग द्वारा जेरियाट्रिक्स सोसाइटी ऑफ इंडिया (यूपी चैप्टर) के तत्वावधान में हरगोविंद खुराना सभागार में “गरिमापूर्ण वृद्धावस्था: वृद्धावस्था देखभाल हेतु मार्गदर्शन” विषय पर शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य वृद्धावस्था में बुजुर्गों की देखभाल के तौर-तरीकों को सुदृढ़ करना था, जिसमें चिकित्सक और प्रशासक एक मंच पर उपस्थित हुए।
कार्यक्रम का संयुक्त आयोजन जनरल अस्पताल की वरिष्ठ चिकित्सक एवं नोडल अधिकारी डॉ. प्रेरणा कपूर तथा संस्थान के चिकित्सा अधीक्षक एवं प्रोफेसर, अस्पताल प्रशासन, आर. हर्षवर्धन द्वारा किया गया। संस्थान के निदेशक पद्मश्री प्रो. आर. के. धीमन मुख्य अतिथि रहे और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में उनके प्रगतिशील नेतृत्व की सराहना की गई।

विशिष्ट अतिथि प्रो. डॉ. ए. के. सिंह ने बुजुर्गों में गिरने से बचाव पर व्याख्यान देते हुए रुग्णता कम करने और जीवन की गुणवत्ता सुधारने में इसकी भूमिका रेखांकित की। डीन प्रो. शालीन कुमार और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रो. देवेंद्र गुप्ता ने वृद्धजन-अनुकूल स्वास्थ्य प्रणालियों के विकास पर संस्थान की प्रतिबद्धता दोहराई।
केजीएमयू के मेडिसिन विभाग के प्रो. डॉ. कौसर उस्मान ने जेरियाट्रिक्स की विकसित होती विशेषज्ञता पर महत्वपूर्ण विचार साझा किए। एसजीपीजीआई के सलाहकार मनोचिकित्सक डॉ. रोमिल सैनी ने पैनल चर्चा का संचालन किया, जिसमें जनसंपर्क, पोषण, ऑर्थोपेडिक्स और क्रिटिकल केयर के विशेषज्ञ शामिल हुए, जो बहुविषयक प्रबंधन को दर्शाता है।

वक्ताओं ने संज्ञानात्मक आकलन, टीकाकरण और सहायक साधनों की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि उपचार के दौरान सम्मान, करुणा और संवेदनशीलता अनिवार्य है। “करुणापूर्ण देखभाल, सशक्त जीवन” के संदेश के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ और उपस्थित सभी ने सहानुभूति व मानवता के साथ वृद्ध-देखभाल की शपथ ली।
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