ग्रेटर नोएडा स्थित Government Institute of Medical Sciences (GIMS) और National Accreditation Board for Hospitals & Healthcare Providers (NABH) के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ है। MoU के तहत GIMS में NABH Certified Digital Health Practitioner (CDHP) कोर्स शुरू किया जाएगा। इसका उद्देश्य हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स और अन्य पात्र उम्मीदवारों को डिजिटल हेल्थ से जुड़ी विशेषज्ञ जानकारी और व्यावहारिक कौशल देकर भविष्य के लिए तैयार करना है।
अस्पतालों में अब इलाज केवल डॉक्टर, नर्स और मेडिकल स्टाफ तक सीमित नहीं रह गया है। अस्पताल की व्यवस्था से लेकर मरीजों का डेटा, डिजिटल रिकॉर्ड, बीमा क्लेम, ऑनलाइन हेल्थ प्लेटफॉर्म और तकनीक आधारित क्लिनिकल वर्कफ्लो तक—स्वास्थ्य सेवाओं का बड़ा हिस्सा तेजी से डिजिटल हो रहा है।
ऐसे समय में एक अहम सवाल सामने आता है—क्या स्वास्थ्य क्षेत्र के पास ऐसे पर्याप्त प्रोफेशनल्स हैं, जो मेडिकल सिस्टम को समझने के साथ-साथ डिजिटल तकनीक की बारीकियों को भी जानते हों?
इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए Government Institute of Medical Sciences (GIMS), Greater Noida और National Accreditation Board for Hospitals & Healthcare Providers (NABH) ने हाथ मिलाया है।
दोनों संस्थानों के बीच एक Memorandum of Understanding (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस समझौते के तहत GIMS में NABH Certified Digital Health Practitioner (CDHP) कोर्स शुरू किया जाएगा।
तेजी से बदल रहा है हेल्थकेयर का डिजिटल सिस्टम
स्वास्थ्य सेवाओं में डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है। अस्पतालों में Hospital Management Information Systems (HMIS), डिजिटल मरीज रिकॉर्ड, Ayushman Bharat Digital Mission (ABDM), डिजिटल क्लेम प्रोसेसिंग, हेल्थकेयर डेटा एनालिटिक्स और तकनीक आधारित क्लिनिकल वर्कफ्लो जैसी व्यवस्थाएं तेजी से अपनी जगह बना रही हैं।

इन बदलावों के साथ ऐसे प्रशिक्षित लोगों की जरूरत भी बढ़ रही है, जो स्वास्थ्य सेवाओं और डिजिटल तकनीक के बीच प्रभावी तालमेल स्थापित कर सकें।
GIMS और NABH के बीच हुआ यह समझौता इसी जरूरत को पूरा करने की दिशा में एक पहल के तौर पर देखा जा रहा है। इसका उद्देश्य ऐसे प्रशिक्षित मानव संसाधन को विकसित करना है, जो भविष्य के तकनीक आधारित हेल्थकेयर सिस्टम में अस्पतालों और अन्य स्वास्थ्य संस्थानों की जरूरतों को समझ सके।
CDHP कोर्स में किन विषयों पर होगी ट्रेनिंग?
GIMS में शुरू होने वाला NABH Certified Digital Health Practitioner कार्यक्रम डिजिटल हेल्थ के कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर केंद्रित होगा।
कोर्स के तहत प्रतिभागियों को Hospital Management Information Systems (HMIS) की जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही ABDM ecosystem, integration और interoperability को भी समझाया जाएगा, ताकि डिजिटल हेल्थ प्लेटफॉर्म के बीच बेहतर समन्वय की समझ विकसित हो सके।
कार्यक्रम में Healthcare Data Management और Analytics भी महत्वपूर्ण हिस्सा होगा। आज अस्पतालों के पास मरीजों और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ा बड़ी मात्रा में डेटा मौजूद है। ऐसे में डेटा को व्यवस्थित तरीके से संभालना और उसका विश्लेषण करना हेल्थकेयर मैनेजमेंट के लिए महत्वपूर्ण होता जा रहा है।
इसके अलावा प्रतिभागियों को Cybersecurity और Data Privacy से जुड़े पहलुओं की जानकारी भी दी जाएगी। डिजिटल सिस्टम के बढ़ते इस्तेमाल के बीच स्वास्थ्य संबंधी डेटा की सुरक्षा एक अहम आवश्यकता बन चुकी है।
कोर्स में Digital Health Applications और Workflows, Healthcare Claims Processing और Reimbursement, Digital Health Standards और Interoperability तथा Healthcare Operations और Digital Transformation जैसे विषय भी शामिल किए गए हैं।
किन लोगों को मिलेगा फायदा?
इस पहल के जरिए केवल मेडिकल क्षेत्र से जुड़े लोगों को ही नहीं, बल्कि डिजिटल हेल्थ से जुड़ने वाले अन्य योग्य उम्मीदवारों को भी विशेषज्ञ ज्ञान हासिल करने का अवसर मिलेगा।
GIMS के माध्यम से Healthcare Professionals, IT Professionals और अन्य Eligible Candidates इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम से जुड़ सकेंगे। इसका उद्देश्य उन्हें डिजिटल हेल्थ के क्षेत्र में जरूरी विशेषज्ञता और व्यावहारिक कौशल उपलब्ध कराना है।

उम्मीद है कि इस तरह प्रशिक्षित प्रोफेशनल्स अस्पतालों, हेल्थकेयर संस्थानों, डिजिटल हेल्थ प्लेटफॉर्म, इंश्योरेंस और क्लेम सिस्टम तथा अन्य तकनीक आधारित स्वास्थ्य सेवाओं में अपनी भूमिका निभा सकेंगे।
GIMS निदेशक ने बताई डिजिटल दक्षता की जरूरत
MoU के अवसर पर Brig. Dr. Rakesh K. Gupta, Director, GIMS, Greater Noida ने हेल्थकेयर क्षेत्र में डिजिटल दक्षताओं के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डाला।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बदलते स्वास्थ्य सेवा तंत्र में ऐसे प्रोफेशनल्स तैयार करने की जरूरत है, जो Healthcare Delivery और Technology के बीच की दूरी को प्रभावी ढंग से कम कर सकें।
उनके अनुसार स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीक का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है और इसके साथ ऐसे मानव संसाधन की आवश्यकता भी बढ़ रही है, जो चिकित्सा क्षेत्र की कार्यप्रणाली के साथ डिजिटल सिस्टम को भी समझता हो।
भविष्य के डिजिटल हेल्थ सिस्टम के लिए तैयारी
GIMS और NABH के बीच हुआ यह MoU डिजिटल हेल्थ शिक्षा और क्षमता निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसका फोकस केवल एक नया कोर्स शुरू करने तक सीमित नहीं है, बल्कि तेजी से बदलते हेल्थकेयर सिस्टम के लिए प्रशिक्षित और सक्षम कार्यबल तैयार करने पर है।
अस्पतालों में डिजिटल रिकॉर्ड से लेकर डेटा एनालिटिक्स, ABDM, क्लेम प्रोसेसिंग और साइबर सिक्योरिटी तक तकनीक की भूमिका लगातार बढ़ रही है। ऐसे में डिजिटल और हेल्थकेयर—दोनों क्षेत्रों की समझ रखने वाले प्रोफेशनल्स की जरूरत आने वाले समय में और महत्वपूर्ण हो सकती है।
GIMS और NABH का यह सहयोग इसी बदलती जरूरत के अनुरूप डिजिटल हेल्थ शिक्षा और स्किल डेवलपमेंट को मजबूत करने की दिशा में उठाया गया कदम है। इससे ग्रेटर नोएडा में हेल्थकेयर और टेक्नोलॉजी के बीच तालमेल बढ़ाने के साथ भविष्य के तकनीक आधारित स्वास्थ्य तंत्र के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
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