योगी सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना की लखनऊ में हुई समीक्षा बैठक में 15 मार्च 2026 तक शत-प्रतिशत लक्ष्य पूर्ति, मिडिलमैन पर कार्रवाई और डिजिटल प्लेटफॉर्म के प्रभावी उपयोग के निर्देश दिए गए।
योगी सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान की प्रदेश स्तरीय समीक्षा बैठक एवं क्षमता वर्धन कार्यशाला शुक्रवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, लखनऊ में सम्पन्न हुई। बैठक की संयुक्त अध्यक्षता मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी एवं अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार ने की।
बैठक में बताया गया कि यह योजना केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि रोजगार सृजन का मिशन है। अब तक प्रदेश के 1.35 लाख युवाओं को ऋण वितरित किया जा चुका है और 15 मार्च 2026 तक शत-प्रतिशत लक्ष्य पूर्ति के निर्देश दिए गए हैं। मिशन निदेशक के. विजयेन्द्र पांडियन ने अधिकारियों को प्रतिदिन की कार्ययोजना बनाकर लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

राज्य नोडल अधिकारी सर्वेश्वर शुक्ला ने जनपदवार एवं बैंकवार प्रगति, लंबित व अस्वीकृत आवेदनों और आगामी रोडमैप पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। वहीं यूपीएसआईसी के एमडी राज कमल यादव ने रैम्प योजना के तहत संशोधित प्रशिक्षण मॉड्यूल की जानकारी दी।
अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार ने योजना को सरकार की शीर्ष प्राथमिकता बताते हुए पारदर्शी लाभार्थी चयन, इनोवेटिव प्रोजेक्ट्स और ऑनलाइन टूल्स के प्रभावी उपयोग पर जोर दिया। साथ ही मिडिलमैन और दलालों पर सख्त कार्रवाई तथा लापरवाही पर कठोर कदम उठाने के संकेत दिए।

मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी ने 72 प्रतिशत लक्ष्य पूर्ति पर संतोष जताते हुए महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने, 50 हजार लाभार्थियों का इम्पैक्ट असेसमेंट, कमजोर जनपदों पर कार्रवाई और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सीएम युवा फेलोज को प्रोत्साहन देने के निर्देश दिए।
द्वितीय सत्र में सीएम युवा मोबाइल ऐप, सीएम युवा पोर्टल और यूपी मार्ट पोर्टल के माध्यम से आवेदन, ऋण वितरण, सत्यापन और मॉनिटरिंग प्रक्रिया पर विस्तृत चर्चा की गई। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
COMMENTS