प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के बीच हुई ऐतिहासिक बैठक में यूरेनियम की दीर्घकालिक आपूर्ति, छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों पर सहयोग और 50 बिलियन डॉलर व्यापार लक्ष्य पर सहमति बनी।
हैदराबाद हाउस में नई ऊर्जा साझेदारी की नींव
नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में सोमवार को एक अहम कूटनीतिक क्षण देखने को मिला, जब Narendra Modi ने कनाडा के प्रधानमंत्री Mark Carney से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच हुई द्विपक्षीय वार्ता के बाद कई ऐतिहासिक समझौतों की घोषणा की गई, जिनमें सबसे प्रमुख रहा भारत को यूरेनियम की दीर्घकालिक आपूर्ति का समझौता।
संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि नागरिक परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में यह एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने बताया कि कनाडा भारत को लंबे समय तक यूरेनियम की आपूर्ति करेगा, जिससे देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती मिलेगी। साथ ही दोनों देश छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर (SMRs) और उन्नत परमाणु रिएक्टरों के विकास पर मिलकर काम करेंगे।
50 बिलियन डॉलर व्यापार लक्ष्य
बैठक में दोनों देशों ने द्विपक्षीय व्यापार को 50 बिलियन डॉलर तक पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य भी निर्धारित किया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ऊर्जा, रक्षा, टेक्नोलॉजी, कृषि और क्रिटिकल मिनरल्स जैसे क्षेत्रों में सहयोग को नई गति दी जाएगी।
भारत में “भारत-कनाडा पल्स प्रोटीन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस” की स्थापना का भी ऐलान किया गया, जो कृषि और खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में अनुसंधान को बढ़ावा देगा।
रक्षा और सुरक्षा में बढ़ता सहयोग
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में बढ़ता सहयोग दोनों देशों के गहरे विश्वास का प्रतीक है। समुद्री डोमेन जागरूकता, रक्षा उद्योग सहयोग और सैन्य आदान-प्रदान को बढ़ाने पर सहमति बनी है। इसी उद्देश्य से “भारत-कनाडा रक्षा संवाद” स्थापित करने का निर्णय लिया गया।
नवीकरणीय ऊर्जा और वैश्विक पहल
कनाडा ने International Solar Alliance और Global Biofuel Alliance में शामिल होने का फैसला किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने इसे सकारात्मक कदम बताते हुए कहा कि इस वर्ष “भारत-कनाडा नवीकरणीय ऊर्जा और भंडारण शिखर सम्मेलन” आयोजित किया जाएगा।
ऊर्जा क्षेत्र में दोनों देश हाइड्रोकार्बन के साथ-साथ ग्रीन हाइड्रोजन, ऊर्जा भंडारण और नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं पर साझेदारी को आगे बढ़ाएंगे।
AI, क्वांटम और सेमीकंडक्टर पर फोकस
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत-कनाडा नवाचार साझेदारी को भविष्य की दिशा बताया। उन्होंने कहा कि AI, क्वांटम कंप्यूटिंग, सुपरकंप्यूटिंग और सेमीकंडक्टर क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाया जाएगा। हाल ही में आयोजित AI इम्पैक्ट समिट में कनाडा के योगदान की भी सराहना की गई।
क्रिटिकल मिनरल्स पर हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती सुनिश्चित करेगा, जो इलेक्ट्रॉनिक्स और स्वच्छ ऊर्जा उद्योगों के लिए अहम है।

अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर साझा रुख
प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक तनावों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि भारत का रुख स्पष्ट है—संवाद और कूटनीति ही समाधान का रास्ता है। उन्होंने पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर चिंता जताई और कहा कि भारत क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने यह भी कहा कि विदेशों में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और भारत सभी देशों के साथ मिलकर इस दिशा में काम करता रहेगा।
नई वैश्विक दिशा की ओर
हैदराबाद हाउस में हुई यह बैठक केवल औपचारिक कूटनीति नहीं थी, बल्कि ऊर्जा सुरक्षा, रक्षा सहयोग और तकनीकी नवाचार के नए युग की शुरुआत मानी जा रही है। यूरेनियम आपूर्ति समझौते से भारत की परमाणु ऊर्जा क्षमता को मजबूती मिलेगी, वहीं 50 बिलियन डॉलर व्यापार लक्ष्य दोनों देशों की आर्थिक साझेदारी को नई ऊंचाई देगा।
भारत और कनाडा की यह रणनीतिक साझेदारी आने वाले वर्षों में वैश्विक ऊर्जा और तकनीकी परिदृश्य को नया आकार दे सकती है।
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