उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधान भवन में स्वास्थ्य शिविर का उद्घाटन किया। वहीं राज्यपाल के अभिभाषण में कानून-व्यवस्था और शिक्षा सुधार के ठोस आंकड़े सामने आए।
उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र से पहले विधान भवन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक विशेष स्वास्थ्य शिविर का उद्घाटन किया। यह शिविर विधानसभा और विधान परिषद के सदस्यों के लिए आयोजित किया गया है, जिसमें केजीएमयू के विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। उद्घाटन के अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष, उप मुख्यमंत्री, मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों के स्वास्थ्य की भी जांच की गई।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि स्वस्थ दिनचर्या हर नागरिक का अधिकार है और सरकार इसे सुनिश्चित करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। उन्होंने विधायकों को सलाह दी कि वे तनावमुक्त रहकर संतुलित जीवनशैली अपनाएं। सीएम ने कहा कि जब व्यक्ति उन्मुक्त वातावरण में जीवन जीता है तो रोग अपने आप दूर हो जाते हैं। उन्होंने सभी सदस्यों से इस सुविधा का लाभ लेने की अपील की।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना, विधान परिषद सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना, स्वतंत्र देव सिंह, राकेश सचान, उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह, राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह, बलदेव सिंह औलख सहित केजीएमयू की कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद और एसजीपीजीआई के निदेशक आरके धीमन मौजूद रहे।

इधर, बजट सत्र में राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण में सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति को रेखांकित किया गया। नवंबर 2019 से अब तक 35 माफिया और 94 सह-अपराधियों सहित कुल 129 को आजीवन कारावास या अन्य दंड दिए गए हैं। दो अपराधियों को मृत्युदंड, 267 अपराधी मुठभेड़ में ढेर, 977 अभियुक्त रासुका में निरुद्ध किए गए हैं। साथ ही 4,137 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति जब्त की गई है।
शिक्षा क्षेत्र में भी सरकार की उपलब्धियां गिनाई गईं। प्रदेश के सभी 75 जनपदों में मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट और अभ्युदय विद्यालय विकसित किए जा रहे हैं। 2022-23 से 2024-25 तक 2.61 लाख से अधिक टैबलेट वितरित किए गए, जबकि 2025-26 में 1.40 लाख से अधिक बच्चों को निजी विद्यालयों में निःशुल्क प्रवेश मिला। उच्च शिक्षा में 18 राज्य विश्वविद्यालयों को नैक की उत्कृष्ट श्रेणी, 9 विश्वविद्यालयों को ए++ ग्रेड और 7 को QS एशिया रैंकिंग में स्थान मिला है।
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