भारतीय जनता पार्टी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के नेतृत्व में अपनी नई राष्ट्रीय टीम का ऐलान कर दिया है। नई टीम में स्मृति ईरानी की महासचिव के तौर पर वापसी, वसुंधरा राजे और राम माधव को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी समेत कई अहम बदलाव किए गए हैं। टीम में अलग-अलग राज्यों और सामाजिक समूहों को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश साफ दिखाई देती है।
भारतीय जनता पार्टी ने राष्ट्रीय संगठन में बड़ा फेरबदल करते हुए नितिन नवीन की नई टीम का ऐलान कर दिया है। नई टीम सामने आते ही सबसे ज्यादा चर्चा कुछ बड़े नामों की हो रही है। पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की संगठन में वापसी, राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और राम माधव को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाए जाने ने पार्टी के नए संगठनात्मक समीकरणों को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
नई टीम में उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक अलग-अलग राज्यों को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की गई है। पार्टी ने अनुभवी नेताओं के साथ कई नए और अपेक्षाकृत युवा चेहरों को भी अहम जिम्मेदारियां दी हैं। ऐसे समय में जब आने वाले समय में कई राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं, भाजपा की इस नई टीम को संगठन के स्तर पर काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

नई टीम की सबसे बड़ी खबरों में से एक स्मृति ईरानी को राष्ट्रीय महासचिव बनाया जाना है। केंद्रीय मंत्री के रूप में लंबे समय तक सक्रिय रहने वाली स्मृति ईरानी की अब पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में वापसी हुई है।
राष्ट्रीय महासचिवों की सूची में महाराष्ट्र के विनोद तावड़े, दिल्ली के सुनील बंसल, त्रिपुरा के बिप्लब कुमार देब, राजस्थान के डॉ. सतीश पूनिया, मध्य प्रदेश के गजेंद्र पटेल, उत्तर प्रदेश के हरीश द्विवेदी और हरियाणा के संजय भाटिया को भी जगह मिली है।
संगठन के सबसे महत्वपूर्ण पद राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) की जिम्मेदारी बी.एल. संतोष के पास रहेगी। वहीं शिवप्रकाश और सौदान सिंह को राष्ट्रीय संयुक्त महासचिव (संगठन) की जिम्मेदारी दी गई है।

नई टीम में कुल 13 राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाए गए हैं। इनमें राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया, उत्तराखंड के तीरथ सिंह रावत, राम माधव, ओडिशा के बैजयंत पांडा, डी. पुरंदेश्वरी, उत्तर प्रदेश की रेखा वर्मा, गुजरात की वर्षाबेन नरेंद्रभाई दोशी, महाराष्ट्र की डॉ. भारती पवार, पंजाब के मनप्रीत सिंह बादल, मध्य प्रदेश के लाल सिंह आर्य, कर्नाटक के प्रो. एम. नागराजा, उत्तर प्रदेश के प्रो. तारिक मंसूर और पश्चिम बंगाल की डॉ. मधुचंद्र शामिल हैं।
13 उपाध्यक्षों में छह महिलाओं को जगह मिलना भी नई टीम की एक महत्वपूर्ण विशेषता है। इसके अलावा चार महिला सचिव और एक महिला महासचिव को जिम्मेदारी दी गई है। पार्टी ने मुस्लिम समुदाय से भी दो नेताओं को संगठन में प्रतिनिधित्व दिया है।

भाजपा की नई टीम में राज्यों के बीच संगठनात्मक संतुलन साधने की कोशिश साफ दिखाई देती है।
दिल्ली से बी.एल. संतोष, सुनील बंसल, संदीप पाठक, स्वदेश सिंह और जय प्रकाश को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिली हैं। महाराष्ट्र से भारती पवार, शिवप्रकाश, विनोद तावड़े और पीयूष गोयल को जगह मिली है।
राजस्थान से वसुंधरा राजे, सतीश पूनिया और राजेश मंगल को जिम्मेदारी दी गई है। उत्तराखंड से तीरथ सिंह रावत और महेंद्र पांडे, जबकि मध्य प्रदेश से लाल सिंह आर्य, गजेंद्र पटेल और कविता पाटीदार को टीम में शामिल किया गया है।
गुजरात से वर्षाबेन नरेंद्रभाई दोशी, जगदीश ईश्वरभाई पटेल, रोहन गुप्ता और युवा मोर्चा के लिए हेमांग जोशी का नाम सामने आया है। हरियाणा से संजय भाटिया को राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया है।
पंजाब से मनप्रीत सिंह बादल को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है। वहीं सौदान सिंह को राष्ट्रीय संयुक्त महासचिव (संगठन) और तरुण चुघ को राष्ट्रीय कार्यालय प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है।

नई टीम में 16 राष्ट्रीय मंत्री बनाए गए हैं। इनमें मध्य प्रदेश की कविता पाटीदार, केरल के के. सुरेंद्रन, उत्तर प्रदेश के डॉ. भोला सिंह, झारखंड के डॉ. प्रदीप वर्मा, गुजरात के जगदीश ईश्वरभाई पटेल, दिल्ली के डॉ. संदीप पाठक, नागालैंड की फांगनोन कोन्याक, उत्तर प्रदेश की संगीता यादव, केरल के अनिल एंटनी, तमिलनाडु के डॉ. एम. वेंकटेशन, पश्चिम बंगाल के मनोज टिग्गा, बिहार के सिद्धार्थ शंभु, दिल्ली की डॉ. स्वदेश सिंह, असम की मृगांका देव बर्मन, गुजरात के रोहन गुप्ता और दिल्ली के जय प्रकाश शामिल हैं।
पार्टी ने पीयूष गोयल को राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष और राजस्थान के राजेश मंगल को राष्ट्रीय सह-कोषाध्यक्ष बनाया है।

नई टीम के ऐलान के बाद भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने सभी पदाधिकारियों को बधाई दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा कि अनुभव और ऊर्जा से समृद्ध यह टीम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में संगठन को नई गति देगी।
नितिन नवीन ने भरोसा जताया कि टीम के सभी सदस्य कार्यकर्ता भाव से संगठन को मजबूत करेंगे और ‘विकसित भारत’ के संकल्प तथा राष्ट्रसेवा के ध्येय को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे।
कुल मिलाकर भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम केवल पदों की सूची नहीं, बल्कि आने वाले राजनीतिक दौर के लिए संगठन की दिशा का संकेत भी मानी जा रही है। बड़े और अनुभवी चेहरों के साथ नए नेताओं को जगह देकर पार्टी ने जहां संगठन में निरंतरता बनाए रखने की कोशिश की है, वहीं राज्यों, महिलाओं और विभिन्न सामाजिक समूहों को प्रतिनिधित्व देकर व्यापक संगठनात्मक संतुलन साधने का संदेश भी दिया है।
अब सवाल यही है कि नितिन नवीन की यह ‘नई टीम’ आने वाले चुनावी मैदान में भाजपा के संगठन को कितना मजबूत कर पाती है और जिन चेहरों पर पार्टी ने भरोसा जताया है, वे जमीन पर उस भरोसे को किस तरह परिणाम में बदलते हैं।
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