दिल्ली के कल्याणपुरी में सफाई कर्मचारी अनिल की हत्या के बाद सोमवार को राजधानी के सफाईकर्मियों ने हड़ताल शुरू कर दी। हजारों कर्मचारी लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल पहुंचे और अनिल को न्याय दिलाने की मांग करते हुए जमकर नारेबाजी की। कर्मचारियों का आरोप है कि हत्या के 24 घंटे बाद भी पोस्टमार्टम नहीं हुआ और आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। कर्मचारियों ने आरोपी के एनकाउंटर, परिवार को नौकरी और मुआवजे की मांग उठाई है।
दिल्ली की सड़कों पर रोज सुबह सबसे पहले झाड़ू लेकर उतरने वाले सफाई कर्मचारियों के हाथ सोमवार को थम गए। वजह सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि उस हत्या के बाद इंसाफ के इंतजार में बढ़ता गुस्सा है। कल्याणपुरी में सफाई कर्मचारी अनिल की दिनदहाड़े चाकू मारकर हत्या के बाद सोमवार को दिल्ली के सफाई कर्मचारियों ने हड़ताल शुरू कर दी।
सुबह से ही बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल परिसर में पहुंचने लगे। देखते ही देखते अस्पताल के आसपास हजारों कर्मचारियों की भीड़ जमा हो गई। हाथों में विरोध और न्याय की मांग, आंखों में गुस्सा और जुबान पर एक ही सवाल—अनिल को इंसाफ कब मिलेगा?
अस्पताल परिसर में लगातार नारेबाजी होती रही। सफाई कर्मचारी अनिल के परिवार के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठा रहे हैं। कई कर्मचारी आरोपी के एनकाउंटर की मांग भी कर रहे हैं।
कल्याणपुरी में दिनदहाड़े हुआ था हमला
दरअसल, रविवार को दिल्ली के कल्याणपुरी इलाके में सफाई कर्मचारी अनिल की हत्या कर दी गई थी। आरोप है कि हमलावर ने दिनदहाड़े चाकू से अनिल पर कई वार किए। इस पूरी घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था।
सीसीटीवी में दिखाई देता है कि आरोपी अनिल पर चाकू से हमला करता है और उसके पेट में कई बार वार करता है। हमला करने के बाद आरोपी मौके से चला जाता है। कुछ ही सेकेंड बाद अनिल जमीन पर गिर पड़ता है।
दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने सफाई कर्मचारियों को झकझोर कर रख दिया। उनका कहना है कि जो व्यक्ति रोज दिल्ली को साफ रखने के लिए अपनी जान जोखिम में डालकर काम करता है, उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी आखिर किसकी है?
24 घंटे बाद भी पोस्टमार्टम नहीं, बढ़ता गया आक्रोश
हत्या के बाद सफाई कर्मचारी पहले ही एकजुट हो गए थे। उनका कहना था कि अगर अनिल को जल्द न्याय नहीं मिला तो वे काम बंद कर देंगे। कर्मचारियों ने आरोपी के एनकाउंटर की मांग भी उठाई थी।
अब सोमवार को कर्मचारियों ने अपना विरोध हड़ताल के रूप में शुरू कर दिया। उनका सबसे बड़ा आक्रोश इस बात को लेकर है कि हत्या के करीब 24 घंटे बाद भी अनिल का पोस्टमार्टम नहीं हुआ है। साथ ही आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर भी कर्मचारियों में नाराजगी बनी हुई है।
यही वजह है कि बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी LBS अस्पताल पहुंच गए और धरने पर बैठ गए। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
परिवार के लिए नौकरी और मुआवजे की मांग
सफाई कर्मचारियों की मांग केवल आरोपी के खिलाफ कार्रवाई तक सीमित नहीं है। वे अनिल के परिवार के लिए आर्थिक मुआवजे और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग भी कर रहे हैं।
कर्मचारियों का कहना है कि अनिल परिवार का सहारा था। उसकी मौत ने परिवार को आर्थिक और भावनात्मक दोनों स्तरों पर तोड़ दिया है। ऐसे में सरकार को परिवार की जिम्मेदारी उठानी चाहिए।
सोमवार को किसी भी सफाई कर्मचारी के काम पर नहीं आने से दिल्ली की सफाई व्यवस्था पर भी असर पड़ने की आशंका है। अगर हड़ताल लंबी खिंचती है तो इसका सीधा असर सड़कों, बाजारों और रिहायशी इलाकों की सफाई पर पड़ सकता है।
भाजपा विधायक ने भी की सख्त कार्रवाई की मांग
सफाई कर्मचारी अनिल पर हुए चाकू के हमले और उसकी हत्या को लेकर भाजपा विधायक रवि कांत ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जब दिल्ली सो रही होती है, तब सफाई कर्मचारी शहर को साफ-सुथरा रखने के लिए काम करते हैं।
रवि कांत ने कहा कि ऐसे निर्दयी लोगों की ऐसी घिनौनी हरकत सिर्फ एक सफाई कर्मचारी पर हमला नहीं है, बल्कि पूरे समाज पर हमला है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को बिल्कुल भी बख्शा नहीं जाना चाहिए।
उन्होंने साफ कहा कि अनिल को सच्ची श्रद्धांजलि तभी मिलेगी, जब अपराधी को गिरफ्तार किया जाएगा और उसके खिलाफ पूरी कानूनी कार्रवाई होगी।
अब सवाल सिर्फ एक हत्या का नहीं
अनिल की हत्या के बाद शुरू हुआ यह आंदोलन अब दिल्ली की सफाई व्यवस्था से भी जुड़ता नजर आ रहा है। सफाई कर्मचारी अपने साथी के लिए सड़क पर हैं और प्रशासन से जवाब मांग रहे हैं।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या एक सफाई कर्मचारी की हत्या के बाद न्याय के लिए उसके साथियों को हड़ताल पर उतरना ही पड़ेगा? क्या पोस्टमार्टम और गिरफ्तारी जैसी कार्रवाई के लिए भी कर्मचारियों को अस्पताल के बाहर धरना देना जरूरी है?
फिलहाल LBS अस्पताल में सफाई कर्मचारियों का प्रदर्शन जारी है। उनकी मांग साफ है—अनिल के परिवार को न्याय, आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, परिवार को मुआवजा और नौकरी।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस बढ़ते आक्रोश को किस तरह शांत करता है और अनिल के परिवार को इंसाफ दिलाने की दिशा में कितनी तेजी से कार्रवाई होती है। क्योंकि मामला सिर्फ एक कर्मचारी की मौत का नहीं, बल्कि उन हजारों हाथों के भरोसे का भी है जो हर दिन दिल्ली को साफ रखने के लिए सड़कों पर उतरते हैं।
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