दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने और विद्यार्थियों के शिक्षा एवं कौशल विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गाजियाबाद में सहायक उपकरण और शैक्षिक लाभ वितरित किए गए। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेंद्र कश्यप मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण वितरित किए और विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति स्वीकृति पत्र एवं ओ-लेवल प्रमाणपत्र प्रदान किए।
कार्यक्रम के दौरान कुल 162 सहायक उपकरण वितरित किए गए। इनमें 52 मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल, 50 सामान्य ट्राइसाइकिल, 50 व्हीलचेयर, 10 कान की मशीनें और 5 स्मार्ट कैन शामिल रहीं। इसके अतिरिक्त, पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत 25 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति स्वीकृति पत्र तथा 3 विद्यार्थियों को ओ-लेवल प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।
52 मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल से आसान होगा आवागमन
कार्यक्रम में वितरित 52 मोटराइज्ड ट्राइसाइकिलों में से 37 श्रीराम पिस्टन्स कंपनी के कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) सहयोग से प्राप्त हुईं। कंपनी ने इस उद्देश्य के लिए 25 लाख रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई। वहीं, शेष 15 मोटराइज्ड ट्राइसाइकिलों का वित्तपोषण राज्य सरकार की ओर से किया गया।

मंत्री नरेंद्र कश्यप ने लाभार्थियों से संवाद कर उनकी जरूरतों और समस्याओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने लाभार्थियों को हेलमेट पहनाए और मोटराइज्ड ट्राइसाइकिलों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान लाभार्थियों को उपकरणों का नियमित और सुरक्षित इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित किया गया।
सहायक उपकरणों का उद्देश्य दिव्यांगजनों के दैनिक जीवन को सुविधाजनक बनाना, आवागमन में आने वाली कठिनाइयों को कम करना और उन्हें शिक्षा, रोजगार तथा सामाजिक गतिविधियों में अधिक स्वतंत्रता के साथ भाग लेने का अवसर देना है।
शिक्षा और तकनीकी प्रशिक्षण से आत्मनिर्भरता पर जोर
कार्यक्रम में दिव्यांगजनों के सशक्तीकरण के साथ विद्यार्थियों की शिक्षा और तकनीकी दक्षता को भी महत्व दिया गया। पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की छात्रवृत्ति योजना के तहत 25 विद्यार्थियों को स्वीकृति पत्र वितरित किए गए, जबकि तीन विद्यार्थियों को ओ-लेवल प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।
मंत्री नरेंद्र कश्यप ने विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई जारी रखने और तकनीकी कौशल विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा और कंप्यूटर प्रशिक्षण युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार करने में मददगार साबित हो सकते हैं। छात्रवृत्ति से विद्यार्थियों को पढ़ाई जारी रखने में आर्थिक सहायता मिलती है, जबकि ओ-लेवल जैसे प्रशिक्षण कार्यक्रम उन्हें तकनीकी क्षेत्र में अपनी क्षमता विकसित करने का अवसर देते हैं।
उन्होंने पात्र विद्यार्थियों और परिवारों से सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त करने और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार समय से आवेदन करने की अपील की।

दिव्यांग पेंशन और अन्य योजनाओं की दी जानकारी
अपने संबोधन में मंत्री ने दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की ओर से संचालित दिव्यांग पेंशन, सहायक उपकरण वितरण और अन्य कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पात्र दिव्यांगजन योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए संबंधित विभाग से संपर्क कर आवेदन कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल जैसे उपकरण दिव्यांगजनों के लिए आवागमन को अधिक सुविधाजनक बना सकते हैं। इससे उन्हें पढ़ाई, रोजगार और रोजमर्रा के कार्यों में अधिक स्वतंत्रता के साथ भाग लेने में सहायता मिलती है।
पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की योजनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने छात्रवृत्ति, ओ-लेवल प्रशिक्षण और शादी अनुदान योजना के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने के लिए जागरूकता और समय पर आवेदन महत्वपूर्ण हैं।
विभागीय बजट में वृद्धि का किया उल्लेख
मंत्री नरेंद्र कश्यप ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में पिछड़ा वर्ग कल्याण और दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के बजट में वृद्धि की गई है। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों के समय दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग का बजट लगभग 600 करोड़ रुपये होने का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार में इसमें उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है।

उनके अनुसार, बजट में वृद्धि और योजनाओं के विस्तार का उद्देश्य अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों तक सरकारी सहायता पहुंचाना है।
कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने लाभार्थियों के पास जाकर उनसे बातचीत की और उनकी आवश्यकताओं तथा समस्याओं के बारे में जानकारी ली। लाभार्थियों का सम्मान भी किया गया। इस अवसर पर दिव्यांगजन, विद्यार्थी और संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
सशक्तीकरण की दिशा में सहायता और कौशल विकास पर जोर
गाजियाबाद में आयोजित इस कार्यक्रम में दिव्यांगजनों को आवागमन के लिए सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के साथ विद्यार्थियों को शिक्षा और तकनीकी प्रशिक्षण के लिए प्रोत्साहित किया गया। मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल, व्हीलचेयर और अन्य उपकरणों से दिव्यांगजनों की दैनिक गतिविधियों को आसान बनाने का प्रयास किया गया, जबकि छात्रवृत्ति और ओ-लेवल प्रमाणपत्र के माध्यम से विद्यार्थियों के शैक्षिक एवं कौशल विकास को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।
ऐसी योजनाओं का प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि पात्र लाभार्थियों तक सहायता समय पर पहुंचे और उन्हें शिक्षा, रोजगार तथा सामाजिक जीवन में आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर मिलें।
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